दावा- कांग्रेस के कईं विधायक एवं नेता हमारे संपर्क में: भाजपा

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देहरादून। उत्तराखंड में भले ही अभी चुनाव में छह महीने का वक्त बचा है लेकिन राज्य में चुनावी सरगर्मियां शुरू हो चुकी हैं। पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं विधायक प्रीतम सिंह पंवार भाजपा से प्रीत लगा भाजपा में शामिल हो चुके हैं। वहीं राजधानी की रायपुर विधानसभा सीट से भाजपा से बगावत कर 2017 का चुनाव निर्दलीय लड चुके खांटी संघी 30 वर्षों से हिन्दुत्तव का झंडा उठाने वाले महेन्द्र प्रताप सिंह “नेगी गुरूजी” एवं मसूरी से पिछला विधानसभा चुनाव निर्दलीय लड़ चुके वरिष्ठ भाजपा नेता राजकुमार जायसवाल भी कांग्रेस का हाथ थाम चुके हैं। कईं अन्य नेताओं ने पार्टियां बदलनी शुरू कर दी है। ऐसे में यह पता लगा पाना या जान पाना मुश्किल है कि कौन कब किधर चला जाएगा।

ऐसे में भाजपा का बडा दावा सामने आया है कि कांग्रेस के तीन विधायक उसके संपर्क में हैं और वह कभी भी भाजपा की सदस्यता ले सकते हैं।

काबीना मंत्री धन सिंह रावत का कहना है कि लोग उधर ही जाएंगे जिधर की हवा होगी और हवा भाजपा के पक्ष में है इसलिए लोग भाजपा की ओर आ रहे है, अच्छे लोगों का पार्टी में स्वागत है जो भी आना चाहते हैं। दूसरे कैबिनेट मंत्री यतीश्वरानंद का कहना है कि कांग्रेस एक डूबता जहाज है। भला डूबते जहाज पर कोई क्यों सवार होगा डूबते जहाज को छोड़कर लोग भागते ही हैं।

भाजपा नेताओं की इस बयानबाजी के जवाब में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा है कि भगदड़ तो भाजपा में ही मची हुई है वह अभी नहीं बताना चाहते हैं कि भाजपा के कितने विधायक और नेता कांग्रेस के संपर्क में हैं, समय आने पर पता चल जाएगा कौन किसके साथ है।

उधर पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत का कहना है कि भाजपा 2016 की तरह कांग्रेस के नेताओं को पद का लालच दे रही है। लेकिन अब भाजपा के झांसे में कोई भी आने वाला नहीं है। 2016 में कांग्रेस छोठकर भाजपा में शामिल होने वाले नेताओं की दुर्गति किसी से छुपी हुई नहीं है। हाल ही में रायपुर विधानसभा में क्षेत्रीय विधायक एवं भाजपा पदाधिकारियों कार्यकर्ताओं के बीच हुई तू तू मैं मैं का वीडियो सब ने देखा है। ऐसे में अपनी दुर्गति कराने के लिए भाजपा में कौन जाना चाहेगा। उन्होंने कहा कि भाजपा इस बात की चिंता करे कि उसके कितने नेता हमारे संपर्क में हैं।

उल्लेखनीय है कि प्रीतम पंवार के बाद भाजपा की नजर अब राम सिंह कैड़ा पर लगी हुई है। लेकिन कांग्रेस के लिए यह अत्यंत ही चिंताजनक है कि उसके पास अब गिनती के नेता व विधायक बचे हैं अगर कुछ कांग्रेसी भाजपा में चले जाते हैं तो कांग्रेस के पास कितने विधायक बचेंगे।

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