राशन की दुकानों पर नहीं मिल रहा चावल! कांग्रेस की आंदोलन की चेतावनी

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देहरादून। उत्तराखंड में सरकारी राशन व्यवस्था को लेकर कांग्रेस ने गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस सेवादल के प्रदेश प्रवक्ता भास्कर चुग ने मीडिया को जारी एक बयान में कहा कि पूरे दिसंबर महीने में राशन की दुकानों पर मुफ्त वितरित किया जाने वाला चावल नहीं पहुंचा, और अब जनवरी माह समाप्त होने को है, फिर भी अभी तक चावल की आपूर्ति शुरू नहीं हुई है।

 

उन्होंने कहा कि इस अव्यवस्था का सीधा असर गरीब और जरूरतमंद परिवारों पर पड़ रहा है। वर्तमान में लाभार्थियों को केवल गेहूं मिल रहा है, वह भी निर्धारित मात्रा से काफी कम। नियम के अनुसार प्रति यूनिट लाभार्थी को दो माह में 10 किलो राशन मिलना चाहिए, लेकिन हकीकत यह है कि लोगों को कुल मिलाकर चार किलो भी पूरा नहीं मिल पा रहा है। गेहूं भी प्रतिमाह मात्र 1 किलो 900 ग्राम की दर से दिया जा रहा है, जो परिवार की आवश्यकताओं के लिए बेहद अपर्याप्त है।

 

भास्कर चुग ने कहा कि राशन की दुकानों पर पहले गेहूं के लिए लंबी लाइन लगानी पड़ रही है और यदि भविष्य में चावल आता है, तो जनता को फिर से लाइन में लगना पड़ेगा। उन्होंने सवाल उठाया कि सरकार बताए कि आखिर राशन व्यवस्था में यह अव्यवस्था क्यों है?
चावल आएगा या नहीं?
यदि आएगा तो कब तक आएगा?
गरीब जनता को इस संकट से कब राहत मिलेगी?

जनप्रतिनिधियों पर भी साधा निशाना
कांग्रेस नेता ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि पिछले कई महीनों से जनता राशन की समस्या से जूझ रही है, लेकिन क्या जनप्रतिनिधियों को इसकी जानकारी नहीं है? या वे जनता से इतने दूर हो चुके हैं कि भूख और खाद्य संकट जैसी गंभीर समस्या की अनदेखी कर रहे हैं?
उन्होंने मांग की कि यदि जनप्रतिनिधियों को इस समस्या की जानकारी है, तो वे बताएं कि उन्होंने अब तक इसके समाधान के लिए क्या ठोस कदम उठाए हैं।

आंदोलन की चेतावनी
भास्कर चुग ने चेतावनी दी कि यदि सरकार शीघ्र इस समस्या का समाधान नहीं करती, तो कांग्रेस सेवादल को आंदोलन करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि पार्टी गरीब और जरूरतमंद जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेगी। इस अवसर पर कांग्रेस सेवादल के जिला महासचिव जीवन सिंह और नीलम कौर भी मौजूद रहे और उन्होंने भी सरकार से शीघ्र राशन संकट को समाप्त करने की मांग की।