समाजसेवियों ने आपदा प्रभावितों को दी आर्थिक सहायता

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देहरादून। राजधानी देहरादून के सहस्त्रधारा रोड स्थित काली मंदिर प्रांगण में नववर्ष के अवसर पर एक सराहनीय सामाजिक पहल के तहत आपदा पीड़ित युवकों को आर्थिक सहायता प्रदान की गई। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी के आशीर्वाद एवं वरिष्ठ सहयोगियों के सहयोग से छमरौली व फुलेत गांव में आई भीषण आपदा से प्रभावित तीन युवकों को राहत राशि सौंपी गई।


गौरतलब है कि हाल ही में छमरौली और फुलेत गांव क्षेत्र में आई प्राकृतिक आपदा के दौरान गांव के अजय, विक्रम और सुमन के दोपहिया वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त होकर बह गए थे। यह वाहन उनके दैनिक आवागमन और रोजगार के लिए अत्यंत आवश्यक थे। आपदा के बाद जब माननीय कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी क्षेत्र भ्रमण पर पहुंचे, तो उनके साथ स्थानीय प्रतिनिधि भी गांव पहुंचे। उस दौरान तीनों युवक अपने नुकसान को लेकर बेहद दुखी और चिंतित दिखाई दिए।

क्षेत्र भ्रमण के समय युवकों की स्थिति को देखते हुए उनसे सहायता का वादा किया गया था। उसी क्रम में आज अपने वचन को निभाते हुए तीनों आपदा पीड़ित युवकों को ₹31,000-₹31,000 (इकतीस हजार रुपये) की आर्थिक सहायता प्रदान की गई, ताकि वे अपने जीवन को पुनः पटरी पर ला सकें और दोबारा आवश्यक साधन जुटा सकें।

इस अवसर पर भाजपा नेता अनुज कौशल ने कहा कि आपदा की घड़ी में पीड़ितों के साथ खड़ा होना ही सच्ची सामाजिक जिम्मेदारी है। यह सहायता न केवल आर्थिक संबल प्रदान करती है, बल्कि पीड़ित परिवारों में विश्वास और हौसला भी जगाती है। सहायता प्रदान करने वाले प्रतिनिधि ने अपने सभी वरिष्ठ सहयोगियों और “बड़े भाइयों” का हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके सहयोग के बिना यह नेक कार्य संभव नहीं हो पाता।

कार्यक्रम में डांडा खुदानेवाला के पूर्व प्रधान मनुज गोदियाल, घनश्याम सिंह नेगी, प्रधान जयकृष्ण मंमगाई, विनय चंदोला, विक्रम खत्री, अनूप पंवार, अंकित फ़रासी, विक्रांत फरासी, नितिन गौड़, गजेन्द्र मराठा, मनीष डिमरी, दीपक ममगई, अनूप फरासी, संदीप शर्मा सहित कई गणमान्य व्यक्ति और स्थानीय लोग उपस्थित रहे। डांडा खुदानेवाला के पूर्व प्रधान मनुज गोदियाल ने भी इस पहल की सराहना करते हुए भविष्य में भी आपदा पीड़ितों की सहायता के लिए एकजुट रहने का संकल्प लिया। गोदियाल ने कहा कि इस प्रकार की मानवीय पहल से समाज में सकारात्मक संदेश जाता है और जरूरतमंदों को यह भरोसा मिलता है कि संकट की घड़ी में वे अकेले नहीं हैं।