धामी कैबिनेट की बैठक समाप्त, महत्वपूर्ण फैसलों पर लगी मोहर

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देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में में हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लगी है। बैठक में प्रशासनिक व्यवस्था से लेकर शिक्षा, परिवहन, वित्त और वन विभाग तक व्यापक निर्णय लिए गए। कैबिनेट ने विकास कार्यों के आवंटन की प्रक्रिया में बदलाव करते हुए तय किया कि अब 1 करोड़ रुपये तक के कार्य मेलाधिकारी स्तर से, 5 करोड़ रुपये तक के कार्य गढ़वाल कमिश्नर स्तर से और 5 करोड़ रुपये से अधिक के कार्य शासन स्तर से स्वीकृत किए जाएंगे। इस फैसले से कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है।

वित्त विभाग के अंतर्गत आबकारी नीति में 6 प्रतिशत वैट दर को नियमावली में शामिल कर लिया गया है, जिसे राज्य कर विभाग ने भी अपनाया है। परिवहन विभाग को मजबूत करने के लिए 250 नई बसों की खरीद को मंजूरी दी गई है। इसके अलावा, पहले स्वीकृत 100 बसों की संख्या बढ़ाकर 109 कर दी गई है। साथ ही परिवहन विभाग में पर्यवेक्षकों और सिपाहियों के लिए नई वर्दी भी निर्धारित की गई है।

अल्पसंख्यक कल्याण विभाग से जुड़े बड़े फैसले में कक्षा 1 से 8 तक संचालित मदरसों को अब जिला अधिकारी स्तर से मान्यता लेना अनिवार्य होगा। 452 मदरसों से संबंधित व्यवस्था को अंतिम रूप दिया गया है, जबकि रामनगर बोर्ड के अधीन 52 मदरसों को मान्यता दी जाएगी। इस संबंध में सरकार अध्यादेश लाने की तैयारी में है। इससे करीब 50 हजार से अधिक मुस्लिम छात्रों को लाभ मिलने की संभावना है। संस्कृत शिक्षा विभाग की सेवा नियमावली को भी मंजूरी मिल गई है, जिससे शिक्षकों के पदोन्नति के रास्ते खुल गए हैं।

लोक निर्माण विभाग (PWD) में बी श्रेणी के ठेकेदारों को राहत देते हुए उनकी कार्य सीमा 1 करोड़ से बढ़ाकर 1.5 करोड़ रुपये कर दी गई है। इससे निर्माण कार्यों में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है। उद्योग विभाग में दरों में संशोधन करते हुए 7 रुपये प्रति कुंटल से बढ़ाकर 8 रुपये प्रति कुंटल कर दिया गया है। वन विभाग में भी महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। वन दरोगा की आयु सीमा बढ़ाकर 21 से 35 वर्ष कर दी गई है, जबकि वन आरक्षी के लिए आयु सीमा 18 से 25 वर्ष निर्धारित की गई है। साथ ही वन क्षेत्र प्रबंधन से संबंधित नीति को भी मंजूरी दी गई है। कार्मिक विभाग में एकल संवर्ग के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार की जाएगी। वहीं, PWD में पूर्व में हुई भर्ती के बाद 6 नए पद सृजित करने का निर्णय लिया गया है।