बिल्डर पर शिकंजा: DM Court ने भेजा गुंडा एक्ट में नोटिस, हो सकती है जिला बदर की कार्रवाई

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देहरादून। राजधानी देहरादून के सहस्त्रधारा रोड आईटी पार्क के पास स्थित एटीएस कॉलोनी में लंबे समय से चल रहे विवादों ने अब प्रशासन को सख्त कदम उठाने पर मजबूर कर दिया है। कथित दबंगई, मारपीट और हथियार के प्रदर्शन जैसे गंभीर आरोपों में घिरे बिल्डर पुनीत अग्रवाल के खिलाफ जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय ने स्वतः संज्ञान लेते हुए गुंडा एक्ट के तहत नोटिस जारी कर दिया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि सात दिनों के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया, तो उनके खिलाफ जिला बदर की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, बिल्डर पर मारपीट, धमकी, अभद्र व्यवहार, वाहन से टक्कर मारने की कोशिश और स्थानीय निवासियों व आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों को झूठे मामलों में फंसाने जैसे कई गंभीर आरोप हैं। इसके अलावा, एक विधवा महिला की जमीन पर कथित फर्जी रजिस्ट्री के आधार पर कब्जा करने का मामला भी सामने आया है। इन मामलों में बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत कुल पांच मुकदमे दर्ज बताए गए हैं। इससे पहले दीपावली के दौरान कॉलोनी में पिस्टल लहराने और लाइसेंसी हथियार के दुरुपयोग के मामले में प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए उनका शस्त्र लाइसेंस निलंबित करते हुए हथियार जब्त कर लिया था।

एक अन्य मामले में डीआरडीओ में तैनात वैज्ञानिक अनिरुद्ध शर्मा के साथ मारपीट और उत्पीड़न का आरोप भी सामने आया है। बताया गया कि नगर निगम/एमडीडीए की भूमि पर कथित अवैध निर्माण का विरोध करने पर विवाद बढ़ा और मामला हिंसा तक पहुंच गया। घायल वैज्ञानिक को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, जबकि पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि कॉलोनी में लंबे समय से भय और तनाव का माहौल बना हुआ था और शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं हो रही थी। हालांकि, अब प्रशासन की सख्ती के बाद लोगों को राहत की उम्मीद जगी है।
जिलाधिकारी सविन बंसल ने दो टूक कहा है कि महिला, बुजुर्ग, बच्चों और कमजोर वर्गों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।