दोगुना किराया नहीं देने पर सुनसान गली में ले जाने का आरोप, रैपिडो कंपनी को भी की गई शिकायत, जजेज कॉलोनी के गार्ड से भी उलझा चालक; डालनवाला थाने में में मुकदमा दर्ज, पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर की पूछताछ
देहरादून। राजधानी देहरादून में महिला सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। शहर में तैनात पंचम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने रैपिडो कैब चालक पर अभद्रता करने, निर्धारित किराये से दोगुनी रकम मांगने, विरोध करने पर सुनसान और अंधेरी गली में ले जाने तथा धमकी देने के आरोप लगाए हैं। महिला न्यायिक अधिकारी की शिकायत पर डालनवाला थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की पांच धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस चालक को हिरासत में लेकर थाने ले गई थी। मामले में जांच जारी है और आरोपों की अंतिम पुष्टि होना बाकी है।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, घटना 21 अक्टूबर 2026 की शाम करीब 6:11 बजे की है। महिला न्यायिक अधिकारी ने बलबीर रोड स्थित जजेज कॉलोनी से मालदेवता के पास सौड़ा सरोली जाने के लिए रैपिडो के माध्यम से कैब बुक की थी। शिकायत के मुताबिक, चालक बुकिंग स्वीकार करने के बाद वाहन लेकर पहुंचा। आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने पर महिला जज वाहन में बैठ गईं और यात्रा शुरू हो गई। कुछ दूरी तय करने के बाद चालक ने करीब नौ किलोमीटर की यात्रा का हवाला देते हुए निर्धारित किराये से दोगुनी रकम की मांग की। उसने एसी चलाने के नाम पर भी अतिरिक्त पैसे मांगे। महिला जज ने अतिरिक्त रकम देने से इनकार करते हुए कहा कि उन्होंने ऐप पर जो किराया देखा था, वह उसका भुगतान करने को तैयार हैं। आरोप है कि इसी बात को लेकर चालक और महिला न्यायिक अधिकारी के बीच विवाद शुरू हो गया।

महिला जज की शिकायत के अनुसार, किराये को लेकर विवाद बढ़ने के बाद चालक ने वाहन को निर्धारित मार्ग पर ले जाने के बजाय दूसरी ओर मोड़ दिया। आरोप है कि वह उन्हें एक अंधेरी और सुनसान गली में ले गया, जहां आसपास की दुकानें बंद थीं और आगे रास्ता भी बंद था। स्थिति संदिग्ध लगने पर महिला जज ने वाहन के भीतर से ही अपने कोर्ट मोहर्रिर रविन्द्र को फोन किया। उन्होंने उन्हें बताया कि चालक उन्हें गलत दिशा में ले जा रहा है और उसके व्यवहार से उन्हें खतरा महसूस हो रहा है। शिकायत में आरोप है कि चालक ने फोन पर बातचीत करते देख महिला जज को धमकाया और कहा कि पुलिस में उसकी अच्छी जान-पहचान है। उसने कथित तौर पर उन्हें सबक सिखाने की बात भी कही तथा राइड रद्द करने के लिए दबाव बनाया।
रैपिडो के कस्टमर केयर को भी दी सूचना
घटना से घबराई महिला जज ने कथित तौर पर रैपिडो कंपनी के कस्टमर केयर को भी फोन कर चालक के व्यवहार और अतिरिक्त किराया मांगने की शिकायत की। इस तरह मामला केवल यात्री और चालक के बीच किराये के विवाद तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यात्री की सुरक्षा से जुड़ा विषय बन गया। जब चालक को पता चला कि गली आगे से बंद है, तो वह वाहन को वापस मोड़कर बाहर की ओर ले आया। इसके बाद वह जजेज कॉलोनी के गेट पर पहुंचा और राइड रद्द कर दी। महिला जज का आरोप है कि इस पूरे घटनाक्रम के दौरान चालक का व्यवहार आक्रामक बना रहा और उन्हें अपनी सुरक्षा को लेकर डर महसूस हुआ।

