बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारियों के तबादले, डोभाल बने SSP देहरादून 

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देहरादून। प्रदेश में बिगड़ती कानून -व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए उत्तराखंड सरकार ने पुलिस विभाग में व्यापक स्तर पर प्रशासनिक बदलाव किए हैं। शासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार भारतीय पुलिस सेवा (IPS) और प्रांतीय पुलिस सेवा (PPS) के कुल 20 अधिकारियों के तबादले और नई तैनातियां तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई हैं। इस बड़े फेरबदल को कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

राजधानी में बड़ा परिवर्तन करते हुए प्रमोद डोभाल को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून नियुक्त किया गया है। वहीं अजय सिंह को एसएसपी देहरादून से हटाकर एसएसपी एसटीएफ की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

नवनीत सिंह को एसएसपी एसटीएफ से एसएसपी हरिद्वार बनाया गया है। उधर अजय गणपति कुंभार को एसपी चंपावत से ऊधमसिंह नगर का नया एसएसपी नियुक्त किया गया है, जबकि मणिकांत मिश्र को एसएसपी ऊधमसिंह नगर से पुलिस अधीक्षक अभिसूचना भेजा गया है।
उच्च पदों पर भी फेरबदल
निवेदिता कुकरेती को पुलिस उपमहानिरीक्षक एसडीआरएफ से पदोन्नत कर पुलिस महानिरीक्षक एसडीआरएफ बनाया गया है। वहीं प्रहलाद नारायण मीणा को उपमहानिरीक्षक सतर्कता मुख्यालय की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
यशवंत सिंह को सेनानायक 31वीं वाहिनी पीएसी से प्रभारी डीआईजी पीटीसी नरेंद्रनगर बनाया गया है। देवेंद्र पींचा को 31वीं वाहिनी पीएसी की जिम्मेदारी दी गई है।

अन्य जिलों में नए पुलिस कप्तान
अक्षय प्रहलाद कांडे को पिथौरागढ़ का नया पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया गया है। चंद्रशेखर आर घोड़के को अल्मोड़ा का नया पुलिस कप्तान बनाया गया है।
रेखा यादव को चंपावत की जिम्मेदारी सौंपी गई है। निहारिका तोमर को रुद्रप्रयाग की पुलिस अधीक्षक बनाया गया है। जितेंद्र कुमार मेहरा को बागेश्वर का पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया गया है।
इसके अलावा प्रदीप राय को सीबीसीआईडी की जिम्मेदारी दी गई है। अमित श्रीवास्तव को आईआरबी प्रथम रामनगर भेजा गया है। मनोज ठाकुर को कोटद्वार में एएसपी बनाया गया है।

तत्काल प्रभाव से लागू आदेश
शासन द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि सभी अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से अपने-अपने नवीन तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।
राज्य सरकार का मानना है कि इन प्रशासनिक बदलावों से पुलिसिंग व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया जा सकेगा तथा कानून-व्यवस्था की स्थिति में सुधार आएगा। इस बड़े फेरबदल को आगामी चुनौतियों से निपटने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।