राजपुर, कैंट और विकासनगर में 11 तो धर्मपुर में 18 चक्र में पूरी होगी गिनती, मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने दी पूरी जानकारी

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166325 डाक मतपत्र में से 107314 मतपत्र चुनाव आयोग तक पहुंचे

चुनाव आयोग की वेबसाइट पर मिलेगा मतगणना का ताजा अपडेट

देहरादून। पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव के परिणाम कल जारी होंगे। उत्तराखंड में भी चुनाव आयोग ने निष्पक्ष मतगणना के लिए व्यापक प्रबंध किये है। मतगणना की पूर्व संध्या पर प्रदेश की मुख्य निर्वाचन अधिकारी सौजन्या ने जानकारी देते हुए बताया कि 10 मार्च की सुबह 8 बजे सबसे पहले डाक मतों की गिनती की जाएगी। सभी 70 विधानसभा सीटों की विभिन्न राउंड की मतगणना के लिए जिला मुख्यालयों में आवश्यक टेबल लगा दी गयी है। इसके अलावा मतगणना के लिए कार्मिक, प्रेक्षक, माइक्रो आब्जर्वर व सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है।

उन्होंने कहा कि मतगणना स्थल पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये गए हैं। सभी 70 विधानसभा इलाकों की मतगणना के लिए पर्याप्त टेबल की व्यवस्था की गई है।

उन्होंने बताया कि सभी 70 विधान सभा निर्वाचन क्षेत्रों में मतगणना कार्य के लिए 70 प्रेक्षक तैनात किए गए हैं, जो सभी संबंधित जनपदों / विधान सभा निर्वाचन क्षेत्रों में पहुँच चुके हैं।

मतगणना कार्य में राज्य की सभी 70 विधान सभा निर्वाचन क्षेत्रों के अन्तर्गत लगभग-7,681 कार्मिकों की तैनाती की गयी है जिसमें 1296 माइक्रो आब्जर्वर भी सम्मिलित है। इसी प्रकार सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने के लिए 08 कम्पनी केन्द्रीय अर्द्धसैनिक बल, 14 कम्पनी पी.ए.सी. तथा लगभग 6500 राज्य पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं।

गणना प्रारम्भ करने से पूर्व प्रत्येक रिटर्निग आफिसर/ सहायक रिटर्निग आफिसर द्वारा गोपनीयता बनाए रखने हेतु मतगणना हॉल में उपस्थित कार्मिकों / गणना अभिकर्ताओं / अभ्यर्थियों तथा निर्वाचन अभिकर्ता आदि को लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम-1951 की धारा-128 पढ़कर सुनाई जाएगी। रिटर्निगं आफिसर हस्तपुस्तिका के अध्याय-15 प्रस्तर 15.15.4 के साथ पठित निर्वाचनों का संचालन नियम-1961 के नियम-54क में निहित प्राविधानों के अनुसार प्रातः 08:00 बजे सर्वप्रथम डाक मतपत्रों की गणना प्रारम्भ की जायेगी और 30 मिनट के अन्तराल के बाद EVMs में प्राप्त मतों की गणना प्रारम्भ की जायेगी।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी सौजन्या (फ़ाइल फोटो)
धारा-128 मतदान की गोपनीयता को बनाए रखना:

(1)- ऐसा हर आफिसर, लिपिक, अभिकर्ता या अन्य व्यक्ति, जो निर्वाचन में मतों को अभिलिखित करने या उनकी गणना करने से संसक्त किसी कर्तव्य का पालन करता है, मतदान की गोपनीयता को बनाए रखेगा और बनाए रखने में सहायता करेगा और ऐसी गोपनीयता का अतिक्रमण करने के लिए प्रकल्पित कोई जानकारी किसी व्यक्ति को (किसी विधि के द्वारा या अधीन प्राधिकृत किसी प्रयोजन के लिए संसूचित करने के सिवाय) संसूचित न करेगा। (2) – जो कोई व्यक्ति उप धारा (1) के उपबंधों का उल्लंघन करेगा, व कारावास से, जिसकी अवधि तीन मास तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनो से, दण्डनीय होगा।

आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार, दिनांक 10 मार्च, 2022 को प्रातः 08:00 बजे तक प्राप्त डाक मतपत्रों से संबंधित सभी लिफाफों को गणना में सम्मिलित किया जाएगा। उक्त नियत समय के पश्चात प्राप्त डाक मतपत्रों से संबंधित लिफाफों को गणना में सम्मिलित नहीं किया जा सकेगा। उक्त के संबंध में डाक विभाग को भी समय-समय पर निर्देशित किया जा चुका है कि, दिनांक 09 मार्च, 2022 की देर सांय तक प्राप्त डाकमतपत्रों से संबंधित लिफाफों को पूर्ण सुरक्षा व्यवस्था के साथ देर सांय तक ही संबंधित जिला निर्वाचन अधिकारी / रिटर्निगं आफिसर कार्यालय (जो भी पता लिफाफे में अंकित हो) तक पहुँचाने की व्यवस्था सुनिश्चित कर लें। इस संबंध में समस्त जिला निर्वाचन अधिकारियों भी निर्देशित किया गया है कि वह निरन्तर मुख्य डाकघर / शाखा डाकघर से समन्वय बनाए रखें और डाक मतपत्रों से संबंधित लिफाफों की समय से प्राप्ति सुनिश्चत कर लें। इस प्रकार दिनांक 10 मार्च, 2022 की प्रातः 08:00 बजे से पूर्व तक प्राप्त डाक मतपत्रों के समस्त लिफाफों की डाक विभाग द्वारा डिलीवरी सुनिश्चित करने के साथ ही संबंधित जिला निर्वाचन अधिकारी / रिटर्निगं आफिसर द्वारा प्राप्ति सुनिश्चित करते हुए उन्हें गणना में सम्मिलित किया जाएगा।

4- 08 मार्च, 2022 तक प्राप्त डाक मतपत्रों का विवरण निम्न प्रकार है:

डाक मतपत्रों की उक्त सूचना समस्त जिला निर्वाचन अधिकारियों/रिटर्निगं आफिसरों के द्वारा भी निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थियों / मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों को समय-समय पर उपलब्ध करायी जा रही है।

5- आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार समस्त रिटर्निगं आफिसरों के द्वारा अपनी-अपनी विधान सभा निर्वाचन क्षेत्रों के अन्तर्गत मतगणना हेतु लगाई जा रही प्रत्येक मेज पर मतगणना अभिकर्ता नियुक्त किए जाने हेतु निर्वाचनों का संचालन नियम-1961 के नियम-52 (2) में निहित प्राविधानों के अनुसार प्रारूप-18 पर विधिवत आवेदन करने का अनुरोध किया जा चुका है। इस प्रकार मतगणना अभिकर्ताओं की नियुक्ति से संबंधित पूर्ण रूप से भरे हुए प्रारूप-18 मतगणना के लिए नियत दिनांक से तीन दिन पूर्व अपरान्ह 05:00 बजे तक संबंधित रिटर्निगं आफिसर को प्रस्तुत किए जाने थे।

6- मतगणना परिसर / हॉल / कक्ष में केवल अधिकृत व्यक्ति ही प्रवेश का हकदार होगा। किसी भी अनधिकृत व्यक्ति को मतगणना परिसर / हॉल / कक्ष में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। इसी प्रकार गणना परिसर / हॉल / कक्ष में किसी भी प्रकार का आग्नेयाशस्त्र, मोबाईल फोन, कैमरा, स्पाई कैमरा आदि ले जाने की अनुमति नहीं होगी। केवल आयोग द्वारा अधिकृत कुछ अधिकारियों को ही गणना परिसर / हॉल / कक्ष में मोबाइल फोन ले जाने की नियमानुसार अनुमति होगी। मतगणना परिसर / हॉल / कक्ष पूर्ण रूप से धूम्रपान वर्जित क्षेत्र होगा।

7 भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों एवं उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार प्रत्येक व्यक्ति द्वारा कोविड-19 अनुरूपी व्यवहार / कोविड मानक संचालन नियमों का अक्षरशः अनुपालन अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा। मतगणना परिसर / हॉल / कक्ष में नियमानुसार वही व्यक्ति प्रवेश के हकदार होंगें जो डबल वैक्सीनेटेड हैं। यदि कोई व्यक्ति डबल वैक्सीनेटेड नहीं है तो ऐसे किसी भी व्यक्ति को उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के विद्यमान निर्देशों के अनुसार 48 घण्टे पूर्व की आर.टी.पी.सी.आर/आर.ए.टी. निगेटिव रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी।

8- भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों एवं उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के कोविड नियंत्रण संबंधी दिशा निर्देशों के अनुसार दिनांक 10 मार्च, 2022 तक राजनैतिक जुलूस-प्रदर्शन प्रतिबंधित है।

9 – राज्य के सभी मतगणना केन्द्रों पर सुरक्षा के समुचित प्रबंध सुनिश्चित किए गए हैं। प्रत्येक मतगणना केन्द्र पर इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिन्ट मीडिया के अधिकृत प्रतिनिधियों के लिए भी कवरेज आदि के लिए आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार समुचित प्रबंध किए गए हैं।

10- आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार यदि किसी विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र में जीत का अंतर मतगणना के समय रद्द किए गए डाक मतपत्रों से कम हो, तो परिणाम की घोषणा से पूर्व, रद्द किए गए सभी डाक मतपत्रों का रिटर्निगं आफिसर द्वारा अनिवार्य रूप से पुनः सत्यापन करते हुए इसकी नियमानुसार वीडियोग्राफी सुनिश्चित की जायेगी।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी सौजन्या ने सभी अभ्यर्थियों/राजनैतिक दलों से अनुरोध है कि अब तक निर्वाचन प्रक्रिया की भाँति मतगणना कार्य में भी शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने में अपना तथा अपने दल का सहयोग प्रदान करने का कष्ट करें।

भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार दिनांक 10 मार्च, 2022 को पूर्वान्ह 08:00 बजे से राज्य के सभी जनपद मुख्यालयों में स्थित मतगणना केन्द्रों पर विधान सभा सामान्य निर्वाचन-2022 की मतगणना प्रारम्भ की जायेगी। जनपदवार / विधान सभा निर्वाचन क्षेत्रवार मतगणना भवनों/ केन्द्रों तथा मतों की गणना हेतु लगाई जा रही मेजों का विवरण निम्न प्रकार है.

डीएम देहरादून डॉ आर राजेश कुमार ने बुधवार को मतगणना स्थल में तौयारियों का जायजा लिया
जिला निर्वाचन अधिकारी/जिलाधिकारी0 डॉ0 आर राजेश कुमार ने मतगणना स्थल का निरीक्षण कर मतगणना हेतु की जा रही अन्तिम तैयारियों एवं व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान जिला निर्वाचन अधिकारी/जिलाधिकारी ने मतगणना स्थल पर बनाए गए मीडिया सेन्टर एवं मतगणना कट्रोल रूम का भी निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि सम्पूर्ण मतगणना सीसीटीवी की निगरानी में की जाएगी जो कि मतगणना हाॅल के बाहर लगाई गई टीवी स्क्रीन पर प्रदर्शित होगा। मतगणना कार्य हेतु सुरक्षा व्यवस्था चाॅक-चैबंद की गई है जिसमें पर्याप्त मात्रा में पुलिस एवं सशस्त्र बलों के जवान तैनात है। इसी प्रकार कोविड सुरक्षा के दृष्टिगत मतगणना स्थल पर पर्याप्त मात्रा में मास्क एवं सैनिटाइजर की व्यवस्था रहेगी।

मतगणना हेतु प्रत्येक विधानसभावार 14-14 टेबल लगाई गई है, तथा ईटीपीबीएस की मतगणना हेतु समस्त विधानसभा क्षेत्रों के लिए 45 टेबल एवं पोस्टल बैलेट हेतु 46 टेबल लगाई गई है। मतगणना कार्य हेतु विधानसभावार अलग-अलग चक्रों में सम्पन्न हुई जिनमें विधानसभा चकराता में 17 चक्र, विकासनगर में 11 चक्र, सहसपुर में 16 चक्र, धर्मपुर में 18 चक्र, रायपुर में 16 चक्र, राजपुर में 11 चक्र, देहरादून कैंट में 11 चक्र, मसूरी में 13 चक्र, डोईवाला में 14 चक्र एवं ऋषिकेश में 13 चक्र में मतगणना कार्य किया जाएगा।

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