देहरादून। प्रदेश की अस्थायी राजधानी देहरादून, ऋषिकेश एवं विकासनगर में महिलाओं की लगातार हो रही जघन्य हत्याओं ने उत्तराखण्ड की कानून व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर दिया है। इन घटनाओं के विरोध में उत्तराखण्ड क्रान्ति दल ने बुधवार को देहरादून में एसएसपी कार्यालय का घेराव कर प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन उत्तराखण्ड क्रान्ति दल के महानगर अध्यक्ष प्रबीन रमोला के नेतृत्व में किया गया। इस दौरान सीओ सिटी के माध्यम से डीजीपी उत्तराखण्ड पुलिस को ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता और रोष व्यक्त किया गया।

प्रदर्शन को संबोधित करते हुए महानगर अध्यक्ष प्रबीन रमोला ने कहा कि ऋषिकेश में प्रीति रावत की गोली मारकर हत्या और राजधानी गुंजन की गला रेतकर निर्मम हत्या की गई, जबकि दोनों ने पहले ही पुलिस को अपने हत्यारों से जान का खतरा होने की सूचना दी थी। इसके बावजूद पुलिस द्वारा समय रहते कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जो पुलिस प्रशासन की घोर लापरवाही, संवेदनहीनता और विफलता को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि विकासनगर में 12वीं कक्षा की छात्रा की नृशंस हत्या ने यह साफ कर दिया है कि प्रदेश में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और आम जनता, विशेषकर महिलाएं, खुद को असुरक्षित महसूस कर रही हैं। यदि पुलिस ने शिकायतों को गंभीरता से लिया होता और समय पर कार्रवाई की गई होती, तो इन बहनों की जान बचाई जा सकती थी। ये घटनाएं राज्य में महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था की पूरी तरह से पोल खोलती हैं।
उत्तराखण्ड क्रान्ति दल ने ज्ञापन के माध्यम से मांग की कि—
सभी हत्याकांडों की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए,
दोषियों को तत्काल गिरफ्तार कर कड़ी सजा दी जाए,
तथा लापरवाह पुलिस अधिकारियों के विरुद्ध कठोर विभागीय व कानूनी कार्रवाई की जाए।

प्रदर्शन में पार्टी के अनेक वरिष्ठ नेता एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे, जिनमें पूर्व केंद्रीय कार्यकारी अध्यक्ष पंकज ब्यास, पूर्व केंद्रीय उपाध्यक्ष जय प्रकाश उपाध्याय,
केंद्रीय महामंत्री विजय बौढ़ाई,
किरन रावत, राजेंद्र बिष्ट, राजेश्वरी रावत, केंद्रीय सचिव सौम्या चौधारी, केंद्रीय महिला उपाध्यक्ष संगीता बहुगुणा, महानगर महामंत्री राजीव नौटियाल, निशिथ मनराल, अंकेश भंडारी, जितेंद्र पंवार, अनूप बिष्ट, भोला चमोली, पवन सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल रहे। उत्तराखण्ड क्रान्ति दल ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं की गई और प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हुई, तो पार्टी राज्यव्यापी जनआंदोलन छेड़ने के लिए मजबूर होगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और पुलिस प्रशासन की होगी।









