अवैध डेयरियों पर बड़ा एक्शन: 81 हजार के चालान, सीलिंग की चेतावनी से मचा हड़कंप

3

 

देहरादून। नगर निगम के पशुचिकित्सा अनुभाग की टीम ने शहर में अवैध डेयरियों और गोबर निस्तारण में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाते हुए कई डेयरी संचालकों पर सख्त कार्रवाई की है। लगातार मिल रही शिकायतों और क्षेत्रीय लोगों की परेशानी को देखते हुए निगम की टीम ने विभिन्न वार्डों में निरीक्षण कर नोटिस, चालानी कार्रवाई और डेयरी सील करने तक की चेतावनी जारी की।

नगर निगम की टीम ने पार्षद आलोक कुमार के वार्ड संख्या-72 स्थित देहराखास के सामुदायिक केन्द्र के आसपास निरीक्षण किया। जांच में पाया गया कि डेयरी संचालकों मनमोहन सिंह नेगी, बृज मोहन सिंह नेगी तथा श्रीमती सरोजनी द्वारा अवैध रूप से गोबर डाला जा रहा था, जिससे पूरे क्षेत्र में गंदगी और दुर्गंध फैल रही थी। स्थानीय लोगों की लगातार शिकायतों के बाद निगम ने संबंधित डेयरी संचालकों को नोटिस जारी करते हुए तीन दिन के भीतर सामुदायिक केन्द्र परिसर से गोबर हटाने के निर्देश दिए। साथ ही चेतावनी दी गई कि आदेश का पालन न होने पर चालानी कार्रवाई की जाएगी।

निरीक्षण के दौरान वार्ड संख्या-73 में भी डेयरी संचालकों को पंजीकरण कराने हेतु फार्म वितरित किए गए। निगम अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी स्थिति में गोबर को नालों में नहीं बहाया जाए, अन्यथा सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसी क्रम में वार्ड संख्या-65 स्थित नेहरू ग्राम गढ़वाली कॉलोनी में पहलवान डेयरी के संचालक वाजिद के खिलाफ भी कार्रवाई की गई। निगम के अनुसार लगातार शिकायतों के बावजूद दो बार नोटिस देने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं किया गया। इसके बाद डेयरी संचालक को 41 हजार रुपये की चालानी कार्रवाई का नोटिस जारी किया गया। निगम ने साफ किया कि यदि चालान जमा नहीं किया गया तो डेयरी को नियमानुसार सील कर दिया जाएगा।

धोरन क्षेत्र में दून ट्राफलगर सोसायटी के पास संचालित एक अन्य डेयरी के खिलाफ भी बड़ी कार्रवाई की गई। पशु प्रेमियों की शिकायत पर निगम टीम मौके पर पहुंची, जहां अत्यधिक गंदगी और गोबर के अनुचित निस्तारण की स्थिति मिली। डेयरी संचालक श्रीमती मृदुला गुरंग को तत्काल 20 हजार रुपये का चालान नोटिस जारी किया गया। निगम अधिकारियों ने बताया कि इससे पहले भी उक्त डेयरी के खिलाफ शिकायतें मिलने पर नोटिस और चालानी कार्रवाई की जा चुकी है।

वहीं जिलाधिकारी के जनता दरबार में प्राप्त शिकायत के आधार पर हिमबज्योति एन्क्लेव, शिमला बाईपास पित्थुवाला क्षेत्र में भी निरीक्षण किया गया। शिकायतकर्ता श्रीमती अनुपमा शर्मा ने पड़ोस में संचालित डेयरी से फैल रही बदबू और गंदगी की शिकायत की थी।

जांच में पाया गया कि डेयरी संचालक बुन्दु हसन बिना पंजीकरण पशु रख रहे थे और गोबर नाले में बहाया जा रहा था। निगम ने तत्काल 20 हजार रुपये का चालान नोटिस जारी करते हुए डेयरी की दीवार को बंद कराने के आदेश दिए, ताकि आसपास के घरों में दुर्गंध न फैले। साथ ही चेतावनी दी गई कि निर्देशों का पालन न होने पर डेयरी को सील कर दिया जाएगा। नगर निगम की इस सख्त कार्रवाई से अवैध डेयरी संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है। निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शहर में स्वच्छता व्यवस्था और नागरिकों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।