प्यार में धोखा पड़ा भारी! पूर्व प्रेमिका ने 5 लाख की सुपारी देकर कराई बैंककर्मी की हत्या की कोशिश

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देहरादून में बैंककर्मी पर फायरिंग का सनसनीखेज खुलासा—पूर्व प्रेमिका निकली साजिश की मास्टरमाइंड, शूटर समेत तीन गिरफ्तार; एक आरोपी फरार

देहरादून। प्यार, शादी का टूटना, बेवफाई और फिर बदले की आग में रची गई हत्या की खौफनाक साजिश ने देहरादून में सनसनी फैला दी। पटेलनगर क्षेत्र के बड़ोवाला में बैंककर्मी युवक पर हुई जानलेवा फायरिंग की घटना का पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक, बैंककर्मी सत्यम कुमार को रास्ते से हटाने के लिए उसकी पूर्व प्रेमिका मालिया रहमान ने कथित तौर पर पांच लाख रुपये की सुपारी दी थी। साजिश को अंजाम देने के लिए लक्सर के एक बदमाश को 1.20 लाख रुपये एडवांस भी दिए गए थे। पुलिस ने इस मामले में मुख्य अभियुक्ता मालिया रहमान और उसके साथी मोहित को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि घटना में गोली चलाने वाला आरोपी अंकित चौहान पुलिस मुठभेड़ में पैर में गोली लगने के बाद घायल अवस्था में गिरफ्तार किया गया। घटना में शामिल एक अन्य आरोपी अंकुर अभी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है।


मामला 8 सितंबर 2026 का है। साक्षी चौहान निवासी बिजनौर, हाल निवासी बड़ोवाला, पटेलनगर ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि वह अपने फुफेरे भाई सत्यम कुमार के साथ स्कूटी से वी-मार्ट मंडी चौक से घर की ओर जा रही थी।
जीओ पेट्रोल पंप से करीब 200 मीटर आगे बड़ोवाला की ओर पहुंचते ही पीछे से मोटरसाइकिल पर आए दो युवकों ने उनकी स्कूटी को ओवरटेक कर रास्ता रोक लिया। इससे पहले कि वे कुछ समझ पाते, आरोपियों ने जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी। गोली लगने से सत्यम कुमार गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की और घटनास्थल से मिले सुरागों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई।

11 सितंबर को पुलिस के हत्थे चढ़े शूटर, मुठभेड़ में एक घायल
पुलिस को 11 सितंबर को सूचना मिली कि घटना में शामिल दोनों आरोपी दोबारा देहरादून पहुंचे हैं। सूचना के आधार पर पटेलनगर क्षेत्र में सघन चेकिंग अभियान शुरू किया गया।
गोरखपुर चौक पर पुलिस टीम ने बिना नंबर की संदिग्ध मोटरसाइकिल को रोकने का प्रयास किया तो बाइक सवार दोनों युवक तेजी से भाग निकले। पुलिस ने पीछा किया तो आरोपी चाय बागान की पगडंडी पर मोटरसाइकिल छोड़कर जंगल की ओर भागने लगे। इसी दौरान आरोपियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिसमें अंकित चौहान के पैर में गोली लग गई, जबकि उसका साथी अंकुर अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। मौके से पुलिस ने एक 315 बोर का देसी तमंचा, दो खोखा कारतूस और बिना नंबर की मोटरसाइकिल बरामद की।घायल आरोपी को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।

पूछताछ में खुला पांच लाख की सुपारी का राज
पुलिस के अनुसार, घायल आरोपी अंकित चौहान से पूछताछ में पूरे षड्यंत्र की परतें खुलनी शुरू हुईं। पूछताछ में सामने आया कि उसे रानीपुर निवासी मोहित के माध्यम से मालिया रहमान नाम की युवती ने सत्यम कुमार की हत्या की सुपारी दी थी।
आरोपी के मुताबिक, सत्यम को रास्ते से हटाने के लिए कुल पांच लाख रुपये देने का सौदा हुआ था, जिसमें से 1.20 लाख रुपये एडवांस दिए गए थे। बाकी रकम हत्या की वारदात को अंजाम देने के बाद देने की बात तय हुई थी। आरोपी को सत्यम की तस्वीर भी दी गई थी और देहरादून स्थित उज्जीवन बैंक का कार्यालय भी दिखाया गया था, ताकि वह आसानी से अपने निशाने की पहचान कर सके।


