परिवहन मंत्री से मिला रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद का प्रतिनिधिमंडल, कर्मचारियों की समस्याओं और नई बसों की खरीद का मुद्दा उठाया 

Astitva Times Desk
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परिवहन मंत्री से मिला रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद का प्रतिनिधिमंडल, कर्मचारियों की समस्याओं और नई बसों की खरीद का मुद्दा उठाया

देहरादून। रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रदेश महामंत्री दिनेश पंत के नेतृत्व में परिषद के एक प्रतिनिधिमंडल ने उत्तराखंड सरकार के परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा से उनके यमुना कॉलोनी स्थित आवास पर भेंट की। इस दौरान परिवहन निगम के विकास, कर्मचारियों की समस्याओं और निगम की आय बढ़ाने से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में परिषद के पदाधिकारियों ने उत्तराखंड परिवहन निगम के लिए नई बसों की खरीद को राज्य मंत्रिमंडल से स्वीकृति दिलाने पर परिवहन मंत्री का आभार व्यक्त किया। परिषद का कहना था कि यह निर्णय निगम की परिवहन सेवाओं को मजबूत बनाने और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।प्रतिनिधिमंडल ने परिवहन मंत्री को बताया कि निगम की वित्तीय और परिचालन स्थिति में सुधार के लिए ठोस कदम उठाए जाने की आवश्यकता है। साथ ही कर्मचारियों की विभिन्न लंबित समस्याओं के समाधान तथा निगम की आय में वृद्धि के लिए भी प्रभावी प्रयास किए जाने चाहिए। परिषद ने पूर्व में उत्तराखंड परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक को सौंपे गए मांग-पत्र की प्रति भी मंत्री को उपलब्ध कराते हुए उसमें उल्लिखित मांगों और सुझावों पर सकारात्मक कार्रवाई करने का अनुरोध किया।

बैठक के दौरान कर्मचारियों के समय पर वेतन भुगतान का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। परिषद के पदाधिकारियों ने कहा कि निगम कार्मिकों को नियमित और समयबद्ध वेतन उपलब्ध कराना आवश्यक है, जिससे कर्मचारियों का मनोबल बना रहे और वे बेहतर कार्य कर सकें। इसके अलावा कर्मचारियों के हितों से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण विषयों को भी मंत्री के समक्ष रखा गया। प्रतिनिधिमंडल ने एक महत्वपूर्ण मांग रखते हुए कोटद्वार डिपो बस स्टेशन का नाम उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय भुवन चंद्र खंडूड़ी के नाम पर किए जाने का आग्रह भी किया। परिषद का मानना है कि राज्य के विकास में उनके योगदान को देखते हुए यह उचित सम्मान होगा।

इस अवसर पर परिषद ने परिवहन मंत्री से अनुरोध किया कि जल्द से जल्द निगम बोर्ड की बैठक बुलाकर उत्तराखंड परिवहन निगम के लिए अतिरिक्त 250 छोटी एवं 600 बड़ी बसों सहित कुल 850 नई बसों की खरीद के प्रस्ताव को स्वीकृति दी जाए। साथ ही आगामी कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दिलाने के लिए आवश्यक पहल करने की भी मांग की गई। परिषद के पदाधिकारियों का कहना था कि नई बसों की खरीद से निगम के बेड़े में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, जिससे परिवहन सेवाओं का विस्तार, यात्रियों को सुरक्षित एवं सुविधाजनक यात्रा सुविधा उपलब्ध कराने के साथ-साथ निगम की आय में भी बढ़ोतरी होगी।

परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा ने परिषद द्वारा उठाए गए सुझावों और समस्याओं पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए आश्वासन दिया कि निगम हित एवं कर्मचारी हित से जुड़े सभी महत्वपूर्ण विषयों पर प्राथमिकता के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश महामंत्री दिनेश पंत, प्रदेश कोषाध्यक्ष अनुराग नौटियाल, देहरादून क्षेत्रीय अध्यक्ष मुकेश नैथानी, क्षेत्रीय मंत्री दिनेश सती, प्रशासनिक शाखा देहरादून के शाखाध्यक्ष देवेंद्र सिंह, प्रांतीय प्रतिनिधि महेश कुमार, क्षेत्रीय संयुक्त मंत्री मोनित कुमार सहित परिषद के अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।

राज्य निगम कर्मचारी अधिकारी महासंघ की बैठक में बड़ा फैसला, 9 निगमों के हजारों कर्मचारी होंगे शामिल

देहरादून। राज्य निगम कर्मचारी अधिकारी महासंघ की कार्यकारिणी बैठक मंगलवार को महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष दिनेश पंत की अध्यक्षता में 66 गांधी रोड स्थित रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद कार्यालय में संपन्न हुई। बैठक में विभिन्न निगमों के कर्मचारी प्रतिनिधियों ने प्रदेश के कर्मचारियों की समस्याओं एवं लंबित मांगों पर विस्तृत चर्चा की।

 

बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि महासंघ द्वारा पूर्व में शासन एवं राज्य सरकार को भेजे गए मांग-पत्र पर यदि आगामी 21 दिनों के भीतर कोई सकारात्मक एवं ठोस निर्णय नहीं लिया जाता है, तो राज्य निगम कर्मचारी अधिकारी महासंघ प्रदेशव्यापी कार्यबहिष्कार करने के लिए बाध्य होगा।

महासंघ ने स्पष्ट किया कि प्रस्तावित कार्यबहिष्कार में प्रदेश के लगभग 9 निगमों के कर्मचारी शामिल होंगे। इसमें उपनल, विशेष श्रेणी, संविदा, पीटीसी, अंशकालिक तथा दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों सहित विभिन्न वर्गों के कर्मचारी भाग लेंगे। महासंघ के पदाधिकारियों ने कहा कि लंबे समय से कर्मचारियों की मांगों की अनदेखी की जा रही है, जिससे कर्मचारियों में भारी रोष व्याप्त है।

बैठक में वक्ताओं ने कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए कई बार शासन और सरकार को ज्ञापन एवं मांग-पत्र सौंपे जा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। ऐसे में कर्मचारियों के पास आंदोलन का रास्ता अपनाने के अलावा कोई विकल्प शेष नहीं बचा है।

बैठक में प्रदेश अध्यक्ष दिनेश पंत, महासचिव श्याम सिंह नेगी, टी.एस. बिष्ट, मुकेश नैथानी, दिवाकर शाही, जीवानन्द भट्ट, राजेंद्र राणा, अनिल भट्ट, राजेश रमोला, शिशुपाल रावत, प्रेम सिंह रावत, लाल सिंह रौतेला, नमन शर्मा सहित अनेक कर्मचारी प्रतिनिधि उपस्थित रहे। महासंघ ने सरकार से कर्मचारियों की मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपील करते हुए चेतावनी दी कि यदि समय रहते समाधान नहीं निकाला गया, तो प्रदेशभर में व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा।

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