छह माह में 66 बार बढे़ पेट्रोल डीजल के दाम, 23 करोड लोग पहुंचे गरीबी रेखा से नीचे: पायलट

MS Malik
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देहरादून। वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं राजस्थान के उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने महंगाई को लेकर केंद्र सरकार पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने महंगाई को लेकर आंकड़े भी पेश किए। साथ ही कहा कि सरकार हर मोर्चे पर विफल है। देश की जनता पूछ रही है कि अपनी खामियों को छिपाने के लिए कब तक पिछली सरकार को दोष देते रहोगे।

देहरादून स्थित कांग्रेस मुख्यालय में प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने सात से 17 जुलाई तक महंगाई के खिलाफ कार्यक्रम तय किया है। हमारी विपक्षी दल होने के कारण सड़कों पर उतरने की जिम्मेदारी है। इसके तहत तमाम प्रदेशों में बहरी गूंगी सरकार को जगाने का काम कांग्रेस कार्यकर्ता कर रहे हैं। कोरोनाकाल में क्या हाल हुए, सब जानते हैं। गलतियां छिपाने के लिए कुछ भी कह दें। इसे आम लोग जानते हैं।

उन्होंने कहा कि देश में पेट्रोल पहली बार सौ से ज्यादा में बिक रहा है। छह माह में 66 बार पेट्रोल डीजल के दाम बढ़े हैं। 23 करोड़ लोग गरीबी रेखा से नीचे आ चुके हैं। इसके लिए कौन है जिम्मेदार, पूर्ण बहुमत आपके पास है। दबा कर राजनीति आप कर रहे हैं। पूरी ताकत आपके पास है। कब तक पिछली सरकार पर दोष देकर पल्ला झाड़ते रहेंगे। ये देश पूछ रहा है। आम नागरिक सवाल पूछ रहा है।

सचिव पायलट ने कहा कि पिछले सात साल में पेट्रोल एक्साइज ड्यूटी 250 फीसद, डीजल पर 800 फीसद बढ़ाई गई। एक्साइज ड्यूटी पर 25 लाख करोड़ रुपये केंद्र सरकार ने वसूले। भारत सरकार ने पेट्रोल पर 33 डीजल पर 32 रुपये प्रति लीटर सेस लगाया है। ये सारा पैसा किसके पास जा रहा है। केंद्र के पास पैसा आता भी है। वित्त मंत्री ने कहा कि कोविड के बाद बीस लाख करोड़ का पैकेज देंगे। कोरोना वैक्सीन के लिए 30 करोड़ रुपये का अलग प्रावधान किया। न तो वैक्सीन आई। लघु उद्योग को भी पैसा नहीं दिया। बड़े देशों में अधिकांश सरकार ने जनता को पैसा दिया। इस सरकार ने पैसा लेने काम किया। खर्चा कहां किया समझ से परे है।
उन्होंने कहा कि सबसे ज्यादा मार पेट्रोल डीजल बढ़ने से हर वस्तु के दाम बढ़ते हैं। किसान की कमर तोड़ने का काम करने का काम किया। किसान विरोधी तीन कानून से लोगों की कमर तोड़ने का काम किया। किसान दुखी है। आंदोलित है। उसकी जेब पर डाका डाला गया। जब यूपीए की सरकार थी। 2011 से यूपीए के आखरी के तीन वर्ष में कच्चा तेल 108 डालर प्रति बैरल होने के बावजूद देश में पेट्रोल 71 और डीजल 57 रुपये बिक रहा था। आज पेट्रोल की कीमतें कई शहरों में सौ रुपये पार कर चुकी है। कांग्रेस अब चुप नहीं बैठेगी। सरकार की नीतियों के खिलाफ जोरदार हमला करेगी।

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