रसोई गैस फिर महंगी; लगातार बढ़ती पेट्रोल-डीजल और CNG की कीमतों से आम आदमी चिंतित

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रसोई गैस फिर महंगी; लगातार बढ़ती पेट्रोल-डीजल और CNG की कीमतों से आम आदमी चिंतित

नई दिल्ली। देश में बढ़ती महंगाई के बीच आम लोगों को एक और बड़ा झटका लगा है। घरेलू रसोई गैस (LPG) सिलेंडर की कीमतों में एक बार फिर 29 रुपये प्रति सिलेंडर की बढ़ोतरी कर दी गई है। इससे पहले भी हाल के महीनों में गैस के दाम बढ़ाए गए थे। लगातार बढ़ती कीमतों का असर अब सीधे आम परिवारों के मासिक बजट पर पड़ने लगा है। वहीं पेट्रोल, डीजल और सीएनजी के दामों में हुई वृद्धि ने लोगों की परेशानियों को और बढ़ा दिया है।

दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई में नए LPG दाम लागू
तेल विपणन कंपनियों द्वारा जारी नई दरों के अनुसार, 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतें बढ़कर निम्न स्तर पर पहुंच गई हैं—
दिल्ली: 942 रुपये प्रति सिलेंडर
कोलकाता: 968 रुपये प्रति सिलेंडर
मुंबई: 941.50 रुपये प्रति सिलेंडर
चेन्नई: 957.50 रुपये प्रति सिलेंडर
राज्यों में लगने वाले अलग-अलग टैक्स और परिवहन लागत के कारण कुछ शहरों में कीमतों में मामूली अंतर देखने को मिल सकता है।

तीन महीनों में दूसरी बार बढ़े गैस के दाम
जानकारी के अनुसार, पिछले तीन महीनों में यह घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में दूसरी बड़ी बढ़ोतरी है। इससे पहले 7 मार्च को गैस सिलेंडर के दामों में 60 रुपये प्रति सिलेंडर की वृद्धि की गई थी। अब 29 रुपये की नई बढ़ोतरी के साथ उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ गया है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और ईंधन की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव बना हुआ है। इसके अलावा वैश्विक सप्लाई चेन पर दबाव, लॉजिस्टिक खर्चों में वृद्धि और जहाजों की आवाजाही में देरी के कारण तेल कंपनियों की लागत बढ़ गई है। रियायती दरों पर घरेलू गैस उपलब्ध कराने के कारण सरकारी तेल कंपनियों को लंबे समय से नुकसान उठाना पड़ रहा था। इसी वित्तीय दबाव को कम करने के लिए कंपनियां समय-समय पर गैस की कीमतों में संशोधन कर रही हैं।

पेट्रोल-डीजल और CNG ने भी बढ़ाई मुश्किलें
महंगाई का असर केवल रसोई गैस तक सीमित नहीं है। बीते कुछ सप्ताहों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मई के मध्य से अब तक पेट्रोल और डीजल के दामों में करीब 7.50 रुपये प्रति लीटर तक का इजाफा हो चुका है। इसके अलावा, वाहन चालकों को भी राहत नहीं मिली है। सीएनजी (CNG) की कीमतों में भी करीब 6 रुपये प्रति किलोग्राम तक की वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे सार्वजनिक और निजी परिवहन दोनों की लागत बढ़ गई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि ईंधन और गैस की बढ़ती कीमतों का सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ता है। परिवहन लागत बढ़ने से खाद्य पदार्थों और दैनिक उपयोग की वस्तुओं के दाम भी बढ़ सकते हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में महंगाई और अधिक बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। रसोई गैस, पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की लगातार बढ़ती कीमतों ने मध्यमवर्गीय और निम्न आय वर्ग के परिवारों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। महंगाई के इस दौर में लोगों को अपने घरेलू खर्चों का संतुलन बनाए रखना पहले से अधिक चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है। अब सभी की नजरें सरकार और तेल कंपनियों के अगले फैसलों पर टिकी हैं कि आने वाले समय में राहत मिलेगी या महंगाई का यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा।

