देहरादून। छात्रसंघ चुनाव की सरगर्मी तेज होने के साथ ही छात्र संगठनों ने अपने प्रत्याशियों को मैदान में उतारना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआइ) ने देहरादून के तीन प्रमुख महाविद्यालयों के लिए अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर दी। कांग्रेस भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में एनएसयूआइ के प्रदेश अध्यक्ष विकास नेगी और जिला अध्यक्ष हिमांशु रावत ने प्रत्याशियों के नामों का ऐलान किया। एनएसयूआइ ने डीएवी पीजी कॉलेज में अध्यक्ष पद के लिए सौरभ सेमवाल को प्रत्याशी बनाया है। वहीं डीबीएस पीजी कॉलेज में अध्यक्ष पद के लिए अभिनव कफलिया को मैदान में उतारा गया है। संगठन की ओर से दोनों महाविद्यालयों में फिलहाल केवल अध्यक्ष पद के प्रत्याशियों की घोषणा की गई है। अन्य पदों के लिए नामों का ऐलान बाद में किए जाने की संभावना है।
एमकेपी पीजी कॉलेज में एनएसयूआइ ने अलग रणनीति अपनाते हुए अध्यक्ष समेत सभी प्रमुख पदों के लिए पूरा पैनल घोषित किया है। यहां प्राची शर्मा को अध्यक्ष पद का प्रत्याशी बनाया गया है। मोनिका उपाध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ेंगी, जबकि संजना को सहसचिव और प्रीति को महासचिव पद का प्रत्याशी घोषित किया गया है। इसके अलावा मोनिका रौथान कोषाध्यक्ष पद और सलोनी विश्वविद्यालय प्रतिनिधि (यूआर) पद के लिए एनएसयूआइ की प्रत्याशी होंगी। संगठन ने एमकेपी में सभी प्रमुख पदों पर प्रत्याशी उतारकर चुनावी तैयारियों को व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाने का संकेत दिया है।
छात्रसंघ चुनाव की तिथि 29 सितंबर निर्धारित होने के बाद से देहरादून के महाविद्यालयों में चुनावी गतिविधियां तेज हो गई हैं। विभिन्न छात्र संगठन अपने संभावित प्रत्याशियों के नामों पर मंथन करने के साथ ही छात्र-छात्राओं के बीच संपर्क अभियान शुरू कर चुके हैं। एनएसयूआइ की ओर से प्रत्याशियों की घोषणा के बाद अब कॉलेज परिसरों में प्रचार गतिविधियां और तेज होने की संभावना है। प्रत्याशी छात्र-छात्राओं से व्यक्तिगत संपर्क कर अपने पक्ष में समर्थन जुटाने की कोशिश करेंगे। वहीं अन्य छात्र संगठनों की ओर से भी जल्द प्रत्याशियों की घोषणा किए जाने की उम्मीद है। डीएवी, डीबीएस और एमकेपी जैसे प्रमुख महाविद्यालयों में प्रत्याशियों के मैदान में आने के साथ ही छात्रसंघ चुनाव को लेकर मुकाबले की तस्वीर धीरे-धीरे स्पष्ट होने लगी है। आने वाले दिनों में अन्य पदों और महाविद्यालयों के प्रत्याशियों की घोषणा के साथ चुनावी माहौल और अधिक सक्रिय होने की संभावना है।












