देहरादून। प्रदेश की अस्थाई राजधानी गैरसेंण के भराड़ीसैंण में आयोजित बजट सत्र के पहले दिन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्ष 2026-27 का ₹1,11,703.21 करोड़ का बजट प्रस्तुत पेश कर दिया है। जो कि वर्ष 2025-26 के सापेक्ष 10.41 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। आज का बजट उत्तराखंड के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा बजट है। राज्य सरकार ने बजट में वित्तीय जिम्मेदारी और पारदर्शिता बनाए रखते हुए FRBM अधिनियम के प्रावधानों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित किया है। बजट के अनुसार राज्य में राजस्व आधिक्य (Revenue Surplus) की स्थिति बनी हुई है, जो दर्शाता है कि सरकार की आय उसके राजस्व व्यय से अधिक है। यह स्थिति किसी भी राज्य की मजबूत वित्तीय सेहत का संकेत मानी जाती है। बजट में 2536.33 करोड़ का राजस्व सरप्लस दिखाया गया है। राजकोषीय अनुशासन के तहत राज्य का राजकोषीय घाटा जीएसडीपी के 3 प्रतिशत की सीमा के भीतर रखा गया है। इसी प्रकार लोक ऋण भी जीएसडीपी के 32.50 प्रतिशत की निर्धारित सीमा के अंदर बनाए रखा गया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का कहना है कि सरकार विकास कार्यों पर खर्च करते हुए भी ऋण प्रबंधन और वित्तीय संतुलन पर पूरा ध्यान दे रही है। राजस्व आधिक्य, सीमित राजकोषीय घाटा और नियंत्रित सार्वजनिक ऋण जैसे संकेतक बताते हैं कि राज्य सरकार ने वित्तीय प्रबंधन में सावधानी और दूरदर्शिता अपनाई है। इससे भविष्य में विकास परियोजनाओं को स्थिर वित्तीय आधार मिलने की संभावना और मजबूत होगी।
धामी ने सोशल मीडिया के जरिए कहा कि देवतुल्य जनता की आशाओं और आकांक्षाओं की पूर्ति के उद्देश्य से आज गैरसैंण विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ₹1,11,703.21 करोड़ का बजट प्रस्तुत किया। यह जन-जन का बजट है, जो प्रदेश के चहुंमुखी विकास को नई गति देते हुए आत्मनिर्भर, समृद्ध और सशक्त प्रदेश निर्माण के हमारे संकल्प को साकार करने का मार्ग प्रशस्त करेगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में पिछले चार वर्षों में हमारी सरकार द्वारा शुरू की गई अनेक जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभाव अब धरातल पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। इन्हीं प्रयासों को और अधिक मजबूती देते हुए तथा उनका व्यापक विस्तार करते हुए उत्तराखण्ड, विकसित भारत 2047 के स्वप्न को साकार करने में पूरी प्रतिबद्धता और सामर्थ्य के साथ अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।











