ईद मुबारक: मेरठ निवासी सरोज एवं दिल्ली की अनीता ने मुस्लिम समाज को दी डेढ़ करोड़ रुपए की ईदी

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देहरादून। देश में लगातार बढ़ रही नफरत, धार्मिक उन्माद एवं आगजनी की घटनाओं के बीच उत्तराखंड से दिल को सुकून देने वाली एक खबर सामने आई है। प्रदेश के काशीपुर की दो हिंदू बेटियों अनीता रस्तोगी एवं सरोज रस्तोगी ने सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल पेश करते हुए मुस्लिम भाइयों को ईद का बड़ा तोहफा देकर एक उदाहरण पेश किया है। कई बार एक धर्म के लोगों द्वारा दूसरे धर्म के लोगों से संबंधित कारोबार करने या आपस में दोस्ताना संबंध बना लेने को भी सांप्रदायिक रंग देने वाले लोगों के लिए भी यह सांप्रदायिक सौहार्द का एक वास्तविक एवं अनुकरणीय उदाहरण है। यहां दो विवाहित हिंदू बहनों ने अपने पारिवारिक सदस्यों की मौजूदगी में उनकी सहमति से अपने दिवंगत पिता की इच्छा के अनुरूप अपनी करीब 4 बीघा जमीन का कब्जा ईदगाह के विस्तारीकरण के लिए ईदगाह कमेटी को दान कर दिया है। दान की गई जमीन का मूल्य डेढ़ करोड़ रुपए से अधिक आंका गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार काशीपुर में ईदगाह मैदान के पास लाला बृजनंदन प्रसाद रस्तोगी के परिवार की खेती की जमीन है। इस जमीन के खाता संख्या 827 (1) एवं (2) का करीब 4 बीघा हिस्सा ईदगाह की बाउंड्री से सटा हुआ है। इस हिस्से को शामिल करने पर ईदगाह का स्वरूप आयताकार हो जाता है। ब्रजनंदन के अपने जीवनकाल में ईदगाह कमेटी के जिम्मेदारों से करीबी संबंध थे। वह हर साल ईदगाह के लिए चंदा भी देते थे अन्य तरीकों से भी स्वर्गीय ब्रजनंदन ईदगाह कमेटी की मदद जीवन भर करते रहे। अपने जीवन काल में ब्रजनंदन इस जमीन को ईदगाह के लिए दान करने के इच्छुक थे। लेकिन यह रकबा उनकी दोनों बेटियों सरोज रस्तोगी एवं अनिता रस्तोगी के नाम पर दर्ज था। बेटियों के शादीशुदा होने के चलते वह चाह कर भी इस जमीन को ईदगाह को देने के बारे में नहीं कह सके थे। बृजनंदन प्रसाद रस्तोगी की 25 जनवरी 2003 को मृत्यु हो गई थी। उनके निधन के बाद यह मामला भी ठंडे बस्ते में चला गया।

कुछ समय पहले मेरठ एवं दिल्ली में रहने वाली उनकी बेटियों सरोज रस्तोगी एवं अनिता रस्तोगी को बातों-बातों में पिता की इच्छा के बारे में जानकारी हुई तो उन्होंने अपने पिता की इच्छा पूर्ति के लिए जमीन को दान करने के लिए अपने अपने परिजनों से बात की। जिन्होंने सहर्ष ही इसकी स्वीकृति दे दी। दोनों बहनों ने भाई राकेश रस्तोगी की मदद से कमेटी के सदर हसीन खान से संपर्क कर ईदगाह से सटी जमीन दान करने की इच्छा जताई। दोनों बहनों की सहमति पर सरोज रस्तोगी के पति सुरेंद्र वीर रस्तोगी एवं बेटे विश्ववीर रस्तोगी के साथ ही अनीता के बेटे अभिषेक रस्तोगी रविवार को काशीपुर पहुंचे एवं समाजसेवी पुष्प अग्रवाल, राकेश रस्तोगी एवं अन्य परिचितों की मौजूदगी में ईदगाह के सदर हसीन खान को मौके पर बुलाकर हल्का लेखपाल से जमीन की पैमाइश कराते हुए ईदगाह से उक्त जमीन पर कमेटी को कब्जा दे दिया। दोनों बहनों एवं उनके परिजनों का कहना था कि उन्होंने दिवंगत ब्रजनंदन रस्तोगी की इच्छा का सम्मान किया है।

ईदगाह कमेटी के सदर हसीन खान ने कहा कि काशीपुर सदा से कौमी एकता की मिसाल कायम करता रहा है। पूरे क्षेत्र में हर पर्व को मिलजुल कर सामूहिक रूप से मनाया जाता है। हमारी बहनों सरोज एवं अनिता रस्तोगी ने ईदगाह के विस्तार के लिए 4 बीघा जमीन दान में दी है। मैं पूरे समुदाय की ओर से इस पुनीत कार्य के लिए उनका तहे दिल से शुक्रिया अदा करता हूं और उम्मीद करता हूं कि आगे भी सभी धर्मों के लोग एक दूसरे के सुख दुख में साथ निभाते रहेंगे।

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