विधायक के साथ दुर्व्यवहार पर पंजाबी महासभा ने CM को ज्ञापन भेज दोषियों के खिलाफ की कार्रवाई की मांग

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देहरादून। किच्छा विधायक एवं प्रांतीय पंजाबी महासभा के संरक्षक के साथ 22 सितंबर को किच्छा में हुए कथित दुर्व्यवहार एवं बदतमीजी के मामले को लेकर पंजाबी समाज में रोष बढ़ता जा रहा है। घटना के विरोध में गुरुवार को प्रांतीय पंजाबी महासभा (रजि.) के पदाधिकारियों एवं बड़ी संख्या में समाज के लोगों ने कचहरी स्थित नगर मजिस्ट्रेट कार्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने नगर मजिस्ट्रेट से मुलाकात कर घटना पर कड़ा आक्रोश जताया और कहा कि एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि के साथ पुलिस की मौजूदगी में इस प्रकार का व्यवहार होना बेहद गंभीर और चिंताजनक है। प्रतिनिधिमंडल ने इसे जनप्रतिनिधि के सम्मान के साथ-साथ लोकतांत्रिक व्यवस्था एवं विधायिका की गरिमा से जुड़ा विषय बताया।


ज्ञापन में कहा गया कि “एक जनप्रतिनिधि के साथ हुई इस घटना की जितनी निंदा की जाए, उतनी कम है।” पंजाबी समाज के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि मामले में पुलिस द्वारा अब तक की गई कार्रवाई से समाज संतुष्ट नहीं है। उन्होंने सरकार से मांग की कि पूरे प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए दोषियों के विरुद्ध प्रभावी एवं दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि पंजाबी समाज चाहता है कि मामले में ऐसी कार्रवाई हो जिससे न केवल पीड़ित जनप्रतिनिधि को न्याय मिले, बल्कि समाज के बीच भी यह विश्वास कायम हो कि कानून सभी के लिए समान है और किसी भी जनप्रतिनिधि अथवा नागरिक के सम्मान के साथ दुर्व्यवहार करने वालों को कानून के दायरे में लाया जाएगा।

प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से मामले का संज्ञान लेते हुए निष्पक्ष जांच, दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई तथा भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की। इस अवसर पर भाजपा नेता हरीश नारंग, कांग्रेस नेता लाल चंद शर्मा, सर्राफा व्यापार मंडल अध्यक्ष सुनील मेसोन, गोपाल पुरी, राजीव पुंज, सुनील बांगा, नवनीत ओबेरॉय, विजय कोहली, मेजर सिंह, राजू गुलाटी, जितेंद्र खरबंदा, राजेश शर्मा, सतीश कपूर, कुलदीप सिंह ललकार सहित बड़ी संख्या में पंजाबी समाज के लोग मौजूद रहे।