दून में पार्षद के परिवार को नशीला पदार्थ देकर लूट, नौकर ने साथियों संग दिया वारदात को अंजाम

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देहरादून। राजधानी में पार्षद के घर हुई लूट की वारदात ने सुरक्षा व्यवस्था और घरेलू सहायकों के सत्यापन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, करीब 25 दिन पहले घर में काम करने के लिए रखा गया नेपाल निवासी घरेलू सहायक कथित तौर पर परिवार के खाने-पीने की वस्तु में नशीला पदार्थ मिलाकर उन्हें बेहोश करने के बाद घर में लूटपाट कर फरार हो गया। पुलिस की शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि वारदात में वह अकेला नहीं था और उसके कुछ साथी भी घर के अंदर पहुंचे थे।

बताया जा रहा है कि मंगलवार रात घर में पार्षद अमिता सिंह, उनके पति महिपाल सिंह और बेटे शुभम मौजूद थे। आरोप है कि घरेलू सहायक ने परिवार के सदस्यों को नशीला पदार्थ खिलाया या पिलाया। कुछ समय बाद परिवार के तीनों सदस्यों की हालत बिगड़ गई और वे बेहोशी की स्थिति में चले गए। परिवार के सदस्यों के बेहोश होने के बाद आरोपी ने कथित तौर पर अपने साथियों को घर में बुलाया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इसके बाद आरोपियों ने करीब एक घंटे तक घर के भीतर सामान खंगाला और नकदी, जेवरात तथा अन्य कीमती सामान लेकर फरार हो गए। बताया जा रहा है कि वारदात के बाद आरोपी अलग-अलग दिशाओं में निकल गए।

सिर्फ नौकर नहीं, कई लोगों की भूमिका की आशंका
इस मामले का सबसे अहम पहलू पुलिस की जांच में सामने आया नया इनपुट है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक घरेलू सहायक ने परिवार के बेहोश होने के बाद कुछ अन्य लोगों को घर बुलाया था। इससे पुलिस को आशंका है कि वारदात पहले से सुनियोजित हो सकती है हालांकि, आरोपियों की संख्या, उनकी पहचान और वारदात की पूरी योजना को लेकर पुलिस की जांच अभी जारी है। इसलिए इन पहलुओं की अंतिम पुष्टि जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही हो सकेगी।

पुलिस की जांच में घरेलू सहायक की नियुक्ति भी महत्वपूर्ण कड़ी बन गई है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, पार्षद की बेटी मेघा, जो दिल्ली में रहती हैं, ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से नेपाल निवासी व्यक्ति को घरेलू काम के लिए रखा था। उसे करीब 25 दिन पहले ही घर में काम पर रखा गया था।
अब पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि उसे काम पर रखने से पहले उसके दस्तावेजों और पहचान का किस स्तर तक सत्यापन किया गया था। साथ ही उसके बताए गए पते, मोबाइल नंबर और संपर्कों की भी जांच की जा रही है।

घटना के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। घर और आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि संदिग्ध व्यक्ति घर में कब दाखिल हुए, कितने लोग थे, किस रास्ते से आए और वारदात के बाद किस दिशा में गए। इसके साथ ही पुलिस घरेलू सहायक के मोबाइल संपर्कों की भी जांच कर रही है। जांच का एक अहम सवाल यह है कि क्या वारदात से पहले घर की रेकी की गई थी और आरोपियों को घर में रखी नकदी व जेवरात की जानकारी पहले से थी। घटना के बाद अमिता सिंह, उनके पति महिपाल सिंह और बेटे शुभम की तबीयत बिगड़ गई। तीनों को उपचार के लिए सिनर्जी अस्पताल ले जाया गया। प्रारंभिक रिपोर्टों में तीनों के नशीला पदार्थ दिए जाने के बाद बीमार पड़ने की जानकारी सामने आई है।

नशीले पदार्थ की वास्तविक प्रकृति और उसे किस तरीके से खाने-पीने की वस्तु में मिलाया गया, इसकी पुष्टि जांच और चिकित्सकीय रिपोर्ट के आधार पर ही होगी। इस मामले में पुलिस के सामने फिलहाल तीन प्रमुख चुनौतियां हैं—पहली, फरार घरेलू सहायक को पकड़ना; दूसरी, उसके संभावित साथियों की पहचान करना; और तीसरी, लूटे गए सामान की बरामदगी। CCTV फुटेज, मोबाइल लोकेशन/संपर्क और आरोपी के दस्तावेज पुलिस के लिए अहम सुराग साबित हो सकते हैं। इसके अलावा जिस माध्यम या एजेंसी के जरिए घरेलू सहायक की नियुक्ति हुई, उससे भी जानकारी जुटाई जा रही है।

यह घटना एक बार फिर घरेलू सहायकों के पुलिस सत्यापन और उनकी पृष्ठभूमि की जांच को लेकर सवाल खड़े करती है। घर में काम करने वाले व्यक्ति को परिवार के दैनिक जीवन, घर की संरचना और कई बार कीमती सामान के बारे में भी जानकारी मिल जाती है। ऐसे में बिना पर्याप्त पहचान और सत्यापन के किसी व्यक्ति को घरेलू काम पर रखना जोखिम पैदा कर सकता है। हालांकि, इस मामले में यह कहना अभी जल्दबाजी होगी कि सत्यापन में कोई चूक हुई थी या नहीं। पुलिस की जांच में यह पहलू भी स्पष्ट होना बाकी है। घटना के बाद से घरेलू सहायक फरार बताया जा रहा है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है और उसके संभावित संपर्कों तथा ठिकानों की जानकारी जुटाई जा रही है। फिलहाल गिरफ्तारी और लूटे गए सामान की बरामदगी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

पुलिस जांच आगे बढ़ने के साथ यह साफ होने की उम्मीद है कि वारदात की पूरी साजिश कैसे तैयार हुई, इसमें कितने लोग शामिल थे, नशीला पदार्थ कहां से आया और लूटे गए सामान की कुल कीमत कितनी है। फिलहाल इस सनसनीखेज वारदात ने देहरादून में घरेलू सहायकों के सत्यापन, घरों की सुरक्षा और CCTV निगरानी को लेकर गंभीर चिंता जरूर पैदा कर दी है।