जिला पंचायत बोर्ड बैठक: पेयजल, सड़क, शिक्षा और आपदा मुद्दों पर अधिकारियों की घेराबंदी

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जनप्रतिनिधियों ने पूछा विकास कार्यों का हिसाब, लापरवाही पर दी कार्रवाई की चेतावनी

देहरादून। जिला पंचायत की चौथी एवं वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली बोर्ड बैठक मंगलवार को जिला पंचायत सभागार में तीखे सवालों, जनसमस्याओं और विकास कार्यों की समीक्षा के बीच संपन्न हुई। ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट, जर्जर सड़कें, सरकारी विद्यालयों की बदहाली, आपदा प्रभावित क्षेत्रों की सुरक्षा तथा लंबित विकास कार्यों को लेकर जिला पंचायत सदस्यों ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों को कठघरे में खड़ा कर जवाब मांगा। बैठक में जनप्रतिनिधियों का रुख बेहद आक्रामक रहा और उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनता की समस्याओं की अनदेखी अब किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बैठक की अध्यक्षता जिला पंचायत अध्यक्ष सुखविंदर कौर ने की, जबकि जिला पंचायत उपाध्यक्ष अभिषेक सिंह ने अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों की शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत सतीश त्रिपाठी, जिला विकास अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

जनप्रतिनिधियों की अनदेखी पर अधिकारियों को दो टूक संदेश
बैठक के दौरान जिला पंचायत उपाध्यक्ष अभिषेक सिंह ने अधिकारियों को कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि सभी जिला पंचायत सदस्यों के संपर्क नंबर संबंधित अधिकारियों के पास होने चाहिए और जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाई गई समस्याओं का तत्काल संज्ञान लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी कार्य को पूरा करना संभव नहीं है तो उसका स्पष्ट और सम्मानजनक उत्तर दिया जाए, लेकिन जनप्रतिनिधियों को नजरअंदाज करने की प्रवृत्ति अब स्वीकार नहीं की जाएगी।

पेयजल संकट पर सबसे ज्यादा हंगामा
गर्मी के मौसम में ग्रामीण क्षेत्रों में गहराते पेयजल संकट का मुद्दा बैठक में प्रमुखता से छाया रहा। जिला पंचायत सदस्य खुशबू गुरुंग ने नयागांव, केसववाला और आसपास के क्षेत्रों में गंभीर जल संकट की समस्या उठाई। हुक्मचंद ने भाऊवाला और बड़ोवाला क्षेत्रों में नई पेयजल लाइनों के निर्माण की मांग की।
वहीं विनीता रतूड़ी ने भोगपुर और ईस्टनगरी क्षेत्र में पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने की आवश्यकता बताई, जबकि सुरेंद्र चौहान ने डाकपत्थर क्षेत्र में जलापूर्ति व्यवस्था में सुधार की मांग रखी। जिला पंचायत सदस्य हेमलता ने जीआईसी होरावाला में पेयजल कनेक्शन तक उपलब्ध न होने और टैंकरों के माध्यम से पानी पहुंचाने की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए विभागीय कार्यप्रणाली की आलोचना की। अन्य सदस्यों ने भी अपने-अपने क्षेत्रों में जल संकट से जुड़ी समस्याएं उठाईं।

सरकारी स्कूलों की हालत पर गंभीर चिंता
बैठक में शिक्षा विभाग भी सवालों के घेरे में रहा। सदस्यों ने सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों की कमी, जर्जर भवनों और लगातार घटती छात्र संख्या को लेकर चिंता व्यक्त की।
श्याम सिंह चौहान ने क्लस्टर स्कूल योजना की समीक्षा की मांग करते हुए कहा कि इसका ग्रामीण विद्यार्थियों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। हुक्मचंद ने लगातार बंद हो रहे सरकारी स्कूलों पर चिंता जताते हुए प्रभावी नीति बनाने की मांग की। दीवान सिंह तोमर ने इंटर कॉलेज साहिया के खराब परीक्षा परिणामों के साथ ही प्राथमिक विद्यालय किशोर एवं कंट्रीधार हाईस्कूल की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। वहीं दिव्या बेलवाल ने शिक्षकों की असमान तैनाती का मुद्दा उठाते हुए कहा कि कई विद्यालयों में आवश्यकता से अधिक शिक्षक हैं, जबकि कई स्कूल शिक्षकों के अभाव से जूझ रहे हैं।