पांच साल पुराने प्रेम संबंध का हुआ खौफनाक अंत
पुलिस पूछताछ में मुख्य अभियुक्ता मालिया रहमान ने कथित तौर पर बताया कि वह वर्ष 2020 से 2023 तक हरिद्वार स्थित बैंक में कार्यरत थी। इसी दौरान उसकी मुलाकात बिजनौर निवासी सत्यम कुमार से हुई, जो उसी बैंक में काम करता था। दोनों के बीच प्रेम संबंध बन गए। वर्ष 2023 में परिवार के दबाव में मालिया ने सहारनपुर निवासी एक व्यक्ति से निकाह कर लिया और बैंक की नौकरी छोड़कर उत्कर्ष बैंक में काम करने लगी। पुलिस के मुताबिक, शादी के बाद भी सत्यम और मालिया के बीच संपर्क बना रहा। इसी दौरान उसकी शादी टूट गई और वह मायके में रहने लगी। इसके बाद वर्ष 2025 में सत्यम का तबादला देहरादून स्थित उज्जीवन बैंक की शाखा में हो गया। पुलिस के अनुसार, दोनों के बीच लंबे समय तक संपर्क बना रहा, लेकिन फरवरी 2026 में सत्यम ने किसी दूसरी युवती से सगाई कर ली। सगाई के बाद संपर्क तोड़ा तो भड़की कथित बदले की आग

पुलिस का कहना है कि दूसरी युवती से सगाई के बाद सत्यम ने मालिया से दूरी बनानी शुरू कर दी। उसने कथित तौर पर मालिया को फोन करना बंद कर दिया और फेसबुक, व्हाट्सएप समेत सोशल मीडिया के अन्य प्लेटफॉर्म पर भी उसे ब्लॉक कर दिया। पुलिस के मुताबिक, इसी बात से नाराज होकर मालिया ने सत्यम को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। इसके लिए उसने अपने साथी मोहित के माध्यम से आपराधिक पृष्ठभूमि वाले अंकित चौहान से संपर्क किया और हत्या के बदले पांच लाख रुपये देने की बात तय की।  पुलिस के अनुसार, साजिश के तहत मालिया ने कथित तौर पर अंकित को सत्यम की तस्वीर उपलब्ध कराई और देहरादून में स्थित उसके बैंक कार्यालय की जानकारी दी। इसके बाद अंकित अपने साथी अंकुर के साथ देहरादून पहुंचा।  8 सितंबर को दोनों ने बड़ोवाला क्षेत्र में सत्यम का पीछा किया और सुनसान स्थान देखकर उसकी स्कूटी को ओवरटेक कर रोक लिया। इसके बाद सत्यम को निशाना बनाकर गोली चलाई गई। हालांकि गोली लगने के बावजूद सत्यम की जान बच गई और आरोपी मौके से फरार हो गए।

बची हुई सुपारी की रकम लेने फिर देहरादून पहुंचे थे आरोपी
वारदात के बाद भी साजिश का सिलसिला थमा नहीं। पुलिस के मुताबिक, सत्यम की मौत न होने की जानकारी मिलने के बाद मालिया ने मोहित के माध्यम से अंकित से संपर्क किया।
पूछताछ में सामने आया कि सुपारी की बची हुई रकम लेने के लिए अंकित और उसका साथी अंकुर दोबारा देहरादून आए थे। इसी दौरान पुलिस को उनकी मौजूदगी की सूचना मिल गई और चेकिंग के दौरान मुठभेड़ हो गई। बाद में पुलिस ने अंकित से मिली जानकारी के आधार पर कथित मुख्य षड्यंत्रकर्ता मालिया रहमान और उसके साथी मोहित की तलाश तेज कर दी। इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और मुखबिर तंत्र की मदद से दोनों को देर रात आईएसबीटी के पास से गिरफ्तार कर लिया गया।पुलिस ने मामले में मालिया रहमान और मोहित को गिरफ्तार कर लिया है। गोली चलाने वाला अंकित चौहान मुठभेड़ के दौरान घायल हुआ और पुलिस हिरासत में उपचाराधीन है। वहीं उसका साथी अंकुर पुत्र ब्रह्मपाल निवासी लक्सर अभी फरार है। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है।

गिरफ्तार अभियुक्त
मालिया रहमान, उम्र 26 वर्ष, निवासी पावदोई मोहल्ला, ज्वालापुर, हरिद्वार।
मोहित, उम्र 25 वर्ष, निवासी पुष्कर एन्क्लेव, निकट रामानंद स्कूल, ज्वालापुर, हरिद्वार।
अंकित चौहान, उम्र 25 वर्ष, निवासी सोसायटी रोड, लक्सर, केशव नगर, हरिद्वार—मुठभेड़ में घायल।
वांछित अभियुक्त
अंकुर, निवासी लोको मोहल्ला, पीर वाली गली, लक्सर, हरिद्वार।

बरामदगी
315 बोर का एक देसी तमंचा
दो खोखा कारतूस
घटना में प्रयुक्त बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिल
पुलिस के इस खुलासे ने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है। जिस फायरिंग को शुरुआत में महज आपराधिक वारदात माना जा रहा था, उसके पीछे वर्षों पुराने प्रेम संबंध, शादी टूटने और कथित तौर पर बदले की भावना से रची गई हत्या की साजिश सामने आई है। पुलिस अब फरार आरोपी अंकुर की गिरफ्तारी के साथ-साथ मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।