देहरादून। पहाड़ों की रानी के नाम से दुनिया भर में मशहूर पर्यटन नगरी मसूरी में शनिवार की रात एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना सामने आई, जिसने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया। एनएच-707ए के निकट बालाहिसार क्षेत्र में स्थित वाइनबर्ग ऐलन स्कूल की निजी संपत्ति पर बनी बाबा बुल्लेशाह की मजार को कुछ लोगों ने तोड़फोड़ कर क्षतिग्रस्त कर दिया। इतना ही नहीं, इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किए जाने से शहर में हड़कंप मच गया और लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मौके पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी। वहीं बाबा बुल्लेशाह समिति के अध्यक्ष रजत अग्रवाल ने कोतवाली मसूरी में तहरीर देकर इस कृत्य को सुनियोजित साजिश बताते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। तहरीर में कहा गया कि बाबा बुल्लेशाह की मजार पर विभिन्न धर्मों के लोगों की गहरी आस्था है और यहां लोग परिवार की खुशहाली व शांति की कामना करने आते हैं। ऐसे पवित्र स्थल को नुकसान पहुंचाना न सिर्फ धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला है, बल्कि शहर की सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ने का प्रयास भी है।
तहरीर में यह भी उल्लेख किया गया है कि मजार में तोड़फोड़ के साथ -साथ दानपात्र से चोरी की गई, चांदी का मुकुट व अन्य पूजनीय सामान भी गायब है। समिति का कहना है कि यह पूरी घटना समाज में आपसी द्वेष और घृणा फैलाने की नीयत से की गई है, ताकि शांत मसूरी का माहौल अशांत हो सके। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या लोग मौके पर पहुंचे और शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया। लोगों ने एक स्वर में दोषियों की गिरफ्तारी और कड़ी सजा की मांग की।
इस मामले में मसूरी निवासी अमित गुप्ता ने भी कोतवाली में पत्र सौंपते हुए बाबा बुल्लेशाह की मजार पर हुई तोड़फोड़ और चोरी की घटना की निंदा की। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर वीडियो डालकर समाज में विद्वेष फैलाने का प्रयास किया गया है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। पत्र में पुलिस से उचित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर दोषियों को शीघ्र गिरफ्तार करने और चोरी का खुलासा करने की मांग की गई।
पुलिस ने अकरम खान की लिखित शिकायत के आधार पर वीडियो में दिखाई दे रहे हरिओम, शिवम और श्रद्धा के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले की जांच के लिए एसआई बुद्धि प्रकाश को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की गहनता से जांच की जा रही है और दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि सामाजिक सौहार्द और आपसी भाईचारे को तोड़ने की कोशिश करने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त और त्वरित कार्रवाई कितनी जरूरी है, ताकि मसूरी की पहचान शांति, सद्भाव और भाईचारे के शहर के रूप में बनी रहे।












