MDDA का एक्शन; अवैध प्लॉटिंग ध्वस्त अवैध निर्माण भी हुआ सील

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देहरादून। राजधानी देहरादून में अवैध प्लाटिंग और बिना अनुमति किए जा रहे निर्माण के खिलाफ एमडीडीए ने अभियान चलाते हुए कार्यवाही को अंजाम दिया है। प्राधिकरण की टीम ने तीन स्थानों पर कार्रवाई करते हुए दो जगह अवैध प्लाटिंग ध्वस्त की, जबकि एक निर्माण को सील कर दिया। कार्रवाई से अवैध रूप से कॉलोनी विकसित करने वालों में खलबली मच गई।

एमडीडीए की टीम ने सबसे पहले मेहुवाला माफी स्थित कैलाशपुर रोड के पास कार्रवाई की। यहां मुर्सलीन, सुल्तान और अन्य लोगों की ओर से करीब चार बीघा जमीन पर बिना अनुमति प्लाटिंग की जा रही थी। टीम ने मौके पर पहुंचकर बुलडोजर से प्लाटिंग ध्वस्त कर दी। अधिकारियों के मुताबिक, संबंधित लोगों को पहले कारण बताओ नोटिस जारी करने के साथ निर्माण रोकने के आदेश दिए गए थे। निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। इसके बाद टीम ने मसूरी-देहरादून मोटर मार्ग स्थित गलोगी धार क्षेत्र में कार्रवाई की। यहां नितिन खन्ना की ओर से बिना स्वीकृति निर्माण कराया जा रहा था। निरीक्षण के दौरान आवश्यक अनुमति नहीं मिलने पर एमडीडीए ने निर्माण को सील कर दिया। अधिकारियों ने बताया कि सीलिंग के बाद निर्माण कार्य पर रोक लगा दी गई है।

वहीं, तीसरी कार्रवाई शिमला बाईपास रोड स्थित कारवारी ग्रांट नहर वाली रोड पर की गई। यहां शिव प्रसाद नैनवाल और जगदीश प्रसाद नैनवाल की ओर से करीब 10 से 15 बीघा जमीन पर अवैध प्लाटिंग विकसित की जा रही थी। एमडीडीए की टीम ने मौके पर पहुंचकर प्लाटिंग को ध्वस्त कर दिया। प्राधिकरण के अनुसार, इस मामले में पहले से वाद दर्ज था। संबंधित पक्षों को अपना पक्ष रखने का अवसर भी दिया गया था, लेकिन जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर नियमानुसार ध्वस्तीकरण किया गया।

एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के तहत अवैध निर्माण और प्लाटिंग के खिलाफ अभियान लगातार जारी है। बिना स्वीकृत मानचित्र और आवश्यक अनुमति के निर्माण या कॉलोनी विकसित करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि जमीन या भवन खरीदने से पहले उसकी वैधानिक स्थिति और जरूरी स्वीकृतियों की जांच जरूर करें। उन्होंने कहा कि बिना जांच के अवैध प्लाटिंग में निवेश करने पर लोगों को बाद में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।