ATS कॉलोनी में बिल्डर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, दूसरे बिल्डर पर गंभीर आरोप

Astitva Times Desk
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पैसों के लेनदेन और कथित आर्थिक विवाद का मामला आया सामने, व्हाट्सऐप संदेशों और पत्र की जांच में जुटी पुलिस; आरोपों की सत्यता की जांच के बाद ही खुलेगा मौत का राज

देहरादून। राजधानी देहरादून में सोमवार को सहस्त्रधारा रोड स्थित एटीएस कॉलोनी में एक बिल्डर की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत से हड़कंप मच गया। मृतक की पहचान पंजाब के फतेहगढ़ साहिब निवासी पंकज मित्तल (लगभग 52 वर्ष), पुत्र पवन कुमार के रूप में हुई है। उनका शव रायपुर थाना क्षेत्र में एटीएस कॉलोनी से पूर्व की ओर स्थित एक निर्माणाधीन भवन में मिला। घटना की सूचना मिलते ही रायपुर थाना पुलिस और मयूर विहार चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।
पुलिस को कंट्रोल रूम के माध्यम से सूचना मिली थी कि निर्माणाधीन भवन में एक व्यक्ति मृत अवस्था में पड़ा है। सूचना पर थानाध्यक्ष रायपुर और चौकी प्रभारी मयूर विहार पुलिस बल के साथ तत्काल घटनास्थल पहुंचे। मौके पर व्यक्ति चित अवस्था में पड़ा मिला। उसके सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें थीं तथा काफी रक्तस्राव हुआ था। पुलिस ने परीक्षण के बाद उसे मृत पाया।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, पंकज मित्तल की मौत निर्माणाधीन भवन की पांचवीं मंजिल से गिरने के बाद हुई। हालांकि, घटना की वास्तविक परिस्थितियों और मौत के कारणों को लेकर पुलिस की जांच महत्वपूर्ण है। घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ पुलिस ने उपलब्ध साक्ष्यों को जुटाने की कार्रवाई शुरू की। इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह सामने आया है कि घटना से कुछ समय पहले पंकज मित्तल ने कॉलोनी के कुछ निवासियों को हाथ से लिखा एक पत्र और टाइप किया हुआ संदेश भेजा था। कुछ मीडिया रिपोर्टों में इन संदेशों को व्हाट्सऐप के माध्यम से भेजे जाने की बात कही गई है। इन संदेशों में उन्होंने अपनी आर्थिक परेशानियों, कथित वित्तीय नुकसान और एक अन्य बिल्डर से जुड़े विवाद का उल्लेख किया था। संदेश में अपनी मौत के लिए भी संबंधित व्यक्ति को जिम्मेदार ठहराए जाने की बात सामने आई है।

स्थानीय मीडिया रिपोर्टों में सामने आए कथित व्हाट्सऐप संदेश के अनुसार, पंकज मित्तल ने एटीएस कॉलोनी में रहने वाले बिल्डर पुनीत अग्रवाल पर गंभीर आरोप लगाए थे। उनका आरोप था कि संबंधित व्यक्ति ने उनसे पैसे लिए थे, लेकिन लंबे समय तक प्रयास करने के बावजूद रकम वापस नहीं की। संदेश में कथित तौर पर पांच से छह महीने से पैसे वापस पाने के प्रयास, आर्थिक नुकसान और मानसिक परेशानी का जिक्र किया गया है। एक निर्माण कंपनी के बैंक खाते में रकम दिए जाने का दावा भी सामने आया है।

इसके अलावा संदेश में धमकी देने, बदसलूकी करने और कॉलोनी के अन्य लोगों के साथ कथित विवादों का भी उल्लेख बताया गया है।
हालांकि, इन सभी आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इन्हें फिलहाल मृतक की ओर से लगाए गए आरोपों के रूप में ही देखा जाना चाहिए। संबंधित व्यक्ति का पक्ष और पुलिस जांच के निष्कर्ष सामने आना बाकी है। इस पूरे प्रकरण में पुलिस के सामने सबसे अहम सवाल यह है कि पंकज मित्तल की मौत किन परिस्थितियों में हुई और घटना से पहले भेजे गए संदेशों में लगाए गए आरोपों की वास्तविकता क्या है।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस मृतक के मोबाइल फोन, संदेशों और कथित पत्र की पड़ताल कर रही है। संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ और वित्तीय लेनदेन से जुड़े तथ्यों की जांच भी मामले में अहम हो सकती है। पुलिस के लिए यह पता लगाना जरूरी होगा कि कथित तौर पर कितनी रकम का लेनदेन हुआ, पैसा किस खाते में भेजा गया, उससे संबंधित दस्तावेज क्या हैं और घटना से पहले मृतक तथा आरोपित व्यक्ति के बीच क्या बातचीत हुई थी।

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