पूर्व विधायक के कांग्रेस में शामिल होते ही पूर्व पालिका अध्यक्ष ने छोड़ी पार्टी
देहरादून। शनिवार को जिस समय उत्तराखंड भाजपा के दिग्गज नेता कांग्रेस का हाथ थाम रहे थे। उसी समय रुद्रपुर में कांग्रेस पार्टी को बड़ा झटका लग गया। पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल के कांग्रेस में शामिल होने की खबर आते ही पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष और कांग्रेस नेत्री मीना शर्मा ने पार्टी पद से इस्तीफा दे दिया।राजकुमार ठुकराल रुद्रपुर विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक हैं। वे भाजपा के टिकट पर दो बार विधायक रह चुके हैं और क्षेत्रीय जनता पर उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है।

राजकुमार ठुकराल के कांग्रेस में शामिल होने की खबर फैलते ही रुद्रपुर की पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष मीना शर्मा ने पार्टी पद से इस्तीफा दे दिया। मीना शर्मा लंबे समय से कांग्रेस की सक्रिय कार्यकर्ता रही हैं। उन्होंने स्थानीय स्तर पर पार्टी को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनका इस्तीफा पार्टी के अंदरूनी कलह या असंतोष का संकेत माना जा रहा है। मीना शर्मा ने इस्तीफा देते हुए कोई विस्तृत बयान नहीं दिया। लेकिन सूत्रों के मुताबिक ठुकराल की एंट्री से उन्हें नाराजगी हुई। रुद्रपुर में कांग्रेस की स्थानीय इकाई में पहले से कुछ तनाव था। मीना शर्मा का इस्तीफा उस तनाव को बढ़ा रहा है। यह घटना कांग्रेस के लिए बुरी खबर है क्योंकि ठुकराल की जॉइनिंग को पार्टी ने सकारात्मक माना था। लेकिन लोकल लीडरशिप के असंतोष ने स्थिति को उलट दिया।
उत्तराखंड में कांग्रेस पार्टी पिछले कुछ वर्षों से विभिन्न मुद्दों से जूझ रही है। रुद्रपुर जैसे औद्योगिक क्षेत्र में पार्टी की पकड़ मजबूत करने की कोशिशें चल रही थीं। राजकुमार ठुकराल की जॉइनिंग इसी रणनीति का हिस्सा थी। लेकिन मीना शर्मा जैसे स्थानीय चेहरों का इस्तीफा पार्टी की एकता पर सवाल खड़ा कर रहा है। रुद्रपुर उद्यम सिंह नगर जिले का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस इलाके को भाजपा का मजबूत गढ़ माना जाता है। कांग्रेस को यहां मजबूती देने के लिए नए चेहरों की जरूरत थी। ठुकराल की एंट्री से उम्मीदें बढ़ी थीं। लेकिन अब इस्तीफे की खबर से कार्यकर्ताओं में निराशा फैल गई है। क्या यह इस्तीफों का सिलसिला शुरू होने का संकेत है? पार्टी हाईकमान को इस पर तुरंत ध्यान देना होगा।
राजकुमार ठुकराल रुद्रपुर की राजनीति के पुराने खिलाड़ी हैं। वे भाजपा से दो बार विधायक चुने गए। उनकी लोकप्रियता क्षेत्र में काफी है। ठुकराल ने कांग्रेस में शामिल होने का फैसला लिया तो यह भाजपा के लिए भी झटका था। उनकी जॉइनिंग से कांग्रेस को रुद्रपुर में नई ऊर्जा मिलने की बात कही जा रही थी। लेकिन मीना शर्मा का इस्तीफे ने इस जॉइनिंग में खलल डाल दिया है।
मीना शर्मा कौन हैं? कांग्रेस नेत्री का योगदान
