स्कूल परिसर में परिवार को बंधक बनाकर लूट

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प्रधानाचार्य को मारने की कथित सुपारी का दावा, नकद और जेवर ले गए बदमाश; पुलिस ने मामला बताया संदिग्ध, कई पहलुओं पर जांच

देहरादून। पछवादून के विकासनगर कोतवाली क्षेत्र के बरोटीवाला स्थित ग्रेट वैल्यू स्कूल में परिवार को बंधक बनाकर लूट की वारदात सनसनीखेज मामला सामने आया है। बुधवार तड़के हुई इस घटना में नकाबपोश बदमाश स्कूल परिसर में बने आवास में दाखिल हुए और परिवार के सदस्यों को बंधक बनाकर सोने-चांदी के आभूषण तथा करीब 90 हजार रुपये की नकदी लेकर फरार हो गए। घटना के दौरान मारपीट किए जाने की भी बात सामने आई है।

पुलिस को दिए बयान में प्रिंसपल नीलम राठौर ने बताया कि बदमाशों ने उनसे कथित तौर पर कहा कि उन्हें स्कूल की प्रधानाचार्य को मारने की सुपारी मिली है। रिपोर्टों के अनुसार, बदमाशों ने प्रधानाचार्य के बारे में पूछताछ भी की। पुलिस अब इस दावे को भी जांच का हिस्सा मानकर पड़ताल कर रही है। इस घटनाक्रम ने वारदात को महज लूट तक सीमित रखने के बजाय उसके पीछे किसी अन्य वजह की संभावना की जांच का रास्ता भी खोल दिया है। हालांकि, सुपारी दिए जाने की बात फिलहाल पीड़ित पक्ष के बयान के रूप में सामने आई है; इसकी स्वतंत्र पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।

पुलिस के हवाले से प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, बदमाश बाहर के दरवाजे का पेंच खोलकर अंदर दाखिल हुए। इसके बाद उन्होंने दरवाजे पर लगी जाली निकाली और अंदर के दरवाजे की कुंडी खोलकर परिसर में प्रवेश किया। स्कूल के भीतर रखी अलमारियों को भी खंगाला गया। इन अलमारियों में महत्वपूर्ण दस्तावेज रखे होने की जानकारी सामने आई है।
बदमाशों ने घर में रखे सोने-चांदी के आभूषणों के अलावा करीब 90 हजार रुपये की नकदी भी अपने कब्जे में ले ली। वारदात के बाद वे मौके से फरार हो गए।

रिपोर्टों के अनुसार, वारदात के समय नीलम राठौर, उनके पति गोपाल सिंह राठौर और पुत्र आरव राठौर घर में मौजूद थे। बदमाशों ने तीनों को बंधक बना लिया। विरोध के दौरान मारपीट किए जाने की बात भी सामने आई है। बाद में बदमाश लूट का सामान लेकर फरार हो गए। घटना के बाद परिवार ने पुलिस को सूचना दी। इसके बाद कोतवाली विकासनगर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण शुरू किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया और संभावित साक्ष्य जुटाए। पुलिस आसपास के क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि बदमाशों के आने-जाने के रास्ते और उनकी गतिविधियों के संबंध में सुराग मिल सके।
कोतवाली प्रभारी राजीव रौथाण के अनुसार, पुलिस ने घटनास्थल की बारीकी से जांच की है और मामले को कई कोणों से देखा जा रहा है। उनके अनुसार, प्रथम दृष्टया पूरा मामला संदिग्ध प्रतीत हो रहा है और पुलिस विभिन्न पहलुओं पर जांच कर रही है। आसपास के क्षेत्रों में भी छानबीन की जा रही है।

पुलिस की टीमें अब बदमाशों की पहचान और उनकी तलाश में जुटी हैं। जांच में लूट की घटना, घर में प्रवेश का तरीका, पीड़ित परिवार के बयान, सीसीटीवी फुटेज और प्रधानाचार्य को कथित तौर पर जान से मारने की सुपारी दिए जाने के दावे—इन सभी पहलुओं को शामिल किया जा रहा है। फिलहाल किसी आरोपी की गिरफ्तारी की पुष्टि ताजा उपलब्ध रिपोर्टों में नहीं हुई है। पुलिस की ओर से मामले का जल्द खुलासा करने की बात कही गई है। जांच आगे बढ़ने के साथ ही यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि वारदात का वास्तविक उद्देश्य क्या था और बदमाशों को स्कूल परिसर तथा परिवार के बारे में कितनी जानकारी पहले से थी। शुरुआती रिपोर्टों में बदमाशों की संख्या और वारदात के समय को लेकर अंतर दिखाई दे रहा है। कुछ रिपोर्टों में तीन नकाबपोश बदमाश और करीब 3:15 बजे का समय बताया गया है, जबकि अन्य रिपोर्टों में दो बदमाशों का उल्लेख है। इसलिए इन बिंदुओं को पुलिस की अंतिम जांच और आधिकारिक पुष्टि के बाद ही निश्चित माना जाना उचित होगा। फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और घटना के पीछे की पूरी कहानी सामने आना बाकी है।