नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने कांग्रेस, आम आदमी पार्टी समेत अन्य को उन तमाम सोशल मीडिया पोस्ट को हटाने को कहा है जिनमें बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव दुष्यंत गौतम का नाम अंकिता भंडारी हत्याकांड से जोड़ा गया है। कोर्ट ने इसके लिए 24 घंटे का वक्त दिया है। इसके साथ ही हाई कोर्ट ने कहा है कि अगर 24 घंटे में ये पोस्ट नहीं हटते तो सोशल मीडिया प्लेटफार्म उन्हें हटाएंगे। कोर्ट ने कहा है कि आगे भी कांग्रेस, AAP या बाकी की ओर से ऐसा कोई कंटेंट पोस्ट या प्रसारित नहीं होना चाहिए।

गौतम ने कांग्रेस समेत कई अन्य पर किया है मानहानि का केस
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव एवं उत्तराखंड प्रभारी दुष्यंत गौतम ने इस हत्याकांड में उनका नाम उछाले जाने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और कुछ अन्य लोगों के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया है। दुष्यंत गौतम ने अदालत से उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों से जुड़े कंटेंट को हटाने और 2 करोड़ रुपये का हर्जाना देने की मांग की है।
वहीं, मंगलवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी भाजपा के महासचिव एवं प्रदेश प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम को क्लीन चिट देते हुए कहा कि अंकिता भंडारी की हत्या के समय वह उत्तराखंड में नहीं थे। इससे पहले, पार्टी मामलों के प्रदेश प्रभारी गौतम ने पूर्व विधायक सुरेश राठौड़, उनकी कथित पत्नी उर्मिला सनावर के खिलाफ देहरादून के डालनवाला थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। गौतम ने डालनवाला थाने के साथ ही अपना शिकायती पत्र देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह और प्रदेश के पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ को भी सौंपा। अपनी शिकायत में गौतम ने राठौड़ और सनावर पर विपक्षी दलों के साथ मिलकर उनके विरूद्ध गहरी साजिश करने का आरोप लगाया है।












