40 वर्षों की जनसेवा, संघर्ष और समर्पण का पर्याय: रायपुर की बुलंद आवाज़ हैं सूरत सिंह नेगी

Astitva Times Desk
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देहरादून। राजनीति केवल सत्ता का माध्यम नहीं, बल्कि समाज और जनसेवा का संकल्प है। इसी सोच को पिछले 40 वर्षों से अपने कार्यों के माध्यम से साकार कर रहे हैं रायपुर विधानसभा के वरिष्ठ कांग्रेस नेता सूरत सिंह नेगी। वर्ष 1985 से लगातार सामाजिक एवं राजनीतिक जीवन में सक्रिय रहते हुए उन्होंने जनसेवा, संगठन और जनसंघर्ष को अपने जीवन का ध्येय बनाया है।

अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत ग्राम पंचायत सदस्य के रूप में करने वाले सूरत सिंह नेगी ने उप-प्रधान और प्रधान के रूप में भी जनता की सेवा की। जमीनी स्तर पर कार्य करते हुए उन्होंने गांवों के विकास और आम लोगों की समस्याओं के समाधान को हमेशा सर्वोच्च प्राथमिकता दी। वर्तमान में वे उत्तराखंड कांग्रेस कमेटी के प्रदेश महासचिव एवं प्रदेश प्रवक्ता के दायित्व का सफलतापूर्वक निर्वहन कर रहे हैं।

प्रधान संगठन के प्रदेश अध्यक्ष एवं राजीव गांधी पंचायत प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में सूरत सिंह नेगी ने पंचायतों को और अधिक सशक्त, अधिकार-संपन्न एवं जनोन्मुखी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण पहल कीं। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों के अधिकारों की रक्षा, स्थानीय स्वशासन को मजबूत करने, ग्रामीण विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा पंचायतों को आर्थिक एवं प्रशासनिक रूप से सशक्त बनाने के लिए लगातार संघर्ष किया। उनके नेतृत्व में पंचायतों की आवाज़ को प्रदेश स्तर पर मजबूती मिली और जनहित से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए गए।
पंचायतों के अधिकारों की रक्षा के लिए हुए ऐतिहासिक 24 दिवसीय आंदोलन का नेतृत्व कर उन्होंने यह साबित किया कि जनप्रतिनिधि का पहला दायित्व जनता के अधिकारों की रक्षा करना है। किसानों, युवाओं, महिलाओं और आम जनता के मुद्दों को उन्होंने हमेशा प्रमुखता से उठाया और सरकार के समक्ष मजबूती से रखा।

कोविड-19 महामारी के कठिन दौर में जब अनेक परिवार संकट से जूझ रहे थे, तब सूरत सिंह नेगी ने सैकड़ों जरूरतमंद परिवारों तक राशन, दवाइयां और आवश्यक सहायता पहुंचाकर मानव सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया। इसके साथ ही प्रत्येक वर्ष बाढ़ एवं प्राकृतिक आपदाओं के दौरान राहत कार्यों का नेतृत्व करते हुए प्रभावित परिवारों तक हरसंभव सहायता पहुंचाई।
ग्रामीण क्षेत्रों में अनेक निःशुल्क स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन कर उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं को आमजन तक पहुंचाने का सराहनीय कार्य किया। वहीं अंकिता भंडारी न्याय आंदोलन, गैरसैंण राजधानी आंदोलन और पेपर लीक विरोधी आंदोलन जैसे जनहित के आंदोलनों में सक्रिय भूमिका निभाकर उन्होंने जनता के अधिकारों की आवाज़ को मजबूती प्रदान की।

चार दशकों का अनुभव, संगठनात्मक क्षमता, जनसंघर्ष और सेवा का निरंतर संकल्प आज सूरत सिंह नेगी को रायपुर विधानसभा के एक अनुभवी, सक्रिय और जनविश्वास से जुड़े नेता के रूप में स्थापित करता है। उनका सार्वजनिक जीवन इस बात का प्रमाण है कि सच्चा जनसेवक वही होता है, जो पद से नहीं बल्कि अपने कार्यों, संघर्षों और समाज के प्रति समर्पण से अपनी पहचान बनाता है।

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