नई दिल्ली। हरियाणा के जींद जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां 37 वर्षीय महिला ने 11वें बच्चे को जन्म दिया है। प्रसव के बाद महिला और नवजात शिशु दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं। इस घटना ने इलाके में सामाजिक चर्चाओं को जन्म दे दिया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार महिला को पहले से ही 10 बेटियां हैं। परिवार में लंबे समय से बेटे की चाह के चलते महिला ने बार-बार गर्भधारण किया। आखिरकार 11वें प्रसव में महिला ने बेटे को जन्म दिया, जिसके बाद परिवार में खुशी का माहौल है। पिता संजय कुमार ने बेटा होने की खुशी में अस्पताल में मिठाई बांटी और पूरे अस्पताल को गुब्बारों से सजाकर खुशी का इज़हार किया। जब एक महिला रिपोर्टर ने महिला सुनीता एवं उसके पति संजय कुमार से बात की तो दोनों के चेहरे खुशी से खिले हुए थे। हालांकि जब रिपोर्टर ने दस बेटियों के नाम पूछे तो पिता संजय आसानी से सबके नाम नही बता पाए और दो बेटियों के नाम बताने में कंफ्यूज हो गए।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक महिला सुनीता को रविवार को प्रसव के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां चिकित्सकों की देखरेख में सुरक्षित डिलीवरी कराई गई। डॉक्टरों का कहना है कि महिला की उम्र और बार -बार प्रसव के बावजूद जच्चा -बच्चा दोनों की स्थिति संतोषजनक है। हालांकि चिकित्सकों ने महिला को आगे गर्भधारण न करने की सलाह दी है और परिवार नियोजन के महत्व पर भी जोर दिया है।
यह मामला एक बार फिर समाज में व्याप्त बेटा -बेटी के भेदभाव को उजागर करता है। सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि आज भी कुछ क्षेत्रों में बेटे की चाह इतनी प्रबल है कि महिलाएं अपने स्वास्थ्य और जीवन को जोखिम में डाल देती हैं। सरकार द्वारा चलाई जा रही बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ जैसी योजनाओं के बावजूद मानसिकता में बदलाव की जरूरत महसूस की जा रही है।
स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि वे परिवार को काउंसलिंग उपलब्ध कराएंगे और परिवार नियोजन से जुड़ी जानकारी देंगे, ताकि भविष्य में ऐसी स्थितियों से बचा जा सके। यह घटना न केवल चिकित्सा दृष्टि से बल्कि सामाजिक दृष्टि से भी सोचने पर मजबूर करती है कि आखिर कब समाज बेटा -बेटी को समान दृष्टि से देखना सीखेगा।












