दिन में विभागीय कर्तव्यनिष्ठा और रात में मंच पर जीवंत करते हैं पौराणिक पात्र
शिव, अंगद और मकरध्वज जैसे किरदारों में अभिनय से दर्शकों को किया मंत्रमुग्ध
सहारनपुर। कर्तव्यनिष्ठा और कला के अनूठे संगम का उदाहरण पेश करते हुए डाक विभाग के कर्मचारी संदीप भूषण ने अपनी बहुमुखी प्रतिभा से समाज और कला जगत में विशेष पहचान बनाई है। दिन के समय डाक विभाग में पूरी ईमानदारी और लगन के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने वाले संदीप रात होते ही रंगमंच की दुनिया में उतरकर विभिन्न पौराणिक एवं धार्मिक पात्रों को जीवंत कर रहे हैं।

उत्तर रेलवे नाटक क्लब से जुड़कर रंगमंच पर अपनी अदाकारी का जलवा बिखेर रहे संदीप भूषण ने अब तक कई चुनौतीपूर्ण भूमिकाओं से दर्शकों का दिल जीता है। उनके द्वारा मंच पर साकार किए गए पात्रों में भगवान भोलेनाथ शिव शंकर, रावण पुत्र अक्षय कुमार, अंगद, रावण दल के महामंत्री, गुरु वशिष्ठ, शूर्पणखा के भाई दूषण तथा हनुमान पुत्र मकरध्वज जैसे महत्वपूर्ण किरदार शामिल हैं।
विशेष रूप से भगवान भोलेनाथ के दिव्य एवं गरिमामय चरित्र को मंच पर उतारकर उन्होंने अपनी अभिनय क्षमता और भावाभिव्यक्ति का लोहा मनवाया है। वहीं अक्षय कुमार, अंगद और मकरध्वज जैसी विविध भूमिकाओं में उनके प्रभावशाली संवाद अदायगी और शारीरिक भाव-भंगिमाओं को जनता ने खूब सराहा।

बहुमुखी प्रतिभा के धनी हैं संदीप
सहकर्मियों और कला प्रेमियों का कहना है कि संदीप भूषण का व्यक्तित्व इस बात का प्रेरणादायक उदाहरण है कि अनुशासन और लगन हो तो व्यावसायिक जिम्मेदारियों के साथ-साथ अपनी कलात्मक अभिरुचि को भी नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया जा सकता है। दिन में डाक सेवा और रात में रंगमंचीय साधना उनकी कर्मठता को दर्शाती है। संस्था और शुभचिंतकों ने संदीप भूषण के उत्कृष्ट कार्य एवं रंगमंचीय योगदान पर उन्हें बधाई व साधुवाद देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।


