प्रशासन का सख्त रूख; नियम विरुद्ध संचालित हो रहे 96 होम स्टे के पंजीकरण निरस्त
देहरादून। राजधानी देहरादून में नियमों को ताक पर रखकर संचालित हो रहे होमस्टे पर जिला प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर चलाए गए विशेष अभियान में 96 होमस्टे के पंजीकरण निरस्त कर दिए गए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि नियमों का उल्लंघन करने वाले ऐसे होमस्टे अब बंद कराए जाएंगे और संबंधित इकाइयों को पर्यटन विभाग की वेबसाइट से भी हटाया जा रहा है।
जिला प्रशासन की पांच मजिस्ट्रेट टीमों ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों में 136 होमस्टे का गहन निरीक्षण किया। जांच के दौरान बड़ी संख्या में ऐसे होमस्टे सामने आए जो उत्तराखंड गृह आवास (होमस्टे) नियमावली के विपरीत संचालित हो रहे थे। कई स्थानों पर होमस्टे को होटल और रिसॉर्ट की तरह व्यावसायिक गतिविधियों के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था, जबकि कुछ इकाइयां लीज और किराये पर चलती मिलीं, जो नियमों के स्पष्ट उल्लंघन की श्रेणी में आता है।
निरीक्षण के दौरान प्रशासन को कई गंभीर अनियमितताएं मिलीं। अनेक होमस्टे में रसोई व्यवस्था तक मौजूद नहीं थी, जबकि कई स्थानों पर अग्निशमन उपकरण या तो लगे ही नहीं थे या उनकी वैधता समाप्त हो चुकी थी। कई संचालक निर्धारित क्षमता से अधिक कमरों का संचालन करते पाए गए। इतना ही नहीं, कुछ होमस्टे बारात घर और निजी आयोजनों के केंद्र बन चुके थे। विदेशी नागरिकों के ठहराव से संबंधित अनिवार्य सी-फॉर्म उपलब्ध न कराने के मामले भी सामने आए, जिसे प्रशासन ने गंभीर सुरक्षा चूक माना है।
प्रशासन के अनुसार कई होमस्टे में देर रात तक नियमविरुद्ध बार संचालन, तेज डीजे और नशे से जुड़ी गतिविधियों की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। ऐसे स्थानों पर उपद्रवी तत्वों का जमावड़ा बढ़ता जा रहा था।
शहर में हाल के दिनों में नशे की हालत में ओवरस्पीड वाहन चलाने, हुड़दंग और फायरिंग जैसी घटनाओं में भी ऐसे होमस्टे में ठहरे लोगों की संलिप्तता सामने आने के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया।जिलाधिकारी सविन बंसल ने कहा कि राज्य सरकार की होमस्टे योजना का उद्देश्य स्थानीय संस्कृति, पारंपरिक खानपान और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना है, ताकि स्थानीय लोगों को रोजगार और आय का साधन मिल सके। लेकिन कुछ संचालकों ने इसे पूरी तरह व्यावसायिक होटल व्यवसाय का माध्यम बना दिया, जिससे योजना की मूल भावना प्रभावित हो रही है। उन्होंने साफ कहा कि प्रशासन आगे भी सत्यापन और निरीक्षण अभियान लगातार जारी रखेगा तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

देहरादून। राजधानी देहरादून में नियमों की अनदेखी और लापरवाही कै होमस्टे पर भारी पड़ गई और उनके लाइसेंस निरस्त कर दिये गए। जिलाधिकारी सविन बंसल द्वारा होमस्टे संचालन की जांच कराई जा रही है. जांच के दौरान मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर जिला प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए 17 होमस्टे के पंजीकरण निरस्त कर दिए गए हैं. संबंधित होमस्टे को पर्यटन विभाग की विभागीय वेबसाइट से भी हटाया जाएगा।
पिछले कई महीने से शहर में बढ़ती आपराधिक घटना नशे और ओवर स्पीड में वाहन चलाना आदि घटनाएं बढ़ी हैं. होमस्टे में रात भर नियम विरुद्ध बार संचालन इसमें एक बड़ा कारण निकलकर सामने आया है. होमस्टे होटल में निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बिना पर्यटक और उपद्रवी प्रवृत्ति के लोग ठहराए जा रहे हैं. होमस्टे भी लीज पर संचालित हो रहे हैं। साथ ही ये जिले की कानून व्यवस्था के लिए चुनौती बन रहे हैं.जिसे देखते हुए जिला प्रशासन ने एक्शन का मन बनाया है।
जिलाधिकारी ने मजिस्ट्रेट की पांच टीमें बनाकर एक सप्ताह का विशेष अभियान चलाया. जिलाधिकारी के निर्देश के अनुसार सहसपुर और रायपुर विकासखंड के नगरीय क्षेत्रों में पंजीकृत होमस्टे की जांच के लिए क्षेत्रवार समितियों का गठन किया गया. निरीक्षण के दौरान कई होमस्टे में रसोई की व्यवस्था नहीं पाई गई. अग्निशमन उपकरण अनुपलब्ध या उनकी वैधता समाप्त पाई गई. होमस्टे का उपयोग बारात घर और व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा था. कई स्थानों पर स्वामी का निवास नहीं पाया गया. इकाइयों को लीज/किराये पर संचालित किया जा रहा था।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि कई होमस्टे में निर्धारित क्षमता से अधिक कमरों का संचालन किया जा रहा था. विदेशी नागरिकों के ठहराने की सूचना (सी-फॉर्म) भी उपलब्ध नहीं कराई गई. कुछ होमस्टे पंजीकृत होने के बावजूद संचालित नहीं पाए गए। निरीक्षण के दौरान निरंजनपुर स्थित एक होमस्टे में विदेशी नागरिकों के ठहराव की सूचना नियम अनुसार उपलब्ध नहीं कराई गई. अग्निशमन उपकरण की वैधता समाप्त पाई गई।
बल्लूपुर क्षेत्र में पंजीकरण से अधिक कमरों का संचालन किया जाना पाया गया. कुछ होमस्टे में स्वामी के स्थान पर अन्य व्यक्तियों द्वारा व्यावसायिक रूप से संचालन किया जा रहा था. मसूरी क्षेत्र में एक होमस्टे का स्वामित्व विक्रय किया जाना और अन्य का नवीनीकरण न कराया जाना पाया गया।
जिलाधिकारी सविन बंसल के अनुसार होमस्टे योजना का मूल उद्देश्य स्थानीय संस्कृति, पारंपरिक व्यंजनों के प्रचार-प्रसार और स्थानीय निवासियों की आय में वृद्धि करना है. निरीक्षण के दौरान कई होमस्टे का उपयोग होटल अथवा व्यावसायिक प्रतिष्ठान की भांति किया जाना पाया गया. जिससे अव्यवस्था और कानून-व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा था।