जजेज कॉलोनी के गार्ड से भी विवाद
शिकायत के मुताबिक, जजेज कॉलोनी के गेट पर तैनात सुरक्षा गार्ड थपलियाल ने चालक से उसके व्यवहार के बारे में सवाल किए। आरोप है कि इस पर चालक गार्ड से भी उलझ गया और उसे धमकी देने लगा। बताया गया है कि विवाद बढ़ने पर आसपास के लोग मौके पर एकत्र हो गए। लोगों ने चालक से सवाल किया कि वह महिला यात्री को सुनसान गली में क्यों ले गया था। रिपोर्टों के अनुसार, चालक ने जवाब दिया कि यात्री को उसे रास्ता बताना चाहिए था। इसके बाद कॉलोनी के गेट पर करीब आधे घंटे तक हंगामा होने का आरोप है। महिला जज के कोर्ट मोहर्रिर रविन्द्र की सूचना पर डालनवाला थाने से चीता पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस चालक को अपने साथ थाने ले गई।
घर का पता जानने से महिला जज को सुरक्षा की चिंता
महिला न्यायिक अधिकारी ने अपनी शिकायत में कहा है कि चालक उनके घर और कॉलोनी का पता देख चुका है। उन्हें आशंका है कि वह भविष्य में उनके साथ कोई अप्रिय घटना कर सकता है।
उन्होंने चालक के कथित व्यवहार और धमकियों का उल्लेख करते हुए अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई और उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की। इस मामले में एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि शिकायतकर्ता न्यायिक अधिकारी हैं, लेकिन सुरक्षा का सवाल किसी पद तक सीमित नहीं है। सार्वजनिक परिवहन और ऐप आधारित कैब सेवाओं में हर यात्री को सुरक्षित यात्रा का भरोसा मिलना जरूरी है।

पांच धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा
लाइव हिन्दुस्तान और अन्य मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, डालनवाला पुलिस ने चालक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 115(2), 127(2), 308(3), 351(2) और 352 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। इन धाराओं का संबंध चोट पहुंचाने, गलत तरीके से रोकने या परिरोध, जबरन वसूली से संबंधित परिस्थितियों, आपराधिक धमकी और शांति भंग कराने के इरादे से जानबूझकर अपमान जैसे कानूनी प्रावधानों से है। प्राथमिकी में इन धाराओं का दर्ज होना आरोपों का न्यायिक रूप से सिद्ध होना नहीं है। प्रत्येक आरोप की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगी।

पुलिस कार्रवाई पर क्या है ताजा अपडेट?
23 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित रिपोर्टों में बताया गया है कि पुलिस टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर चालक को हिरासत में लिया और उसे थाने ले गई। महिला जज की शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज किए जाने की भी पुष्टि मीडिया रिपोर्टों में की गई है। हालांकि उपलब्ध ताजा रिपोर्टों में चालक की औपचारिक गिरफ्तारी, न्यायालय में पेशी, पुलिस रिमांड या जांच के अंतिम निष्कर्ष की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि नहीं मिली है। इसलिए फिलहाल पुलिस द्वारा चालक को थाने ले जाने और मामला दर्ज किए जाने की जानकारी को ही पुष्ट रिपोर्टेड अपडेट के रूप में प्रस्तुत करना उचित है।
महिला सुरक्षा और कैब सेवाओं की जवाबदेही पर सवाल
देहरादून की यह घटना ऐप आधारित कैब सेवाओं में यात्री सुरक्षा, किराये की पारदर्शिता और शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई की आवश्यकता को रेखांकित करती है। यात्रियों से तय किराये से अधिक रकम मांगने, निर्धारित मार्ग से हटने या धमकी देने जैसी शिकायतों पर संबंधित कंपनी और पुलिस को समयबद्ध कार्रवाई करनी चाहिए। यात्रा के दौरान ऐप पर उपलब्ध बुकिंग रिकॉर्ड, चालक की जानकारी, शिकायत का विवरण और अन्य डिजिटल साक्ष्य जांच में मददगार हो सकते हैं। ऐसी घटनाओं में यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ निष्पक्ष जांच और आरोपी को अपना पक्ष रखने का अवसर देना भी आवश्यक है।फिलहाल मामला पुलिस जांच के अधीन है। महिला न्यायिक अधिकारी की शिकायत पर मुकदमा दर्ज हो चुका है और पुलिस चालक को थाने ले गई थी। आगे की जांच में आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।
