यूपी में 12 हजार से अधिक वक्फ संपत्तियों का पंजीकरण निरस्त, गलत जानकारी बनी वजह

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश में वक्फ संपत्तियों के पंजीकरण को लेकर बड़ी कार्रवाई सामने आई है। उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने राज्यभर में 12,000 से अधिक वक्फ संपत्तियों के पंजीकरण निरस्त कर दिए हैं। यह कार्रवाई पंजीकरण प्रक्रिया के दौरान गलत जानकारी देने या आवश्यक दस्तावेज अपलोड न करने के कारण की गई है।

प्रदेश में कुल 1.26 लाख वक्फ संपत्तियां पंजीकृत की गई थीं, जिनमें से 12,135 पंजीकरण अमान्य पाए गए। सबसे अधिक मामले लखनऊ से सामने आए, जहां 1,114 पंजीकरण निरस्त किए गए।
अन्य जिलों की स्थिति इस प्रकार है:
बिजनौर – 1003 पंजीकरण खारिज
सहारनपुर – 990 पंजीकरण खारिज
बाराबंकी – 577 पंजीकरण खारिज
अमरोहा – 86 मामले
बागपत – 60 मामले
बरेली – 17 मामले

निरस्तीकरण के मुख्य कारण
वक्फ बोर्ड के अनुसार, जिन संपत्तियों के पंजीकरण रद्द किए गए, उनमें मुख्य रूप से ये खामियां पाई गईं:
गलत या अधूरी जानकारी दर्ज करना
आवश्यक दस्तावेज अपलोड न करना
संपत्ति के स्वामित्व या उपयोग से संबंधित अस्पष्ट विवरण

वक्फ संपत्तियों का पंजीकरण भारत सरकार के ‘उम्मीद’ पोर्टल के माध्यम से किया जा रहा है। यह प्रक्रिया डिजिटल पारदर्शिता और रिकॉर्ड की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए लागू की गई है।क्फ संपत्तियों के पंजीकरण की अंतिम तिथि 6 जून निर्धारित की गई है। अधिकारियों ने संबंधित पक्षों से अपील की है कि वे समय रहते सही और पूर्ण जानकारी के साथ पंजीकरण प्रक्रिया पूरी करें, अन्यथा उनके आवेदन निरस्त किए जा सकते हैं। यह कार्रवाई वक्फ संपत्तियों के रिकॉर्ड को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।