योगी कैबिनेट: शिक्षामित्रों का मानदेय बढ़कर 18 हजार, बैठक में 22 प्रस्तावों को मंजूरी

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सरकारी सहायता प्राप्त मदरसों में शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया शिक्षा सेवा चयन आयोग से पूरा कराने का निर्णय लिया है। अब मदरसा शिक्षक बनने के लिए अब परीक्षा देनी होगी। वर्तमान में मदरसा स्तर पर ही शिक्षक भर्ती की प्रक्रिया को पूरा कराया जाता था। साथ ही मदरसों के संचालन के लिए नई गाइडलाइन तैयार होगी। इसमें मदरसों में भी स्कूलों की तरह 8 घंटे पढ़ाई अनिवार्य होगी। मदरसा प्रिंसिपल, शिक्षकों और बच्चों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज होगी। बच्चों का पूरा डेटा रखा जाएगा।

फाइल फोटो

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के शिक्षामित्र की मानदेय में बढ़ोतरी पर योगी सरकार ने बड़ा फैसला ले लिया है। योगी कैबिनेट की बैठक में शिक्षामित्रों के मानदेय की बढ़ोतरी पर मुहर लग गई। अब तक शिक्षामित्रों को हर माह 10,000 रुपये मानदेय मिलता था। योगी कैबिनेट के फैसले के बाद शिक्षामित्र का मानदेय 18,000 रुपये प्रतिमाह मिलना शुरू होगा। कैबिनेट ने इसी माह यानी अप्रैल से ही शिक्षामित्र के बढ़े मानदेय के भुगतान का निर्णय लिया है। सीएम योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 22 प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।

सीएम योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में शिक्षामित्रों का मानदेय 18 हजार रुपये और अंशकालिक अनुदेशकों का मानदेय 17 हजार रुपये करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। शिक्षामित्रों को 10 हजार और अनुदेशकों को 9000 रुपये मासिक मानदेय अब तक दिया जा रहा था। बैठक के बाद प्रदेश के बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने प्रस्ताव के बारे में जानकारी दी। मंत्री ने कहा कि शिक्षामित्रों और अनुदेशकों का बढ़ा हुआ मानदेय अप्रैल माह से मिलेगा। यानी बढ़ी हुई सैलरी 1 मई से शिक्षामित्रों के खाते में पहुंचेगी। इसकी घोषणा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहले ही कर दी थी। मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव पर चर्चा हुई और इसे मंजूरी दे दी गई।

कैबिनेट की बैठक में कुल 22 प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई।
छात्रों को वितरित करने के लिए 25 लाख टैबलेट की खरीद को भी मंजूरी दी गई। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि अभी तक प्रदेश में 60 लाख स्मार्ट फोन और टैबलेट वितरित किए जा चुके हैं। अब 25 लाख टैबलेट और खरीदने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है।
यूपी सरकार ने ‘एक जिला, एक मेडिकल कॉलेज’ योजना के तहत बलिया में मेडिकल कॉलेज को मंजूरी दी गई। कॉलेज कारागार विभाग की जमीन पर खोला जाएगा।
बलिया जिला अस्पताल को मेडिकल कॉलेज के अस्पताल के रूप में मर्ज किया जाएगा। जिला मुख्यालय के पास जमीन चिन्हित कर काम शुरू किया गया है। बुनियादी ढांचा पूरा होते ही यहां एमबीबीएस की 100 सीटों के लिए मान्यता ली जाएगी और शैक्षणिक सत्र शुरू किया जाएगा।
बलिया जिले में ही ट्रॉमा सेंटर और विशेषज्ञ डॉक्टरों की सुविधा उपलब्ध होगी।
प्रदेश में ‘डॉ. बी.आर. अंबेडकर मूर्ति विकास योजना’ के तहत समाज सुधार में योगदान देने वाले महापुरुषों की सार्वजनिक स्थानों पर स्थापित मूर्तियों का विकास किया जाएगा। इसके तहत डॉ. अंबेडकर और अन्य समाज सुधारकों की मूर्तियों के आसपास छतरी, बाउंड्री और सौंदर्यीकरण का काम होगा। एक मूर्ति पर लगभग 10 लाख रुपए खर्च किए जाएंगे। प्रत्येक विधानसभा के लिए 1 करोड़ रुपए का प्रस्ताव रखा गया है। 14 अप्रैल को योजना की विस्तृत जानकारी जारी होगी।
प्रदेश में पाकिस्तान से आए 12 हजार परिवारों को भूमि का अधिकार मिला है। पीलीभीत में 4000, लखीमपुर खीरी में 2350, बिजनौर में 3856 और रामपुर में 2170 परिवारों को भूमि अधिकार दिए जाने की बात वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कही। कैबिनेट बैठक के बाद मंत्री ने कहा कि ये परिवार नागरिकता (संशोधन) अधिनियम 2019 के तहत भारतीय नागरिकता के पात्र हैं। 50-60 वर्षों से प्रदेश में रह रहे हैं। अब वे अपनी जमीन के मालिक होंगे।
सरकार अब 49 बस स्टैंड को पीपीपी मॉडल पर विकसित करेगी। योजना के तहत हर जिले में कम से कम एक बस स्टैंड पीपीपी मॉडल पर बनाया जाए। इससे करीब 4000 करोड़ रुपये का निवेश आएगा।
गोरखपुर में बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय का निर्माण 491.0777 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा। विश्वविद्यालय गोरखपुर के कैंपियरगंज में 50 हेक्टेयर भूमि पर विकसित किया जाएगा।
कन्नौज के छिबरामऊ विधानसभा क्षेत्र में विकासखंड गुगरापुर के गांव चियॉसर के पास गंगा नदी पर चियौसर घाट पर पुल, लिंक रोड और बंधा निर्माण के लिए 288.99 करोड़ रुपये को मंजूरी दी गई। योजना से करीब 4 लाख की आबादी को लाभ मिलेगा।