नई दिल्ली/देहरादून। जुलाई महीने की शुरुआत के साथ ही देशभर में कई बड़े बदलाव लागू हो गए हैं। इन बदलावों का सीधा असर करोड़ों आम नागरिकों, नौकरीपेशा लोगों, टैक्सपेयर्स, बैंक ग्राहकों, यात्रियों और छात्रों पर पड़ेगा। 1 जुलाई से आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करने की समय-सीमा, आधार अपडेट, पासपोर्ट शुल्क, एलपीजी गैस से जुड़े नियम, बैंकों के क्रेडिट कार्ड नियमों में बदलाव लागू हो गए हैं। वहीं उत्तराखंड सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए राज्य के मदरसा शिक्षा बोर्ड को भी भंग कर दिया है।
ITR: समय पर रिटर्न नहीं भरा तो देना पड़ सकता है जुर्माना
वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ITR-1 और ITR-2 दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है। यदि करदाता तय समय के भीतर आयकर रिटर्न दाखिल नहीं करते हैं तो आय के आधार पर ₹1,000 से ₹5,000 तक का विलंब शुल्क देना पड़ सकता है। टैक्स विशेषज्ञों ने अंतिम समय की भीड़ और तकनीकी समस्याओं से बचने के लिए जल्द रिटर्न दाखिल करने की सलाह दी है।आधार धारकों को बड़ी राहत
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने आधार मोबाइल ऐप के माध्यम से ई-मेल अपडेट करने की सुविधा 31 दिसंबर 2026 तक निःशुल्क कर दी है। पहले इस सेवा के लिए शुल्क देना पड़ता था। सरकार का मानना है कि इससे आधार रिकॉर्ड अधिक सटीक और अद्यतन रखने में मदद मिलेगी।पासपोर्ट बनवाना हुआ महंगा
1 जुलाई से पासपोर्ट सेवाओं की नई शुल्क दरें लागू हो गई हैं। सामान्य और तत्काल दोनों श्रेणियों में फीस बढ़ाई गई है। इसके अलावा कई सेवाओं का भुगतान अब ऑनलाइन माध्यम से ही किया जाएगा। विदेश यात्रा या नया पासपोर्ट बनवाने की योजना बना रहे लोगों को अब पहले की तुलना में अधिक खर्च करना होगा।
बैंक और क्रेडिट कार्ड के नियम बदले
जुलाई से कई प्रमुख बैंकों ने अपने क्रेडिट कार्ड नियमों में बदलाव किया है। SBI ने कुछ PhonePe SBI क्रेडिट कार्ड पर रिवॉर्ड प्वाइंट्स के नियम बदले हैं, जबकि HDFC Bank ने एयरपोर्ट लाउंज सुविधा के लिए न्यूनतम खर्च की नई शर्त लागू की है। इसके अलावा भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बैंकिंग सेवाओं में मिस-सेलिंग रोकने के लिए नए दिशा-निर्देश लागू किए हैं, जिससे ग्राहकों के अधिकार और मजबूत होंगे।एलपीजी गैस और ईंधन से जुड़े नए नियम
तेल विपणन कंपनियों ने जुलाई महीने के लिए कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कमी की है, जबकि घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया है। कई क्षेत्रों में एलपीजी डिलीवरी के लिए ओटीपी आधारित सत्यापन अनिवार्य किया गया है। कुछ राज्यों में पीएनजी और एलपीजी से जुड़े नए प्रावधान भी लागू किए गए हैं।उत्तराखंड में मदरसा शिक्षा बोर्ड भंग
उत्तराखंड सरकार ने राज्य के मदरसा शिक्षा बोर्ड को आधिकारिक रूप से समाप्त कर दिया है। अब राज्य के मदरसों का पंजीकरण, नियमन और निगरानी नवगठित राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के माध्यम से होगी। सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाना, गुणवत्ता में सुधार करना और अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों को मुख्यधारा की शिक्षा प्रणाली से जोड़ना है। वर्तमान में राज्य में 452 पंजीकृत मदरसों में लगभग 45 हजार छात्र अध्ययनरत हैं।आम लोगों पर क्या होगा असर?
1 जुलाई से लागू हुए इन बदलावों का असर सीधे आम नागरिकों की जेब और दैनिक जीवन पर पड़ेगा। टैक्सपेयर्स को समय पर ITR दाखिल करना होगा, आधार अपडेट का लाभ समय रहते उठाना होगा, पासपोर्ट बनवाने वालों को अधिक शुल्क देना पड़ेगा और बैंक ग्राहकों को अपने क्रेडिट कार्ड के नए नियम समझने होंगे। वहीं उत्तराखंड में शिक्षा व्यवस्था से जुड़ा बड़ा प्रशासनिक बदलाव भी लागू हो गया है, जिसे राज्य सरकार शिक्षा सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बता रही है।











