सुपारी किलर ‘जैकी’ के बाद उसकी प्रेमिका भी गिरफ्तार

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देहरादून। राजधानी देहरादून के राजपुर क्षेत्र में पिछले वर्ष हुए चर्चित हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। थाना राजपुर पुलिस ने हत्या की साजिश में शामिल और लंबे समय से फरार चल रही 25 हजार रुपये की इनामी आरोपी हुमेरा उर्फ जोया को सहारनपुर से गिरफ्तार कर लिया है।आरोपी पर सुपारी किलर राजन उर्फ ‘जैकी’ के साथ मिलकर हत्या की वारदात को अंजाम देने तथा सबूत मिटाने में सहयोग करने का आरोप है।

पुलिस इससे पहले इस हत्याकांड के मुख्य आरोपी और उत्तर प्रदेश के कुख्यात शार्प शूटर राजन उर्फ ‘जैकी’ को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।अब उसकी प्रेमिका की गिरफ्तारी के बाद इस सनसनीखेज हत्याकांड की पूरी परतें खुलकर सामने आ गई हैं। जानकारी के अनुसार, दिनांक 26 मई 2025 को जीएमएस रोड निवासी जतिन कुमार ने थाना राजपुर में तहरीर देकर बताया था कि उनके ममेरे भाई अजय भटेजा की उनके जाखन स्थित आवास 58/1 कृष्णा विहार में हत्या कर दी गई है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की गंभीरता को देखते हुए हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। इसी क्रम में 19 मई 2026 को पुलिस ने मुजफ्फरनगर निवासी शातिर अपराधी राजन उर्फ जैकी को गिरफ्तार किया।

पूछताछ में राजन उर्फ जैकी ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि मृतक अजय भटेजा के भाई अमित भटेजा ने ही प्रॉपर्टी विवाद के चलते अपने भाई की हत्या की सुपारी दी थी। इसके एवज में उसने जाखन स्थित संपत्ति में आधा हिस्सा देने का लालच दिया था। राजन ने पुलिस को बताया कि उसने अपनी प्रेमिका हुमेरा उर्फ जोया को भी इस साजिश में शामिल किया था। योजना के तहत 25 मई 2025 को सभी आरोपी देहरादून पहुंचे। उन्होंने सहारनपुर में गोली लगने से घायल अपने साथी अक्षय को देखने का बहाना बनाया, जिसका इलाज मैक्स अस्पताल में चल रहा था। रात में सभी लोग अजय भटेजा के घर रुके।

पुलिस के अनुसार आरोपियों की योजना थी कि पहले अजय भटेजा को शराब पिलाकर उससे जाखन और मसूरी स्थित संपत्तियों के कागजात हासिल किए जाएं और फिर उसकी हत्या कर दी जाए। अमित भटेजा ने मृतक को पिलाने के लिए शराब की चार बोतलें खरीदीं। देर रात जब अजय भटेजा ने संपत्ति के दस्तावेज देने में आनाकानी की, तो राजन उर्फ जैकी ने उसके साथ मारपीट की और उसकी छाती पर चढ़कर तकिए से मुंह दबाकर उसकी हत्या कर दी।

हत्या के बाद आरोपियों ने वारदात को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की। हुमेरा उर्फ जोया और राजन ने मिलकर शव को पंखे से लटकाने का प्रयास किया, लेकिन वे सफल नहीं हो सके। इसके बाद दोनों ने कमरे की सफाई कर सबूत मिटाने का प्रयास किया और शव को बिस्तर पर चादर से ढककर छोड़ दिया। इतना ही नहीं, आरोपी कमरे में रखे महत्वपूर्ण कागजात और सीसीटीवी कैमरों की डीवीआर भी अपने साथ ले गए, जिन्हें बाद में अमित भटेजा को सौंप दिया गया। घटना के बाद दोनों आरोपी बस से सहारनपुर फरार हो गए थे। तभी से फरार चल रही हुमेरा उर्फ जोया पर पुलिस ने 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। लंबे समय से उसकी तलाश में जुटी राजपुर पुलिस ने आखिरकार उसे सहारनपुर से गिरफ्तार कर लिया।