हादसा : वायुसेना के दो लड़ाकू विमान दुर्घटनाग्रस्त, पायलट की मौत, घटना की जांच के आदेश

MS Malik
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नई दिल्ली। मध्यप्रदेश में मुरैना के पास एयरफोर्स के दो लड़ाकू विमान सुखोई-30 और मिराज 2000 दुर्घटनाग्रस्त हो गए। सूचना मिलते ही मौके पर राहत बचाव दल पहुंच गया है और आगे की कार्रवाई में जुट गया है। हादसा आज शनिवार सुबह हुआ, जिसमें एयरफोर्स के दो लड़ाकू विमान सुखोई-30 और मिराज 2000 दुर्घटनाग्रस्त हो गए। सूचना मिलते ही मौके पर राहत बचाव दल पहुंच गया है और आगे की कार्रवाई में जुट गया है। रक्षा सूत्रों के मुताबिक, दोनों विमानों ने मध्यप्रदेश के ग्वालियर एयरबेस से उड़ान भरी थी, जहां अभ्यास चल रहा था। रक्षा मंत्री ने एयरफोर्स चीफ से इस हादसे को लेकर बातचीत की है। उनके आदेश पर फाइटर जेट क्रैश को लेकर वायुसेना ने जांच बैठा दी है। साथ ही रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी मामले पर नजर बनाए हुए हैं।

ग्रामीणों के अनुसार, घटना सुबह लगभग दस बजे की है। पहाड़गढ़ इलाके में ग्रामीणों ने आसमान में एक विमान जलते हुए देखा और फिर उसके टुकड़े जमीन में गिरते हुए देखा। इसके बाद आसपास हड़कंप मच गया। लोगों ने उस तरफ दौड़ लगाई, जिस तरफ विमान के टुकड़े जलकर गिर रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि ईश्वर महादेव मंदिर के पास दुर्घटना ग्रस्त हो गया।

पायलट ने अपनी जान देकर पूरे कस्बे को बचाया
लोगों का कहना है कि इन विमानों में जब आग लगी तब वे मुरैना जिले के कैलारस कस्बे के ऊपर से गुजर रहे थे। तभी लोगों ने हवा में उन्हें आग से जलते देखा तो हड़कंप मच गया कि अगर इसका मलबा नीचे गिरा तो पूरा कस्बा तबाह हो सकता है। लेकिन मलवा काफी दूर जंगल मे गिरा। माना जा रहा है कि पायलट ने अपनी जान की बाजी लगाकर कस्बे को जलने से बचा लिया। घटना की सूचना मिलते ही मुरैना के कलेक्टर और एसपी मौके पर पहुंचे और बड़ी संख्या में डॉक्टर और पुलिस के दल भी वहां पहुंच गए है। घटना के बाद ग्वालियर के महाराजपुरा एयरबेस सेंटर से आधा दर्जन से ज्यादा हेलीकॉप्टर रवाना हुए। इसमें रेस्क्यू दल के सदस्य थे। दिल्ली और इलाहवाद से भी वायुसेना के वरिष्ठ अफसर मौके के लिए रवाना हो गए हैं।

जानकारी के मुताबिक, दुर्घटना के दौरान सुखोई 30 में दो पायलट थे। जबकि मिराज 2000 में एक पायलट था। बताया जा रहा है कि दोनों पायलट सुरक्षित हैं। बता दें कि मिराज 2000 फाइटर जेट्स को उड़ाने के लिए सिर्फ एक पायलट की जरूरत होती है। इस जेट की लंबाई 47.1 फीट होती है। विंगस्पैन 29.11 फीट होती है, ऊंचाई 17.1 फीट होती है। हथियारों और ईधन के साथ इसका वजन 13,800 किलोग्राम हो जाता है। वैसे यह 7500 किलोग्राम वजन का है।

वहीं, सुखोई 30 की बात करें तो इसकी लंबाई 72 फीट है। विंगस्पैन 48.3 फीट है, ऊंचाई 20.10 फीट है। इसका वजन 18,400 KG है। इसमें लीयुल्का एल-31एफपी आफ्टरबर्निंग टर्बोफैन इंजन लगे हैं, जो उसे 123 किलोन्यूटन की ताकत देता है। इस इंजन और अपनी एयरोडायनेमिक बनावट की बदौलत फाइटर जेट 2120 किमी प्रतिघंटा की स्पीड से उड़ता है। इसकी रेंज भी 3000 किलोमीटर है। बीच रास्ते में ईंधन मिल जाए तो यह 8000 किलोमीटर तक जा सकता है। यह करीब 57 हजार फीट की ऊंचाई तक उड़ान भर सकता है।

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