विशेष पुनरीक्षण अभियान के दौरान नए वोट, पता और नाम संशोधन की प्रक्रिया हुई अधिक सख्त
देहरादून। मतदाता सूची को अधिक प्रमाणिक और त्रुटिरहित बनाने के उद्देश्य से निर्वाचन आयोग ने पंजीकरण प्रक्रिया में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। अब नया वोटर कार्ड बनवाने, मतदाता सूची में पता बदलवाने, नाम या अन्य विवरणों में संशोधन कराने वाले प्रत्येक आवेदक को आवेदन पत्र के साथ स्वघोषणा-पत्र (डिक्लेरेशन) भी जमा करना अनिवार्य होगा। यह व्यवस्था विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के दौरान लागू रहेगी।
निर्वाचन विभाग के अनुसार, 14 जुलाई से 13 अगस्त तक चलने वाले इस विशेष अभियान में पात्र नागरिक नए मतदाता के रूप में अपना नाम दर्ज करा सकेंगे। साथ ही पहले से पंजीकृत मतदाता भी पता परिवर्तन, नाम सुधार या अन्य आवश्यक संशोधन के लिए आवेदन कर सकेंगे। हालांकि अब सभी आवेदनों के साथ अतिरिक्त घोषणा-पत्र देना जरूरी होगा। इस स्वघोषणा- पत्र में आवेदक को अपनी व्यक्तिगत जानकारी के साथ माता-पिता का नाम, मोबाइल नंबर, वर्तमान पता और उपलब्ध होने पर उनके मतदाता पहचान-पत्र (ईपीआईसी) नंबर भी दर्ज करने होंगे। यदि संबंधित जानकारी उपलब्ध नहीं है तो उसके स्थान पर अन्य आवश्यक विवरण देना होगा। आयोग का उद्देश्य आवेदनों का बेहतर सत्यापन कर मतदाता सूची की विश्वसनीयता बढ़ाना है।
निर्वाचन अधिकारियों का कहना है कि यदि आवेदन में दर्ज जानकारी और उपलब्ध अभिलेखों के बीच कोई विसंगति सामने आती है तो संबंधित व्यक्ति को नोटिस जारी किया जा सकता है। ऐसे मामलों में आवेदक को संबंधित अधिकारी के समक्ष उपस्थित होकर आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। संतोषजनक सत्यापन के बाद ही आवेदन पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
विशेष अभियान के दौरान फॉर्म-6 के माध्यम से नए मतदाता पंजीकरण, फॉर्म-8 से नाम, पता या अन्य विवरणों में संशोधन तथा अन्य निर्धारित प्रक्रियाओं के साथ यह घोषणा-पत्र भी अनिवार्य रूप से संलग्न करना होगा। यह सुविधा ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से उपलब्ध रहेगी।
निर्वाचन विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना समय रहते आवेदन करें और सभी जानकारियां सही एवं पूर्ण रूप से भरें। अधिकारियों का मानना है कि नई व्यवस्था से फर्जी प्रविष्टियों पर रोक लगेगी और मतदाता सूची पहले से अधिक पारदर्शी, अद्यतन और विश्वसनीय बन सकेगी।