मीना शर्मा रुद्रपुर नगरपालिका की पूर्व अध्यक्ष रह चुकी हैं। वे कांग्रेस की महिला विंग में सक्रिय रही हैं। स्थानीय मुद्दों पर उनकी आवाज हमेशा मजबूत रही। पार्टी पद पर रहते हुए उन्होंने कई कार्यक्रमों का आयोजन किया। उनका इस्तीफा न केवल व्यक्तिगत फैसला है बल्कि स्थानीय स्तर पर पार्टी की कमजोरी को उजागर करता है।
भाजपा के तीन पूर्व विधायक, एक पूर्व मेयर मसूरी नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष समेत राज्य के छह नेताओं ने थामा कांग्रेस का हाथ। सभी ने दिल्ली में कांग्रेस के केंद्रीय कार्यालय में सदस्यता ग्रहण की
नई दिल्ली/देहरादून। शनिवार को भारतीय जनता पार्टी को बड़ा झटका देते हुए आधा दर्जन नेताओं ने कांग्रेस का दामन थाम लिया। सभी ने कांग्रेस के दिल्ली स्थित केन्द्रीय कार्यालय में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की। कांग्रेस में शामिल होने वालों में पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल, पूर्व विधायक नारायण पाल, पूर्व विधायक भीमलाल आर्या, रूड़की के पूर्व मेयर गौरव गोयल, मसूरी नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष अनुज गुप्ता, वरिष्ठ भाजपा नेता लाखन जोशी के नाम शामिल हैं।
कांग्रेस का दामन थामने वाले ये सभी नेता अलग-अलग समय पर सत्तारूढ़ भाजपा का हिस्सा रहे हैं। इनके कांग्रेस में शामिल होने के मौके पर कांग्रेस की उत्तराखंड प्रभारी कुमारी सैलजा, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गणेश गोदियाल, वरिष्ठ नेता यशपाल आर्या, प्रीतम सिंह, हरक सिंह रावत और कुछ अन्य नेता मौजूद थे। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत इस कार्यक्रम में उपस्थित नहीं थे। इसे उनकी कांग्रेस से नाराजगी के तौर पर देखा जा रहा है।
कई और नेता जल्द कांग्रेस में होंगे शामिल
इस दौरान पार्टी की प्रदेश प्रभारी एवं सांसद कुमारी शैलजा ने कहा कि आज उत्तराखंड से कई साथी कांग्रेस की विचारधारा के प्रति समर्पित होकर पार्टी में शामिल हो रहे हैं। यह बहुत खुशी की बात है और इन सभी लोगों का कांग्रेस पार्टी में स्वागत है। उन्होंने कहा कि यह तो अभी शुरुआत है तथा आने वाले दिनों में उत्तराखंड के कई और नेता कांग्रेस में शामिल होंगे। उन्होंने दावा किया कि उत्तराखंड में भाजपा सरकार को लेकर लोगों के मन में काफी गुस्सा है।शैलजा ने आरोप लगाया, ‘राज्य में भ्रष्टाचार का बोलबाला है। बीते वर्षों में कई ऐसे कांड सामने आए, जिनका पर्दाफाश कांग्रेस पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने समय-समय पर किया। मुख्यमंत्री पुष्कर धामी की छवि चमकाने की बहुत कोशिश की गई, लेकिन उनकी असली छवि जनता के सामने आ चुकी है।
कांग्रेस में शामिल होने वाले नेताओं में राजकुमार ठुकराल रुद्रपुर, नारायण पाल ऊधमपुर के सितारगंज और भीमलाल आर्या घनशाली से विधायक रहे हैं। भीमताल से ताल्लुक रखने वाले लाखन नेगी जिला पंचायत सदस्य रहे हैं। गौरव गोयल रुड़की के पूर्व महापौर और अनुज गुप्ता मसूरी नगरपालिका के पूर्व अध्यक्ष हैं। बता दें कि उत्तराखंड में अगले साल के शुरू में विधानसभा चुनाव संभावित है।













