ईद-उल-अज़हा इंसानियत, भाईचारे और कुर्बानी का पैगाम… जरूरतमंदों को खुशियों में करें शामिल; सुलेमान अंसारी

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सोशल मीडिया पर कुर्बानी की तस्वीरें न करें वायरल, साफ-सफाई और सौहार्द बनाए रखने की अपील

देहरादून। ईद-उल-अज़हा के मुबारक मौके पर अल्पसंख्यक कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष हाजी सुलेमान अंसारी ने प्रदेश एवं देशवासियों को दिली मुबारकबाद देते हुए मुस्लिम समाज से अमन, भाईचारे, सामाजिक जिम्मेदारी और इंसानियत के जज़्बे के साथ त्योहार मनाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि ईद-उल-अज़हा केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि त्याग, सेवा, मोहब्बत और इंसानी बराबरी का महान संदेश देने वाला त्योहार है, जो समाज को एक-दूसरे के दुख-दर्द में सहभागी बनने की सीख देता है।

उन्होंने कहा कि इस पवित्र अवसर पर हर व्यक्ति को यह संकल्प लेना चाहिए कि वह अपने आसपास मौजूद गरीब, बेसहारा और जरूरतमंद लोगों की मदद करेगा, ताकि ईद की खुशियां समाज के हर तबके तक पहुंच सकें। उन्होंने कहा कि इस्लाम इंसानियत, रहमत और मोहब्बत का धर्म है, जो दूसरों की तकलीफ को समझने और उनकी मदद करने का संदेश देता है।

हाजी सुलेमान अंसारी ने विशेष रूप से अपील करते हुए कहा कि कुर्बानी के दौरान साफ- सफाई का पूरा ध्यान रखा जाए और अवशेषों को खुले स्थानों, सड़कों या सार्वजनिक जगहों पर न फेंका जाए। उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का फर्ज है। त्योहार के दौरान यदि सभी लोग जिम्मेदारी और समझदारी का परिचय देंगे तो समाज में सकारात्मक संदेश जाएगा और आपसी सौहार्द भी मजबूत होगा।

उन्होंने सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव का जिक्र करते हुए कहा कि कुर्बानी की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा करने से बचना चाहिए। कई बार इस प्रकार की सामग्री से अन्य समुदायों की भावनाएं आहत होती हैं और सामाजिक सौहार्द प्रभावित होता है। उन्होंने कहा कि त्योहार का उद्देश्य दिखावा नहीं, बल्कि अल्लाह की राह में त्याग, सेवा और इंसानियत की भावना को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि भारत की पहचान उसकी गंगा-जमुनी तहज़ीब, आपसी भाईचारे और विविधता में एकता से है।

उत्तराखण्ड सहित पूरे देश में हिंदू-मुस्लिम-सिख-ईसाई सभी समुदाय सदियों से प्रेम और सौहार्द के साथ रहते आए हैं। ऐसे पावन अवसरों पर समाज को जोड़ने वाले संदेश देने की आवश्यकता है, न कि किसी प्रकार की कटुता फैलाने की।
हाजी सुलेमान अंसारी ने कहा कि आज देश को नफरत नहीं बल्कि मोहब्बत, भाईचारे और इंसानियत की जरूरत है। ईद-उल-अज़हा हमें यह सिखाती है कि इंसान अपनी खुशियों में दूसरों को शामिल करे, जरूरतमंदों की मदद करे और समाज में प्रेम, करुणा तथा आपसी सम्मान की भावना को मजबूत बनाए। उन्होंने सभी लोगों से अपील करते हुए कहा कि त्योहार को पूरी सादगी, शांति और जिम्मेदारी के साथ मनाएं। साथ ही युवाओं से भी आग्रह किया कि वे सोशल मीडिया का उपयोग सकारात्मक संदेश फैलाने के लिए करें और समाज में प्रेम व सद्भाव को मजबूत बनाने में अपनी भूमिका निभाएं।

हाजी सुलेमान अंसारी ने प्रदेश एवं देशवासियों को ईद-उल-अज़हा की दिली मुबारकबाद देते हुए दुआ की कि यह पर्व पूरे देश में अमन, तरक्की, खुशहाली और भाईचारे का संदेश लेकर आए तथा हर घर में खुशियां और बरकतें नसीब हों।