16 फरवरी को लोकभवन घेराव की तैयारियों समेत कई मुद्दों को लेकर करन माहरा ने ली बैठक

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देहरादून। उत्तराखंड कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) सदस्य करन माहरा के यमुना कॉलोनी, देहरादून स्थित आवास पर आज प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए कांग्रेस पदाधिकारियों की एक महत्वपूर्ण, व्यापक एवं रणनीतिक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में संगठन को और अधिक सशक्त बनाने, कार्यकर्ताओं के मनोबल को ऊंचा करने तथा जनता से जुड़े ज्वलंत मुद्दों को लेकर एकजुट होकर संघर्ष करने का सामूहिक संकल्प लिया गया। प्रदेशभर से आए नेताओं और कार्यकर्ताओं ने वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों पर गंभीरता से चर्चा करते हुए संगठनात्मक एकजुटता को आगामी चुनौतियों से निपटने की सबसे बड़ी ताकत बताया।

बैठक का मुख्य उद्देश्य 16 फरवरी को ध्वस्त कानून व्यवस्था के विरोध में प्रस्तावित राजभवन घेराव कार्यक्रम की सफल तैयारी सुनिश्चित करना रहा। इस संदर्भ में कार्यक्रम की रूपरेखा, जनभागीदारी बढ़ाने की रणनीति तथा प्रदेश के कोने-कोने से कार्यकर्ताओं की सक्रिय उपस्थिति सुनिश्चित करने पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। उपस्थित पदाधिकारियों ने अपने-अपने जिलों की स्थिति साझा करते हुए बताया कि आज उत्तराखंड की जनता असुरक्षा, बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और प्रशासनिक अव्यवस्था से बेहद परेशान है। आमजन में सरकार के प्रति गहरी निराशा है और लोगों का भरोसा लगातार कमजोर होता जा रहा है।
बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि ऐसे चुनौतीपूर्ण समय में कांग्रेस की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। पार्टी को जनता की सच्ची आवाज बनकर सड़क से लेकर सदन तक प्रभावी संघर्ष करना होगा। नेताओं ने कहा कि कांग्रेस हमेशा से जनहित की राजनीति करती आई है और आगे भी जनता के अधिकारों, सुरक्षा और सम्मान के लिए पूरी ताकत से लड़ती रहेगी। कार्यकर्ताओं से आह्वान किया गया कि वे जमीनी स्तर पर लोगों से संवाद बढ़ाएं और उनकी समस्याओं को मजबूती के साथ उठाएं।

बैठक के दौरान आगामी 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर भी विस्तृत रणनीति पर मंथन हुआ। संगठन विस्तार, बूथ स्तर तक मजबूती, युवाओं और महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने तथा जनसंपर्क अभियान को तेज करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन चर्चा की गई। बैठक को संबोधित करते हुए करन माहरा ने कहा कि यह केवल एक चुनाव नहीं, बल्कि उत्तराखंड के भविष्य की निर्णायक लड़ाई है। उन्होंने कहा कि हमें गांव-गांव और शहर-शहर तक पहुंचकर जनता का विश्वास जीतना होगा और यह विश्वास केवल वादों से नहीं, बल्कि निरंतर संघर्ष और सेवा से मजबूत होगा।

माहरा ने अपने संबोधन में कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में प्रदेश की जनता के साथ लगातार छल हो रहा है। विकास के बड़े-बड़े दावे धरातल पर खोखले साबित हो रहे हैं और जनभावनाओं की लगातार अनदेखी की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनता के मूल मुद्दों से भटक चुकी है, जबकि प्रदेश बेरोजगारी, महंगाई और बदहाल कानून व्यवस्था जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रहा है। उन्होंने कहा कि अब उत्तराखंड की जनता बदलाव चाहती है और उम्मीद भरी नजरों से कांग्रेस की ओर देख रही है। उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस का प्रत्येक कार्यकर्ता इस परिवर्तन का वाहक बने और पूरी निष्ठा, समर्पण तथा एकजुटता के साथ संगठन को मजबूत करने में जुट जाए। माहरा ने कहा कि हम सब मिलकर यह संकल्प लें कि संघर्ष, सेवा और समर्पण के बल पर वर्ष 2027 में कांग्रेस की सरकार बनाएंगे और उत्तराखंड को प्रगति, पारदर्शिता, संवेदनशीलता और न्याय के मार्ग पर आगे ले जाएंगे।

बैठक में राजीव चौधरी (पूर्व जिलाध्यक्ष हरिद्वार ग्रामीण) मुशर्रफ हुसैन (पूर्व महानगर अध्यक्ष काशीपुर) मुरारी सिंह (जिलाध्यक्ष टिहरी), श्रीमती अलका पाल (महानगर अध्यक्ष काशीपुर) जसविंदर सिंह गोगी (महानगर अध्यक्ष देहरादून) राकेश राणा (पूर्व जिलाध्यक्ष टिहरी) मोहित उनियाल (जिलाध्यक्ष पछवादून) विकास नेगी (जिलाध्यक्ष कोटद्वार) दिनेश चौहान (जिलाध्यक्ष पुरोला) दीपक किरौला (जिलाध्यक्ष रानीखेत) उत्तम असवाल (जिलाध्यक्ष देवप्रयाग) मनीष राणा (पूर्व जिलाध्यक्ष उत्तरकाशी) राजेश चौधरी (जिलाध्यक्ष रुड़की) तथा अमन गर्ग (जिलाध्यक्ष हरिद्वार) सहित कई अन्य पदाधिकारीगण उपस्थित रहे।