10 दिन में चौथी बार बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम

नई दिल्ली। देश में महंगाई के बीच आम आदमी पर एक और करारा वार हुआ है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर भारी बढ़ोतरी कर दी गई है। लगातार चौथी बार बढ़े दामों ने आम आदमी की जेब का बजट बिगाड़ दिया है। राजधानी दिल्ली में अब पेट्रोल 102.12 रुपये प्रति लीटर और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है। तेल कंपनियों ने आज पेट्रोल पर 2 रुपये 61 पैसे और डीजल पर 2 रुपये 71 पैसे की बढ़ोतरी की है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर कब तक जनता महंगाई की यह मार झेलती रहेगी?

10 दिन में चौथी चोट, सात रुपये से ज्यादा बढ़े दाम
बीते 10 दिनों में पेट्रोल-डीजल के दामों में आग लगी हुई है।
15 मई को करीब 3 रुपये बढ़ाए गए,
19 मई को फिर लगभग 90 पैसे,
23 मई को दोबारा करीब 90 पैसे,
और अब 25 मई को फिर बड़ा झटका।
इन बढ़ोतरी के बाद पेट्रोल कुल 7 रुपये 35 पैसे और डीजल 7 रुपये 53 पैसे प्रति लीटर महंगा हो चुका है।

महंगाई की सुनामी का खतरा
विशेषज्ञों का कहना है कि पेट्रोल-डीजल महंगा होने का सीधा असर ट्रांसपोर्ट लागत पर पड़ता है। यानी अब सब्जियां, दूध, राशन, फल और अन्य जरूरी सामान भी महंगे हो सकते हैं। पहले से ही महंगाई की मार झेल रही जनता के लिए यह बढ़ोतरी किसी बड़े आर्थिक झटके से कम नहीं मानी जा रही।
जनता में गुस्सा, विपक्ष हमलावर
लगातार बढ़ती कीमतों को लेकर लोगों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। सोशल मीडिया पर लोग सरकार और तेल कंपनियों के खिलाफ गुस्सा जाहिर कर रहे हैं। वहीं विपक्ष ने भी इसे जनता पर ‘महंगाई का हमला’ बताते हुए सरकार को घेरा है।
लोगों का कहना है कि आमदनी जस की तस है, लेकिन खर्च हर दिन बढ़ता जा रहा है। पेट्रोल-डीजल के दामों ने अब आम आदमी की जिंदगी को सीधे प्रभावित करना शुरू कर दिया है।
सवाल बड़ा है…
क्या पेट्रोल-डीजल के दामों में यह बढ़ोतरी यहीं रुकेगी, या आने वाले दिनों में जनता को और बड़े झटके झेलने पड़ेंगे? फिलहाल देश की जनता महंगाई की इस आग में पिसती नजर आ रही है।

पेट्रोल डीजल की कीमतों में आज फिर बढ़ोतरी,10 दिनों में तीसरी बार बढ़े दाम

नई दिल्ली। पेट्रोल-डीजल की कीमत में आज फिर बढ़ोतरी हुई है। इससे पहले बीते शुक्रवार को ही इसके दाम बढ़े थे। इस तरह पांच दिन में दूसरी बार पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की गई है। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के मुताबिक दिल्ली में आज पेट्रोल की कीमतों में 87 पैसे जबकि डीजल की कीमतों में 91 पैसे की बढ़ोतरी की गई है। इससे 5 दिन पहले दोनों ईंधनों में तीन रुपये या इससे ज्यादा की बढ़ोतरी हुई थी। करीब 4 साल में पहली बार पेट्रोल और डीजल की कीमत में बढ़ोतरी की गई थी।

