परिवार रजिस्टर के बिना SIR प्रक्रिया अधूरी ; कांग्रेस

Astitva Times Desk
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कांग्रेस नेता प्रीतम सिंह ने निर्वाचन आयोग से की तत्काल हस्तक्षेप की मांग

देहरादून। उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस ने बड़ा सवाल खड़ा किया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, केंद्रीय चुनाव समिति के सदस्य एवं प्रदेश चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने आरोप लगाया है कि मतदाता सूची के सत्यापन की महत्वपूर्ण प्रक्रिया शुरू होने जा रही है, लेकिन बूथ स्तर अधिकारियों (बीएलओ) को अब तक परिवार रजिस्टर उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। उन्होंने इसे मतदाता सूची की शुद्धता और पारदर्शिता के लिए गंभीर चुनौती बताते हुए मुख्य निर्वाचन अधिकारी से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।

प्रीतम सिंह ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तराखंड को भेजे पत्र में कहा है कि राज्य में संचालित विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्यक्रम का दूसरा चरण 3 अगस्त 2026 से प्रारंभ होना है। इस चरण में मतदाताओं के सत्यापन और पात्र मतदाताओं की पहचान का कार्य किया जाना है, जिसके लिए परिवार रजिस्टर सबसे महत्वपूर्ण आधारभूत दस्तावेज माना जाता है। ऐसे में यदि बीएलओ के पास परिवार रजिस्टर उपलब्ध नहीं होंगे तो सत्यापन प्रक्रिया प्रभावित होना तय है।

कांग्रेस नेता ने चेतावनी दी है कि परिवार रजिस्टर के अभाव में बड़ी संख्या में पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से छूट सकते हैं, जबकि अपात्र लोगों के नाम सूची में बने रहने की आशंका भी बढ़ जाएगी। इससे न केवल मतदाता सूची की विश्वसनीयता प्रभावित होगी बल्कि निर्वाचन प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े हो सकते हैं।
उन्होंने बताया कि इस संबंध में उन्होंने गुरुवार को मुख्य विकास अधिकारी, देहरादून से दूरभाष पर वार्ता कर परिवार रजिस्टर उपलब्ध कराने का अनुरोध किया था। इसके अलावा पूर्व में भी संबंधित अधिकारियों के समक्ष यह विषय उठाया जा चुका है, लेकिन अभी तक आवश्यक अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए गए हैं।

प्रीतम सिंह ने निर्वाचन अधिकारियों से मांग की है कि एसआईआर के दूसरे चरण की शुरुआत से पहले राज्य के सभी संबंधित बीएलओ को अद्यतन परिवार रजिस्टर उपलब्ध कराए जाएं ताकि मतदाता सत्यापन की प्रक्रिया निष्पक्ष, पारदर्शी और त्रुटिरहित तरीके से संपन्न हो सके। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रत्येक पात्र नागरिक के मताधिकार की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और किसी भी मतदाता को प्रशासनिक लापरवाही के कारण अधिकारों से वंचित नहीं होना चाहिए।

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता डॉ. प्रतिमा सिंह ने कहा कि कांग्रेस पार्टी मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया को पूरी गंभीरता से देख रही है और निर्वाचन प्रक्रिया की शुचिता बनाए रखने के लिए आवश्यक मुद्दों को लगातार उठा रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि निर्वाचन आयोग जनहित को ध्यान में रखते हुए इस मामले में शीघ्र कार्रवाई करेगा और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी करेगा।

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