Screen Time Side Effects; मोबाइल- लैपटॉप चलाते हैं! आंखों की थकान के यह 5 संकेत भूलकर भी न करें नजरअंदाज

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आज के डिजिटल दौर में मोबाइल, लैपटॉप, कंप्यूटर और टीवी का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है। ऑफिस का काम हो, ऑनलाइन पढ़ाई या मनोरंजन, लोग घंटों स्क्रीन के सामने समय बिता रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, लंबे समय तक स्क्रीन देखने से आंखों पर दबाव बढ़ सकता है, जिससे डिजिटल आई स्ट्रेन या आंखों की थकान की समस्या हो सकती है। अगर इसके शुरुआती संकेतों को समय रहते पहचान लिया जाए, तो आंखों को होने वाले नुकसान से काफी हद तक बचा जा सकता है।

आंखों में जलन और खुजली
स्क्रीन के सामने लंबे समय तक बैठने पर आंखों में जलन, खुजली या चुभन महसूस होना आंखों की थकान का शुरुआती संकेत हो सकता है। लगातार स्क्रीन देखने के दौरान पलकें कम झपकती हैं, जिससे आंखों की नमी कम होने लगती है और यह परेशानी बढ़ सकती है।

बार-बार सिरदर्द होना
अगर मोबाइल या कंप्यूटर इस्तेमाल करने के बाद सिरदर्द की शिकायत होने लगे, तो इसे सामान्य समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। आंखों पर लगातार पड़ने वाला दबाव और स्क्रीन की तेज रोशनी सिरदर्द का कारण बन सकती है। स्क्रीन देखने के बाद कुछ समय के लिए धुंधला दिखाई देना भी आंखों की थकान का संकेत माना जाता है। लंबे समय तक एक ही दूरी पर फोकस बनाए रखने से आंखों की मांसपेशियां थक जाती हैं, जिससे देखने में परेशानी हो सकती है।

विशेषज्ञों के मुताबिक, स्क्रीन का ज्यादा इस्तेमाल करने वाले लोगों में आंखों का सूखापन, भारीपन और बार-बार पलकें झपकने की समस्या भी देखने को मिलती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि स्क्रीन देखते समय सामान्य से कम बार पलकें झपकाई जाती हैं, जिससे आंखों की प्राकृतिक नमी प्रभावित होती है।

ऐसे करें बचाव
आंखों की सेहत बनाए रखने के लिए विशेषज्ञ 20-20-20 नियम अपनाने की सलाह देते हैं। इसके तहत हर 20 मिनट बाद 20 सेकंड के लिए करीब 20 फीट दूर किसी वस्तु को देखना चाहिए। इसके अलावा, स्क्रीन से उचित दूरी बनाए रखें, बीच-बीच में ब्रेक लें, पर्याप्त पानी पिएं और स्क्रीन की ब्राइटनेस को आसपास की रोशनी के अनुसार सेट करें। यदि आंखों में दर्द, धुंधलापन या सूखापन लगातार बना रहे, तो नेत्र विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि आंखों की थकान को छोटी समस्या समझकर नजरअंदाज करना ठीक नहीं है। समय रहते सही आदतें अपनाने और आंखों को पर्याप्त आराम देने से डिजिटल आई स्ट्रेन के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। खासतौर पर उन लोगों को अधिक सावधानी बरतनी चाहिए, जो रोजाना कई घंटे मोबाइल, लैपटॉप या कंप्यूटर स्क्रीन के सामने बिताते हैं।