देहरादून। प्रस्तावित फिल्म ‘घूसखोर पंडित’ को लेकर ब्राह्मण समाज ने गहरी नाराज़गी जताई है। शुक्रवार को ब्राह्मण महासभा के पदाधिकारियों ने देहरादून स्थित जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर एक प्रार्थना पत्र सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से फिल्म को बैन करने तथा सेंसर बोर्ड और फिल्म निर्माता मनोज बाजपेई एवं नीरज पांडे के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की गई।
प्रदेश अध्यक्ष मनमोहन शर्मा ने कहा कि “घूसखोर पंडित” जैसे शीर्षक से बनी फिल्म ब्राह्मण समाज की छवि को ठेस पहुंचाने वाली है। उन्होंने कहा कि यह फिल्म जल्द ही रिलीज होने जा रही है, लेकिन यदि इसे प्रसारित किया गया तो इससे समाज में आक्रोश फैल सकता है और सामाजिक सौहार्द प्रभावित हो सकता है। इसलिए फिल्म के प्रसारण पर तत्काल रोक लगाई जानी चाहिए। प्रदेश महासचिव पंडित उमाशंकर शर्मा ने कहा कि ब्राह्मण समाज सदैव देश की संस्कृति, शिक्षा और नैतिक मूल्यों का वाहक रहा है। यदि किसी विशेष समाज को निशाना बनाकर इस तरह की फिल्में बनाई जाएंगी तो महासभा इसका पुरजोर विरोध करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश में शांति और सौहार्द बनाए रखने के लिए फिल्म की रिलीज पर प्रतिबंध आवश्यक है।
कांग्रेस के पूर्व महानगर अध्यक्ष एवं महासभा के संरक्षक लालचंद शर्मा ने कहा कि ओटीटी प्लेटफार्म नेटफ्लिक्स पर प्रस्तावित “घूसखोर पंडित” फिल्म से ब्राह्मण समाज की छवि को ठेस पहुंचाने का प्रयास किया गया है। यदि ब्राह्मण समाज की संस्कृति, विचार और आदर्शों को सकारात्मक रूप में प्रस्तुत करने वाली फिल्में बनती हैं तो ब्राह्मण महासभा उनका पूरा सहयोग करेगी, लेकिन समाज के खिलाफ दुष्प्रचार करने वाली किसी भी फिल्म को स्वीकार नहीं किया जाएगा। संजय खंडूड़ी ने कहा कि ब्राह्मण समाज एकजुट है और यदि इस प्रकार से समाज का अपमान किया गया तो इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि आवश्यकता पड़ने पर सड़कों पर उतरकर लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
ज्ञापन सौंपने वालों में महासभा के प्रदेश अध्यक्ष मनमोहन शर्मा, पंडित उमाशंकर शर्मा सीताराम नौटियाल, एच.डी. भवन, सुदर्शन शर्मा, रामचंद्र रतूड़ी, आर.पी. गैरोला, अभिषेक नौटियाल, दिनेश सेमवाल, भोले शंकर बरमूड़ा, मनोज कुमार सुंदरियाल और महेश कोठारी शामिल रहे। महासभा ने प्रशासन से मांग की है कि सेंसर बोर्ड इस फिल्म की विषयवस्तु की पुनः समीक्षा करे और ब्राह्मण समाज की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए उचित निर्णय लिया जाए।












