राजधानी में कानून-व्यवस्था पर सवाल! तीन दिन में तीन मौतों पर कांग्रेस ने सरकार को घेरा

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देहरादून। राजधानी देहरादून में बीते तीन दिनों के भीतर हुई तीन अलग-अलग घटनाओं में मौतों ने कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इन घटनाओं को लेकर कांग्रेस ने प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस के पूर्व महानगर अध्यक्ष लालचंद शर्मा ने कहा कि कभी शांत और सुरक्षित माने जाने वाला देहरादून अब अपराध की घटनाओं के कारण चिंता का विषय बन गया है और सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हो रही है।

लालचंद शर्मा ने कहा कि राजपुर थाना क्षेत्र के जोहड़ी गांव में मॉर्निंग वॉक पर निकले एक रिटायर्ड ब्रिगेडियर की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई। बताया जा रहा है कि ओवरटेक को लेकर हुए मामूली विवाद के बाद यह वारदात हुई, जिसमें एक निर्दोष व्यक्ति को अपनी जान गंवानी पड़ी। उन्होंने कहा कि राजधानी में इस तरह खुलेआम गोली चलना इस बात का प्रमाण है कि अपराधियों के मन से कानून का डर खत्म हो चुका है।

शर्मा ने कहा कि यह अकेली घटना नहीं है। इसके अलावा रायपुर थाना क्षेत्र में एक PRD जवान की हवालात में मौत और नारी निकेतन में महिला संवासिनी की आत्महत्या जैसी घटनाओं ने प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने पूछा कि जब पुलिस की हिरासत में ही लोग सुरक्षित नहीं हैं और सरकारी संरक्षण में चल रहे संस्थानों में महिलाएं आत्महत्या करने को मजबूर हैं, तो आम जनता की सुरक्षा की जिम्मेदारी आखिर कौन उठाएगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है और प्रदेश में जंगलराज जैसी स्थिति बनती जा रही है। अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि दिनदहाड़े फायरिंग हो रही है और निर्दोष लोगों की जान जा रही है, जबकि सरकार केवल बयानबाजी में व्यस्त दिखाई दे रही है।

उन्होंने मुख्यमंत्री से इन घटनाओं की नैतिक जिम्मेदारी लेने की मांग करते हुए कहा कि प्रदेश की जनता आज खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है। यदि जल्द ही कानून-व्यवस्था को पटरी पर नहीं लाया गया और इन मामलों में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं हुई, तो कांग्रेस सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करेगी।
कांग्रेस नेता ने चेतावनी देते हुए कहा कि प्रदेश की जनता की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। यदि सरकार इस दिशा में ठोस कदम उठाने में विफल रहती है, तो विपक्ष जनता की आवाज बनकर संघर्ष करेगा और सरकार को जवाबदेह बनाने के लिए हर स्तर पर आंदोलन चलाया जाएगा।