दून पुलिस ने मंदिर में हुई चोरी का किया खुलासा, तीन आरोपी गिरफ्तार

Astitva Times Desk
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नशे की लत ने बनाया चोर, मंदिर से उड़ाया अष्टधातु का खजाना, मंदिर चोरी का माल कबाड़ी को बेचकर खपाने की थी तैयारी, अष्टधातु की चार मूर्तियां, घंटा, दीपक, थालियां, शिवलिंग और नकदी बरामद

देहरादून। राजपुर थाना क्षेत्र के पुरुकुल रोड स्थित माता मंदिर में हुई चोरी की वारदात का दून पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया। पुलिस ने मंदिर में चोरी करने वाले दो आरोपियों सिद्धार्थ थापा और अंकित भंडारी को गिरफ्तार किया है। वहीं, चोरी का सामान खरीदकर आगे बेचने की तैयारी कर रहे कबाड़ी शत्रुघ्न को भी पुलिस ने दबोच लिया। आरोपियों की निशानदेही पर मंदिर से चोरी की गई अष्टधातु की चार मूर्तियां, घंटा, दो दीपक, तीन थालियां, तस्तरी, शिवलिंग और दो हजार रुपये नकद बरामद किए गए हैं।

पुलिस के अनुसार, भगवंतपुर निवासी पंकज जोशी ने 3 सितंबर को थाना राजपुर में तहरीर देकर बताया था कि पुरुकुल रोड स्थित माता भरना देवी मंदिर में चोरी हो गई है। अज्ञात चोर मंदिर का ताला तोड़कर अष्टधातु की मूर्तियां, घंटियां, दीपक, थालियां, शिवलिंग और नकदी चोरी कर ले गए थे। धार्मिक स्थल में चोरी की घटना सामने आने के बाद पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ ही आसपास के रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। मंदिर तक आने और वारदात के बाद वहां से निकलने वाले संभावित रास्तों को भी चिह्नित किया गया।इसके साथ ही पुलिस ने पूर्व में चोरी की घटनाओं में शामिल रहे संदिग्धों का सत्यापन शुरू किया।

मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने भंडार गांव, पुरुकुल रोड के पास चेकिंग शुरू की। इसी दौरान पुलिस ने संदिग्ध अवस्था में घूम रहे सिद्धार्थ थापा और अंकित भंडारी को पकड़ लिया। तलाशी लेने पर उनके पास से मंदिर से चोरी किया गया सामान और नकदी बरामद हो गई। गिरफ्तार आरोपी सिद्धार्थ थापा पुत्र कमल थापा, निवासी बापू नगर, जाखन, देहरादून, उम्र 31 वर्ष तथा अंकित भंडारी पुत्र स्वर्गीय भगवान सिंह, निवासी बापू नगर, जाखन, देहरादून, उम्र 32 वर्ष बताए गए हैं। दोनों आरोपियों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने चोरी से पहले मंदिर की रेकी की थी। मंदिर की गतिविधियों और आसपास के माहौल पर नजर रखने के बाद दोनों ने मौका देखकर चोरी की वारदात को अंजाम दिया। पूछताछ में दोनों ने यह भी बताया कि वे नशे के आदी हैं और चोरी से मिलने वाले पैसे का इस्तेमाल नशे की जरूरत पूरी करने के लिए करते थे।

पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने चोरी के कुछ सामान को शत्रुघ्न नाम के कबाड़ी को बेचने की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस ने दबिश देकर कबाड़ी शत्रुघ्न को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, शत्रुघ्न की काठ बंगला बस्ती राजपुर का निवासी है और घर में ही कबाड़ की दुकान है। शत्रुघ्न पर आरोप है कि उसने मुनाफा कमाने के लालच में आरोपियों से चोरी का सामान कम कीमत में खरीदा था।उसकी योजना चोरी के सामान को आगे महंगे दाम में बेचकर मुनाफा कमाने की थी।

चोरी का पूरा सामान बरामद
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर मंदिर से चोरी हुआ धार्मिक सामान बरामद कर लिया। बरामदगी में—
अष्टधातु की मूर्तियां — 4
अष्टधातु का घंटा — 1
अष्टधातु के दीपक — 2
अष्टधातु की थालियां — 3
अष्टधातु की तस्तरी — 1
अष्टधातु का शिवलिंग — 1
नकदी — ₹2,000
शामिल है। मामले में दोनों चोरों और चोरी का सामान खरीदने वाले कबाड़ी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब आरोपियों के आपराधिक इतिहास को खंगाल रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों ने इससे पहले किसी अन्य मंदिर, दुकान या धार्मिक स्थल को तो निशाना नहीं बनाया। मंदिर चोरी की घटना का इतनी कम अवधि में खुलासा और चोरी गए धार्मिक सामान की बरामदगी को पुलिस की त्वरित कार्रवाई के तौर पर देखा जा रहा है।

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