एम्स ऋषिकेश सहित कई राज्यों में 2 दर्जन से अधिक स्थानों पर सीबीआई की छापेमारी से हड़कंप

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एम्स ऋषिकेश में 4.40 करोड़ रुपए के घोटाले का सीबीआई ने किया पर्दाफाश,
11 लोगों के खिलाफ दो अलग-अलग मुकदमे हुए दर्ज, एम्स ऋषिकेश के डॉक्टर एवं अधिकारियों पर मुकदमा दर्ज

देहरादून। सीबीआई ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स ऋषिकेश में दवा और अन्य उपकरणों में अनियमितताओं के मामले में उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और दिल्ली समेत दो दर्जन स्थानों पर छापेमारी की है। छापा पडने की खबर से एम्स के प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप मच गया। एम्स ऋषिकेश में 4.40 करोड़ रुपए के घोटाले का भी पर्दाफाश हुआ है।

सीबीआई ने स्वीपिंग मशीन और फर्जी ढंग से मेडिकल स्टोर स्थापित करने के अलग-अलग मामलों में एम्स के पांच अधिकारियों समेत आठ लोगों पर दो मुकदमे दर्ज किए हैं। सीबीआई ने एम्स ऋषिकेश के 7 बड़े अधिकारियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। सीबीआई की टीम ने शुक्रवार को सभी आरोपियों के ठिकानों पर छापेमारी की। देशभर में सीबीआई ने 24 स्थानों पर छापेमारी की यह कार्रवाई की है। आपको बता दें कि एम्स ऋषिकेश में मशीनों की खरीद फरोख्त एवं निविदा में धांधली करने के मामले में सीबीआई ने एम्स के चिकित्सकों सहित 11 के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।

सीबीआई की ओर से 3 फरवरी 2022 को एम्स ऋषिकेश का औचक निरीक्षण किया गया था इस दौरान सड़क की सफाई करने वाली मशीन खरीदने के लिए 5 सदस्य कमेटी गठित की गई थी। कमेटी में बलराम जी ओमर, संकाय प्रभारी अस्पताल स्टोर, डाक्टर बृजेश सिंह विभाग अध्यक्ष शारीरिक विज्ञान, डॉक्टर अनुभा अग्रवाल डीएमएस, दीपक जोशी लेखाधिकारी एवं शशिकांत प्रशासनिक अधिकारी शामिल थे।

2 करोड रुपए की कीमत की मशीन सिर्फ 124 घंटे चली
टेंडर प्रक्रिया में घपलेबाजी करते हुए उक्त कमेटी ने योग्य कंपनी को बाहर करते हुए अयोग्य कंपनी को टेंडर दिया और दो करोड़ की मशीन की खरीद की गई जो सिर्फ 124 घंटे ही चल पाई थी। इस मामले में सीबीआई ने 4 चिकित्सकों सहित डिवाइस के प्रोपराइटर पुनीत शर्मा के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।

केमिस्ट की दुकान करने में भी अनियमितताएं
एम्स में केमिस्ट की दुकान का टेंडर आवंटित करने में भी अनियमितताएं पाई गई है। टेंडर लेने के लिए मैसर्स त्रिवेणी सेवा फार्मेसी की ओर से जो दस्तावेज लगाए गए हैं वह सही नहीं पाए गए। इस मामले में सीबीआई की ओर से ग्राम शेरगढ़ टापू जिला करनाल हरियाणा निवासी पंकज शर्मा पार्टनर मैसेज त्रिवेणी सेवा फार्मेसी पथेरा जिला करनाल हरियाणा निवासी शुभम शर्मा मैसर्स त्रिवेणी सेवा फार्मेसी और अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। सीबीआई दोनों मामलों में आज उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और दिल्ली समेत 24 अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर रही है।

बताया जा रहा है कि आरोपी अपने ठिकानों से गायब हो गए हैं। जानकारी के मुताबिक एम्स प्रशासन से जुड़ी एक महिला अधिकारी के पति जो ऋषिकेश के एक डेंटल कॉलेज में बड़े पद पर तैनात हैं उनके घर और मुनीकीरेती क्लीनिक भी सीबीआई की टीम पहुंची। इसके अलावा कैंपस में रहने वाले आरोपियों के यहां भी सीबीआई की टीम कार्रवाई कर रही है।

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