देहरादून। प्रदेश भर में हाल ही में हुई कई आपराधिक घटनाओं को सरकार की विफलता बताते हुए मंगलवार को कांग्रेसियों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए प्रदेश सरकार का पुतला दहन किया।राजधानी देहरादून के मच्छी बाजार में सोमवार को हुई युवती की हत्या समेत एक सप्ताह के भीतर जिले में तीन महिलाओं की हत्या ने राजधानी को दहला कर रख दिया है। इन हत्याओं के खिलाफ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी सख्त रुख अपनाते हुए अधिकारियों की जमकर क्लास लगाई है। प्रदेश में कानून व्यवस्था बिगड़ने एवं महिलाओं की सुरक्षा में विफल रहने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस के महानगर अध्यक्ष जसविंद्र सिंह गोगी के नेतृत्व में कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया और भाजपा सरकार का पुतला दहन किया।
पूर्व पार्षद हरि प्रसाद भट्ट ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह विरोध केवल राजनीतिक नहीं है, बल्कि उस व्यवस्था के खिलाफ है जो समय पर बेटियों की आवाज़ नहीं सुन पाती। उन्होंने कहा कि सरकार महिला सुरक्षा को लेकर केवल दावे करती है, लेकिन ज़मीनी स्तर पर हालात चिंताजनक बने हुए हैं।
कांग्रेस के प्रदेश सचिव रमेश कुमार मंगू ने कहा कि एक सप्ताह के भीतर तीन जघन्य हत्याकांड को अंजाम देने वाले दरिंदों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए कड़ी से कड़ी सज़ा दी जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को अंजाम देने वालों को कड़ा संदेश जाए। साथ ही, जिन अधिकारियों ने मच्छी बाजार में गुंजन और ऋषिकेष में प्रीति की शिकायत को नजरअंदाज किया, उनकी भी स्पष्ट जवाबदेही तय की जाए और उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाए।
कांग्रेस नेता सुमेंद्र सुशांत बोहरा ने कहा कि इन घटनाओं ने प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़ा कर दिए हैं। बोहरा ने कहा कि यदि राजधानी जैसे सुरक्षित माने जाने वाले शहर में दिनदहाड़े ऐसी वारदात हो सकती है, तो अन्य इलाकों की स्थिति का अंदाज़ा लगाया जा सकता है। भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकना केवल सरकार या पुलिस की ही नहीं, बल्कि समाज की भी सामूहिक जिम्मेदारी है। प्रदेश सरकार से मांग है कि महिला सुरक्षा को लेकर ठोस, प्रभावी और त्वरित कदम उठाए जाएं, ताकि कोई भी बेटी डर के साए में जीने को मजबूर न हो और शिकायत करने पर उसे न्याय की उम्मीद मिले, न कि निराशा।
दरअसल सोमवार को राजधानी के व्यस्ततम इलाकों में शामिल पलटन बाज़ार में 23 वर्षीय युवती की दिनदहाड़े हुई निर्मम हत्या ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। यह घटना न केवल एक जघन्य आपराधिक वारदात के रूप में सामने आई है, बल्कि प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा, पुलिस की कार्यप्रणाली और कानून- व्यवस्था की स्थिति पर भी गंभीर सवाल खड़े कर रही है। इस मामले का सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि मृतका गुंजन ने घटना से दो दिन पहले स्थानीय पुलिस चौकी में अपनी शिकायत दर्ज कराई थी। उसने संभावित खतरे की आशंका जताई थी, लेकिन समय रहते उस पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। अब सवाल यह उठ रहा है कि यदि शिकायत को गंभीरता से लिया गया होता और आवश्यक सुरक्षा कदम उठाए गए होते, तो क्या इस हृदयविदारक घटना को टाला जा सकता था।