निजी स्कूलों की फीस वृद्धि पर भी उठा मुद्दा
बैठक में निजी विद्यालयों द्वारा लगातार बढ़ाई जा रही फीस को लेकर भी सदस्यों ने चिंता व्यक्त की। सुरेंद्र चौहान और सुमित नेगी ने कहा कि निजी स्कूलों की मनमानी फीस वृद्धि से अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। उन्होंने प्रशासन से इस दिशा में ठोस कदम उठाने और फीस नियंत्रण के लिए प्रभावी व्यवस्था लागू करने की मांग की। लोक निर्माण विभाग के कार्यों को लेकर बैठक में तीखी नाराजगी देखने को मिली। जिला पंचायत उपाध्यक्ष अभिषेक सिंह ने चकराता क्षेत्र में टाइगर फॉल सड़क पर चल रहे सुरक्षात्मक कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए जांच के निर्देश दिए।

चंद्रोटी जिला पंचायत सदस्य गोविंद सिंह पुंडीर ने विभागीय कार्यशैली पर असंतोष व्यक्त करते हुए चेतावनी दी कि यदि घटिया निर्माण कार्यों में सुधार नहीं किया गया तो मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जाएगा। कई अन्य सदस्यों ने भी अधूरी सड़कों, खराब निर्माण गुणवत्ता और वर्षों से लंबित परियोजनाओं को लेकर विभागीय अधिकारियों को घेरा।श्याम सिंह चौहान ने बनाधार क्षेत्र में सड़क कटिंग के कारण उत्पन्न हो रहे खतरे का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम में यदि सुरक्षात्मक कार्य समय पर नहीं किए गए तो बड़ा हादसा हो सकता है। वहीं प्रवीन प्रिंस रावत ने लोखंडी -पिपरा- मिनस मोटर मार्ग निर्माण कार्य में हो रही देरी पर अधिकारियों से जवाब तलब किया।

कृषि विभाग ने बैठक में किसान आईडी अभियान की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। अधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए किसान आईडी अनिवार्य है। जिले में अब तक लगभग 14 हजार किसानों की आईडी बनाई जा चुकी है, जबकि लक्ष्य 2 लाख 11 हजार किसानों तक पहुंचने का है। सदस्यों ने अभियान में तेजी लाने पर जोर दिया। बैठक में आपदा प्रभावित क्षेत्रों की समस्याओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई। गोविंद सिंह पुंडीर ने अपने क्षेत्र में आपदा से हुए नुकसान और सुरक्षा कार्यों की आवश्यकता को प्रमुखता से रखा। इस पर जिला पंचायत अध्यक्ष सुखविंदर कौर ने सिंचाई विभाग और अन्य संबंधित विभागों को क्षेत्रवार योजनाएं तैयार कर आपदा सुरक्षा कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।

आय बढ़ाने और विकास कार्यों को गति देने पर मंथन
बैठक में जिला पंचायत की आय बढ़ाने, संसाधनों के बेहतर उपयोग और ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देने के लिए कई नए प्रस्तावों पर चर्चा की गई। जिला पंचायत सदस्यों द्वारा अपने-अपने क्षेत्रों से संबंधित विकास प्रस्ताव पहले ही जमा किए जा चुके हैं, जिन पर आगामी बैठकों में कार्रवाई की जाएगी। बैठक के समापन पर जिला पंचायत अध्यक्ष सुखविंदर कौर ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के विकास में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाई गई सभी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि ग्रामीण जनता को योजनाओं का वास्तविक लाभ मिल सके।