गुस्साए घरातियों ने बारातियों को बनाया बंधक, जान बचाने को छत से कूदे लोग
देहरादून। जिस घर में शहनाइयों की गूंज थी, जहां बेटी की विदाई के सपने सजाए जा रहे थे, वहां कुछ ही घंटों में चीख-पुकार, मातम और हिंसा का ऐसा मंजर छा गया जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। एक निकाह समारोह के दौरान मेहर की रकम को लेकर शुरू हुई बहस ने इतनी भयावह शक्ल अख्तियार कर ली कि दुल्हन के पिता की सदमे से मौत हो गई, जबकि बरातियों को अपनी जान बचाने के लिए छत से छलांग लगाने तक को मजबूर होना पड़ा।
अरमानों से सजाई थी बेटी की डोली, लेकिन उठ गई पिता की अर्थी
उधमसिंह नगर जिले में खटीमा के इस्लामनगर वार्ड नंबर-7 निवासी 65 वर्षीय सादिक हुसैन ने अपनी बेटी निकहत के निकाह को लेकर तमाम तैयारियां की थीं। परिवार में खुशी का माहौल था। रिश्तेदारों और मेहमानों की आवाजाही से घर गुलजार था। देर शाम उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के फरीदपुर से दूल्हा मोहम्मद आरिफ अपने परिजनों और बरातियों के साथ पूरे उत्साह के साथ मैरिज हॉल पहुंचा। बरात का जोरदार स्वागत हुआ। मेहमानों ने भोजन किया और निकाह की रस्मों की तैयारियां शुरू हो गईं। लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि कुछ ही देर बाद यह खुशी का समारोह एक दर्दनाक त्रासदी में बदल जाएगा।मेहर की रकम बनी विवाद की वजह, आमने-सामने आ गए दोनों पक्ष
निकाह से ठीक पहले मेहर की राशि तय करने को लेकर दोनों पक्षों में बातचीत शुरू हुई। दुल्हन पक्ष ने सामाजिक प्रतिष्ठा और पारिवारिक मान-सम्मान का हवाला देते हुए पांच लाख रुपये मेहर तय करने की मांग रखी, जवाब में दूल्हा पक्ष ने 21 हजार रुपये मेहर देने की बात कही। देखते ही देखते बातचीत बहस में और बहस तीखी नोकझोंक में बदल गई। दोनों पक्षों के बीच माहौल इतना तनावपूर्ण हो गया कि निकाह की खुशियां विवाद की भेंट चढ़ने लगीं। रिश्तेदार और गणमान्य लोग समझाने में जुटे रहे, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका। निकाह स्थल पर बढ़ते विवाद और तनाव के बीच दुल्हन के पिता सादिक हुसैन की तबीयत अचानक बिगड़ गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वे बेहद परेशान और व्यथित दिखाई दे रहे थे। अचानक उनके सीने में तेज दर्द उठा और वे जमीन पर गिर पड़े। परिजन उन्हें तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।बताया जा रहा है कि अत्यधिक तनाव और मानसिक सदमे के कारण उन्हें दिल का दौरा पड़ा। जिस पिता ने बेटी की खुशहाल जिंदगी के सपने देखे थे, वही बेटी के निकाह से पहले दुनिया छोड़ गया।
मौत की खबर सुनते ही फूटा गुस्सा, बरातियों पर टूट पड़ा कहर
जैसे ही सादिक हुसैन की मौत की सूचना निकाह स्थल पहुंची, माहौल पूरी तरह बदल गया। परिवार और रिश्तेदारों में शोक के साथ-साथ आक्रोश भी फैल गया। गुस्साए लोगों ने दूल्हे पक्ष को इस पूरे विवाद के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए हमला बोल दिया। आरोप है कि दूल्हे आरिफ, उसके भाइयों और अन्य बरातियों के साथ मारपीट की गई। लाठी-डंडों से हमला होने के बाद पूरे मैरिज हॉल में भगदड़ मच गई। चीखें, शोर और अफरा-तफरी के बीच लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।जब जान बचाने के लिए छत से कूदने को मजबूर हुए बराती
स्थिति इतनी भयावह हो गई कि कई बरातियों ने खुद को भीड़ के गुस्से से बचाने के लिए मैरिज हॉल की ऊंची छत से नीचे छलांग लगा दी। हर तरफ अफरा-तफरी का माहौल था। लोग किसी तरह बाहर निकलकर सुरक्षित स्थानों की ओर भागते दिखाई दिए। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस दौरान कोई बड़ी जनहानि नहीं हुई, लेकिन कई लोगों को चोटें आईं और पूरे क्षेत्र में दहशत फैल गई।बंधक बनाए गए बराती, भारी पुलिस बल ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन हरकत में आया। कोतवाल विजेंद्र शाह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। तब तक कई बरातियों को स्थानीय लोगों द्वारा बंधक बनाए जाने की बात सामने आई। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद सभी को सुरक्षित बाहर निकाला और हालात पर नियंत्रण पाया।एक विवाद जिसने कई जिंदगियों की खुशियां छीन लीं
मेहर की रकम को लेकर शुरू हुआ विवाद आखिरकार एक परिवार के मुखिया की जिंदगी लील गया। बेटी की शादी का सपना अधूरा रह गया, परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा और दोनों पक्षों के रिश्ते गहरे संकट में फंस गए। यह घटना सिर्फ एक पारिवारिक विवाद नहीं, बल्कि समाज के लिए भी एक बड़ा संदेश है कि संवाद की कमी, अहंकार और जिद कभी-कभी ऐसे परिणाम पैदा कर देते हैं, जिनकी भरपाई पूरी जिंदगी नहीं हो पाती।