पेट्रोल का दाम
इंडियन ऑयल कॉपोरेशन की तरफ से मिली जानकारी के अनुसार दिल्ली में अब पेट्रोल का प्रति लीटर दाम 98.64 रुपये हो गया है। कोलकाता में 96 पैसे की बढ़ोतरी के साथ कीमत 109.70 रुपये, मुंबई में 91 पैसे की बढ़ोतरी के साथ 107.59 रुपये और चेन्नई में 82 पैसे की बढ़ोतरी के साथ 104.49 रुपये पर पहुंच गई है। एक अनुमान के मुताबिक कच्चा तेल महंगा होने से सरकारी तेल कंपनियों को रोजाना पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और जेट फ्यूल पर 1,380 करोड़ रुपये का घाटा हो रहा है।

आईओसी के मुताबिक आज दिल्ली में डीजल 91 पैसे महंगा होकर इसका प्रति लीटर दाम 91.58 रुपये पर पहुंच गया। कोलकाता में यह 94 पैसे महंगा होकर 96.07 रुपये, मुंबई में 94 पैसे महंगा होकर 94.08 रुपये और चेन्नई में 86 पैसे महंगा होकर 96.11 रुपये प्रति लीटर हो गया है। कच्चे तेल की कीमत में हाल में काफी बढ़ोतरी हुई है। ईरान युद्ध शुरू होने के बाद यह करीब 50 फीसदी महंगा हो गया है।

कच्चे तेल में नरमी
हालांकि कच्चे तेल की कीमत में आज मामूली गिरावट आई है। ब्रेंट क्रूड 2.11 फीसदी गिरावट के साथ 109.7 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा है। इसी तरह डब्ल्यूटीआई क्रूड भी 1.59 फीसदी गिरावट के साथ 102.7 डॉलर प्रति बैरल पर है। हालांकि इंडियन बास्केट में तेजी आई है और यह 1.30 फीसदी तेजी के साथ 110.7 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा है।

पेट्रोल-डीजल का रोज़ का रेट आप SMS के जरिए भी जान सकते हैं।
इंडियन ऑयल के कस्टमर RSP के बाद स्पेस देकर अपने शहर का कोड लिखकर 9224992249 नंबर पर और बीपीसीएल उपभोक्ता RSP के बाद स्पेस देकर अपने शहर का कोड लिखकर 9223112222 नंबर पर भेज जानकारी हासिल कर सकते हैं। वहीं, एचपीसीएल उपभोक्ता HPPRICE के बाद स्पेस देकर अपने शहर का कोड लिखकर 9222201122 नंबर पर भेजकर भाव पता कर सकते हैं।

 

फिर बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम, तीन दिन पहले भी हुई थी तीन रुपए की बढ़ोतरी

नई दिल्ली। देश में डीजल पेट्रोल के दामों में एक बार फिर बढ़ोतरी हो गई है। मंगलवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगभग 90 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई, जो एक सप्ताह के भीतर दूसरी बढ़ोतरी है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दिल्ली में पेट्रोल की कीमत अब 97.77 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 98.64 रुपये प्रति लीटर हो गई है, जबकि डीजल की कीमत 90.67 रुपये से बढ़कर 91.58 रुपये हो गई है। शुक्रवार को इसमें 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी।

 

महानगरों में ईंधन की कीमतों में लगभग एक समान वृद्धि देखी गई। मुंबई में पेट्रोल की कीमत 91 पैसे बढ़कर 107.59 रुपये प्रति लीटर हो गई और डीजल की कीमत 94 पैसे बढ़कर 94.08 रुपये प्रति लीटर हो गई। कोलकाता में पेट्रोल की कीमत में सबसे अधिक 96 पैसे की वृद्धि दर्ज की गई, जिससे कीमत 109.70 रुपये प्रति लीटर हो गई, जबकि डीजल की कीमत 94 पैसे बढ़कर 96.07 रुपये हो गई। चेन्नई में पेट्रोल की कीमत 82 पैसे बढ़कर 104.49 रुपये प्रति लीटर हो गई, जबकि डीजल की कीमत 86 पैसे बढ़कर 96.11 रुपये प्रति लीटर हो गई।

 

