निःशुल्क नेत्र चिकित्सा शिविर में 150 लोगों की जांच एवं दवाइयां वितरित

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देहरादून। सामाजिक सरोकारों के तहत जमीअत उलेमा-ए- हिन्द की ओर से बुधवार को अमृतसर आई क्लिनिक के सहयोग से मदरसा दार-ए- अरकम, आजाद कॉलोनी में निःशुल्क नेत्र चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में क्षेत्र के 150 से अधिक लोगों की आंखों की जांच की गई तथा उन्हें आवश्यक परामर्श के साथ निःशुल्क दवाइयां भी वितरित की गईं।

शिविर का उद्घाटन अमृतसर आई क्लिनिक के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. एन.एस. जंगपांगी, पूर्व राज्यमंत्री एवं प्रयाग आईएएस अकादमी के निदेशक आर.ए. खान, जमीअत उलेमा-ए-हिन्द के जिला अध्यक्ष मौलाना अब्दुल मन्नान कासमी तथा प्रदेश मीडिया प्रभारी मोहम्मद शाह नजर ने संयुक्त रूप से किया। अतिथियों ने शिविर के आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे स्वास्थ्य शिविर समाज के जरूरतमंद वर्ग के लिए अत्यंत लाभकारी साबित होते हैं।

इस अवसर पर डॉ. एन.एस. जंगपांगी ने कहा कि वर्तमान समय में मोबाइल, कंप्यूटर और अन्य डिजिटल उपकरणों के अत्यधिक उपयोग के कारण बच्चों और युवाओं में आंखों से संबंधित समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों के स्क्रीन टाइम पर नियंत्रण रखें और समय-समय पर आंखों की जांच कराते रहें, ताकि गंभीर बीमारियों से बचा जा सके।
शिविर में आजाद कॉलोनी, पंजाबी कॉलोनी और गुप्ता कॉलोनी सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। चिकित्सकों की टीम ने मरीजों की आंखों की जांच कर उन्हें उचित उपचार और सावधानियों के बारे में जानकारी दी। कई मरीजों को आगे की जांच और उपचार के लिए भी परामर्श दिया गया।

कार्यक्रम को सफल बनाने में अमृतसर आई क्लिनिक की टीम से लवकुश पांडे, सोहानी, अनुष्का पंवार, अनम सेफी और दानिश अली का विशेष सहयोग रहा। वहीं जमीअत उलेमा-ए- हिन्द की ओर से नगर अध्यक्ष मुफ्ती अयाज अहमद, जिला कोषाध्यक्ष मास्टर अब्दुल सत्तार, नगर उपाध्यक्ष मौलाना रागिब मजाहिरी, जिला सचिव कारी नईम, कार्यालय सचिव मौलाना अब्दुल वाजिद, मौलाना महताब, मौलाना सौबान, कारी फरहान मलिक, कारी शाहवेज, हाफिज अबुजर, जिला कार्यकारिणी सदस्य तौसीफ खान, मौलाना मोहम्मद अहमद और कारी मोहम्मद मरगूब सहित कई अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

आयोजकों ने बताया कि भविष्य में भी इसी प्रकार के स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाएंगे, ताकि जरूरतमंद लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल सके और समाज में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाई जा सके।