CBSE और ICSE की 10वीं, 12वीं की मिड टर्म परीक्षा हाइब्रिड कराने की मांग सुप्रीम कोर्ट ने की खारिज

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नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि परीक्षा शुरू हो चुकी है। यदि यह मांग आप पहले रखते तो उसपर विचार किया जा सकता था।

अब आपकी याचिका विचार करने का कोई औचित्य नही है। मामले पर याचिकाकर्ता की ओर से वकील संजय हेगड़े ने कहा कि पिछली बार यह परीक्षा हाइब्रिड मोड़ में हुई थी इस बार भी हाइब्रिड परीक्षा कराई जानी चहिए। यह मिड टर्म परीक्षा है। आगे इस विचार किया जाना चाहिए।

हेगड़े ने कहा कि इस परीक्षा में लाखो बच्चे शामिल हों रहे है,अगर सिर्फ ऑफलाइन परीक्षा कराई जाएगी तो कोरोना के फैलने खतरा ज्यादा है। ऐसे में हालात चिंताजनक होंगे।
वही SG ने कहा कि इस बार परीक्षा में कुल 40 लाख छात्र शामिल होंगे।

पिछली बार एक क्लास में 40 छात्र बैठते थे जबकि इस बार 12 छात्रों को ही परीक्षा कक्ष में बैठाए जाने की व्यवस्था की गईं है।
SG ने कोर्ट को यह भी जानकारी दी कि इस बार परीक्षा लेने नके लिए 15 हज़ार परीक्षा केंद्र बनाए गए है साथ ही परीक्षा के समय को भी कम किया गया है।

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