देहरादून। रविवार को कांग्रेस भवन में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान आधा दर्जन वकीलों के साथ ही कई अन्य लोगों ने कांग्रेस पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली। कार्यक्रम प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरीश रावत की उपस्थिति में संपन्न हुआ। इस अवसर पर हरीश रावत ने कहा कि आज उत्तराखंड में भाजपा सरकार पूरी तरह दिशाहीन, अहंकारी और जनभावनाओं से कटी हुई है। बेरोजगारी, महंगाई, किसान उत्पीड़न, महिलाओं की असुरक्षा और युवाओं के भविष्य के साथ हो रहे खिलवाड़ ने जनता को सड़कों पर आने के लिए मजबूर कर दिया है। भाजपा सरकार ने उत्तराखंड की अस्मिता और संसाधनों को चंद पूंजीपतियों के हाथों गिरवी रख दिया है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ही एकमात्र ऐसी पार्टी है जो संविधान, लोकतंत्र और आम आदमी के हक़ की लड़ाई सड़क से सदन तक मजबूती से लड़ रही है। आज कांग्रेस से जुड़ने वाले सभी साथियों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि परिवर्तन की लहर शुरू हो चुकी है और उत्तराखंड की जनता अब भाजपा के खोखले नारों में फंसने वाली नहीं है।
कांग्रेस का दामन थामने वालों में नव पर्वतीय विकास संस्था के अध्यक्ष विनोद कुमार एडवोकेट के नेतृत्व में एडवोकेट प्रभाकर कुमार, एडवोकेट पंकज शर्मा, एडवोकेट नवीन कुमार, विनोद केसला, राधेश्याम, सुभाष कुमार, रेनू, अजय प्रधान, आर्यन प्रधान, मनमोहन मौर्य, यशोदा मौर्य, मदनलाल, शिवम, विकास, राव वसीम, अली अहमद, प्रयास, रानी देवी, जरीना खातून, शांति देवी, गुलशन खान, नितेश सेठी समेत दर्जनों लोगों ने कांग्रेस पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।
कांग्रेस पार्टी की सदस्यता ग्रहण करने वाले सदस्यों ने भी एक स्वर में भाजपा सरकार की नाकामियों को उजागर करते हुए कहा कि राज्य को बचाने और जनहित की राजनीति को पुनः स्थापित करने के लिए कांग्रेस के साथ खड़ा होना आज समय की मांग है। सदस्यता ग्रहण कार्यक्रम का संचालन लोक सेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष संजय शर्मा ने किया, संबोधन कर्ताओं में मुख्य रूप से उत्तराखंड कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी विशाल डोभाल इत्यादि ने अपनी बात रखी। कार्यक्रम के दौरान भाजपा सरकार के झूठे वादों, भ्रष्टाचार, संस्थागत दमन और जनविरोधी फैसलों की कड़ी आलोचना की गई।
उत्तराखंड कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि आने वाले समय में भाजपा की हर जनविरोधी नीति का सशक्त और निर्णायक विरोध किया जाएगा। कार्यक्रम में प्रदेश महामंत्री गोदावरी थापली, श्रम प्रकोष्ठ के अध्यक्ष दिनेश कौशल, मनमोहन शर्मा, दिनेश चौहान, प्रीतम आर्य, अखिलेश उनियाल, गोपाल गढ़िया, दर्शन लाल, पूनम कंडारी ,राजेंद्र शाह, प्रतिमा सिंह, हरेंद्र बेदी, अरुण बलूनी उपस्थित रहे।