दिल्ली में CNG फिर महंगी: 2 दिन में दूसरी बार बढ़े दाम, आम जनता पर बढ़ा बोझ
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में एक बार फिर CNG के दाम बढ़ा दिए गए हैं। CNG की कीमत में 1 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी की गई है। नई दरें लागू होने के बाद अब दिल्ली में CNG की कीमत 80.09 रुपये प्रति किलो हो गई है।
गौरतलब है कि इससे ठीक 2 दिन पहले भी CNG के दाम में 2 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी की गई थी। लगातार दूसरी बार कीमत बढ़ने से ऑटो, टैक्सी और निजी वाहन चालकों की जेब पर सीधा असर पड़ेगा।

बीते कुछ दिनों में CNG की कीमतों में लगातार इजाफा होने से आम लोगों की चिंता बढ़ गई है। खासतौर पर वे लोग ज्यादा प्रभावित होंगे जो रोजाना सफर के लिए CNG वाहनों का इस्तेमाल करते हैं। ऑटो और कैब ड्राइवरों का कहना है कि ईंधन महंगा होने से उनकी कमाई पर असर पड़ेगा और किराए बढ़ाने की नौबत आ सकती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि CNG के दाम बढ़ने से सार्वजनिक परिवहन और माल ढुलाई की लागत भी बढ़ सकती है। इसका असर आने वाले दिनों में रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर भी देखने को मिल सकता है।
पहले क्या थे दाम?
2 दिन पहले तक CNG की कीमत लगभग 77.09 रुपये प्रति किलो थी
पहले 2 रुपये की बढ़ोतरी हुई
अब फिर 1 रुपये बढ़ाकर कीमत 80.09 रुपये प्रति किलो कर दी गई है
लगातार बढ़ रही महंगाई के बीच CNG की कीमतों में यह इजाफा आम जनता के लिए एक और झटका माना जा रहा है।

नई दिल्ली। देशभर में एक बार फिर महंगाई ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की ओर से पेट्रोल, डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद जनता पर आर्थिक दबाव और बढ़ गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी, मध्य-पूर्व में बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव और डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी का असर अब सीधे भारतीय बाजार में दिखाई देने लगा है।

ताजा आंकड़ों के अनुसार कई शहरों में पेट्रोल और डीजल के दामों में 3.3 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जबकि CNG की कीमतों में करीब 2 रुपये प्रति किलो का इजाफा किया गया है। इस बढ़ोतरी ने वाहन चालकों से लेकर मध्यम वर्गीय परिवारों तक की चिंताओं को बढ़ा दिया है।

आम आदमी पर दोहरी मार
ईंधन की कीमतों में वृद्धि का असर केवल वाहनों तक सीमित नहीं रहता। पेट्रोल-डीजल महंगा होने से परिवहन लागत बढ़ जाती है, जिसका सीधा प्रभाव फल-सब्जियों, राशन, दूध, निर्माण सामग्री और अन्य रोजमर्रा की वस्तुओं पर पड़ता है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में बाजार में महंगाई और तेज हो सकती है।
लंबी दूरी के ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि डीजल महंगा होने से माल ढुलाई का खर्च तेजी से बढ़ेगा, जिसका बोझ आखिरकार उपभोक्ताओं को ही उठाना पड़ेगा। वहीं CNG महंगी होने से ऑटो, टैक्सी और सार्वजनिक परिवहन सेवाओं के किराए में भी बढ़ोतरी की आशंका जताई जा रही है।

आर्थिक विशेषज्ञों के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उछाल इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह है। मध्य-पूर्व में जारी तनाव के कारण वैश्विक सप्लाई प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है। इसके अलावा डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी से भारत को तेल आयात करने में अधिक खर्च करना पड़ रहा है।
तेल कंपनियों का कहना है कि बढ़ती लागत और वैश्विक दबाव के कारण कीमतों में संशोधन करना आवश्यक हो गया था। हालांकि विपक्ष ने सरकार को घेरते हुए कहा है कि आम जनता पहले से ही महंगाई से परेशान है और ईंधन मूल्य वृद्धि ने स्थिति को और कठिन बना दिया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी जारी रही, तो आने वाले दिनों में पेट्रोल- डीजल और CNG की कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है।