गोरखा समाज की संस्कृति और परंपराओं को बताया गौरवशाली विरासत
देहरादून। वीर गोरखा कल्याण समिति की ओर से आयोजित गोरखा दशैं-दीपावली महोत्सव एवं राजकीय मेला-2026 का शुभारंभ प्रदेश कांग्रेस सचिव सुमेन्द्र बोहरा ‘सुशांत’ ने मुख्य अतिथि के रूप में फीता काटकर किया। इस अवसर पर उन्होंने मेले में पहुंचकर गोरखा समाज की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, परंपराओं और सामाजिक एकजुटता की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन हमारी सांस्कृतिक पहचान को सहेजने और नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।


मुख्य अतिथि सुमेन्द्र बोहरा ने कहा कि गोरखा समाज की संस्कृति, रीति-रिवाज, परंपराएं और त्योहार भारतीय सांस्कृतिक विविधता की अनमोल धरोहर हैं। दशैं और दीपावली जैसे पर्व आपसी प्रेम, भाईचारे, सद्भाव और सामाजिक एकता का संदेश देते हैं। इस प्रकार के महोत्सव न केवल समाज की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करते हैं, बल्कि विभिन्न समुदायों के लोगों को एक-दूसरे की परंपराओं को करीब से जानने और समझने का अवसर भी प्रदान करते हैं।
महोत्सव में गोरखा समाज की सांस्कृतिक झलक के साथ विभिन्न प्रकार के खान-पान और आकर्षक सामानों के स्टॉल भी लगाए गए। मेले में लोगों के उत्साह और सहभागिता को देखते हुए बोहरा ने आयोजन की सराहना की। उन्होंने खान-पान की बेहतर व्यवस्था करने वाले सभी लोगों, विभिन्न प्रकार के सामानों के स्टॉल लगाने वाले दुकानदारों तथा मेले को व्यवस्थित और सफल बनाने में जुटी आयोजन एवं प्रबंधन समिति के सदस्यों का विशेष आभार व्यक्त किया।

सुमेन्द्र बोहरा ने कहा कि किसी भी बड़े आयोजन की सफलता के पीछे आयोजकों, सहयोगियों और समाज के प्रत्येक व्यक्ति की मेहनत और सामूहिक सहभागिता होती है। वीर गोरखा कल्याण समिति एवं समस्त गोरखा समाज ने जिस आत्मीयता, स्नेह और सम्मान के साथ उन्हें इस आयोजन में आमंत्रित किया, उसके लिए वह हृदय से आभारी हैं। उन्होंने कहा कि गोरखा समाज ने अपनी मेहनत, अनुशासन, वीरता और देश के प्रति समर्पण से हमेशा विशिष्ट पहचान बनाई है। समाज की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखने और उसे व्यापक स्तर पर पहचान दिलाने के लिए ऐसे आयोजनों को निरंतर प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए सुमेन्द्र बोहरा ने महोत्सव की सफलता के लिए वीर गोरखा कल्याण समिति को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि समाज के सभी वर्गों की भागीदारी से ऐसे सांस्कृतिक आयोजन आपसी सौहार्द और भाईचारे को और अधिक मजबूत बनाते हैं। उन्होंने आयोजन से जुड़े सभी लोगों के प्रयासों की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
